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    अलीगढ़: 30 दिसंबर को गृह मंत्री अमित शाह की रैली में क्या? रैली में कोरोना के नए स्ट्रेन का डर नहीं होगा, देखिए किसने कहा

    ---एक तरफ नाइट कर्फ्यू तो दूसरी तरफ लाखों की भीड़ का आयोजन, अमित शाह के लिए कोरोना नहीं, गरीब जनता के लिए है कोरोना


    अलीगढ़: उत्तर प्रदेश के जनपद अलीगढ़ में 30 दिसंबर को रामघाट रोड ताला नगरी स्थित मैदान में देश के गृह मंत्री अमित शाह जनसभा को संबोधित करेंगे। लेकिन 30 दिसंबर को होने वाली गृहमंत्री की जनसभा को लेकर अन्य पार्टी के दलों ने कोरोना के लगातार बढ़ रहे संक्रमण को लेकर आरोप लगाया गया है। अमित शाह की होने वाली रैली को लेकर समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक जफर आलम ने प्रदेश सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा है कि कोरोना भाजपा की रैली में नहीं आ रहा केवल गरीबों के लिए ही कोरोना हैं।

    जफर आलम पूर्व विधायक समाजवादी पार्टी अलीगढ़

    अलीगढ़ समेत देश-विदेश में फैले कोरोना के नए वेरिएट को लेकर जहां संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। तो वही 30 दिसंबर को देश के गृह मंत्री अमित शाह अलीगढ़ जिले के ताला नगरी में एक बड़ी रैली को संबोधित करेंगे। अमित शाह की रैली को लेकर समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक जफर आलम ने प्रदेश सरकार पर सवालिया निशान खड़ा करते हुए कोरोना को लेकर तंज कसते हुए कहा है कि भाजपा की रैली में कोरोना नहीं आ रहा है।बल्कि कोरोना केवल गरीबों के लिए आ रहा है।

    उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जहां 11:00 बजे के बाद नाइट कर्फ्यू लगा दिया गया। तो वही अलीगढ़ जिले में जिला प्रशासन की मौजूदगी में राजकीय औद्योगिक एवं कृषि प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। गंगा जमुना तहजीब की मिसाल नुमाइश में लाखों की तादात में भीड़ शिरकत करने के लिए पहुंच रही है। तो वहीं प्रदेश सरकार कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रोन को लेकर खतरा बताते हुए धारा 144 लगा नाइट कर्फ्यू लगा दिया है। 

    ऐसे में बड़ा सवाल खड़ा होता है जहां प्रदेश सरकार द्वारा कर्फ्यू लगा दिया गया तो वही इतने बड़ा आयोजन करते हुए लोगों की जान के साथ खिलवाड़ क्यों? किया जा रहा है। नुमाइश मैदान में पहुंचने वाली भीड़ के लिए न सैनिटाइजेशन का प्रबंध हो सकता है और ना ही मास्क का पालन किया जा सकता है। समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक जफर आलम ने प्रदेश सरकार पर तंज कसते हुए कई गंभीर आरोप लगाएं। 

    उन्होंने कहा कि उनकी समझ में नहीं आ रहा कि नाइट कर्फ्यू के बाद नुमाइश मैदान से जब कोई व्यक्ति लौट कर वापस अपने घर जाएगा तो क्या? कर्फ्यू के उल्लंघन की धारा धारा 144 के उल्लंघन में उसको बंद कर मुकदमे चले चलाएं जाएंगे। उनको ऐसा लगता है कि प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन इस बात को लेकर कंफ्यूज हैं।जबकि प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन दोनों के फैसले एक दूसरे के विपरीत है। जहां एक तरफ 11:00 बजे के बाद नाइट कर्फ्यू लगाया गया तो वही दूसरी तरफ जिले में लाखों की भीड़ के लिए नुमाइश का आयोजन किया जा रहा।

    आरोप है कि हाई कोर्ट द्वारा इलेक्शन कमिशन से कहा गया है कि कोरोना को लेकर चुनाव पर विचार किया जाए। हाई कोर्ट द्वारा इलेक्शन कमिशन से कहा गया है कि सरकार भूमिका बांध रही है इस बात के लिए की चुनाव को अभी पोस्टपोनड कर दिया जाए। जबकि भाजपा सरकार चुनाव को लेकर डरी हुई है। क्योंकि भाजपा सरकार को चुनावी मौसम बदले हुए नजर आ रहे हैं। 

    चुनावी मौसम बदलने के चलते भाजपा सरकार चाहती है कि चुनाव को रद्द करने की है। जबकि 30 दिसंबर को होने वाली अमित शाह की रैली में समाजवादी पार्टी के लोगों द्वारा काले झंडे दिखाए जाएंगे।उन्होंने कहा कि 30 दिसंबर को अमित शाह रैली हजारों की भीड़ संबोधित करेंगे। जिसके लिए अमित शाह को जिला प्रशासन ने रैली करने की अनुमति दी है। अमित शाह की रैली में कोरोना का खतरा नहीं हैं। बल्कि कोरोना का खतरा गरीब लोगों के लिए है।

    जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के जनपद अलीगढ़ में समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक जफर आलम ओर लिंक लॉक के मालिक ने उत्तर प्रदेश सरकार पर कोरोना ओर नाइट कर्फ्यू लगाए जाने को लेकर जमकर हमला किया। पूर्व विधायक ने अपने कार्यालय पर मीडिया से बातचीत में जफर आलम ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कोरोना के नाम पर जनता का उत्पीड़न कर रहे हैं। प्रदेश सरकार ने कोरोना को देखते हुए रात 11 बजे से सुबह पांच बजे तक का नाइट क‌र्फ्यू लगाया जा रहा है। प्रदेश सरकार का यह तानाशाही फरमान है। 

    जबकि 30 दिसंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ताला नगरी स्थित मैदान में रैली का आयोजन किया जा रहा है। 30 दिसंबर को गृह मंत्री अमित शाह की रैली में हजारों की संख्या में भीड़ पहुंचेगी। अमित शाह की रैली में क्या तब कोरोना का डर नहीं रहेगा। इधर, अलीगढ़ जिला प्रशासन ने नुमाइश में आए व्यापारियों से टेंडर, दुकान, स्टाल के नाम पर मोटी रकम ले ली है। रात में लाखों की भीड़ के बीच लगने वाली नुमाइश का क्या होगा? इससे तो कोरोना के नियमों की धज्जियां उड़ाई जाएगी। 

    समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक जफर आलम ने प्रदेश सरकार पर सवालों की बौछार करते हुए आरोप लगाया कि देश सरकार ने रात 11:00 बजे से सुबह 5:00 बजे तक नाइट कर्फ्यू लगाया गया है इस दौरान धारा 144 लगाई गई है। क्या रात 11 बजे के बाद नुमाइश में पहुंचने वाली जनता को गिरफ्तार किया जाएगा। प्रदेश सरकार द्वारा सुनाए गए फरमान के बाद यदि नुमाइश बंद की जाती है। तो इससे दूरदराज राज्यों से नुमाइश मैदान पहुंचे दुकानदारों और व्यापारियों को नुकसान होगा। उसका जिम्मेदार कौन होगा? सपा की ओर से उन्होंने मांग की कि यदि नुमाइश बंद होती है तो इस स्थिति में दुकानदार और व्यापारियों का पैसा वापस किया जाए। 

    यदि ऐसा नहीं होता है तो महानगर समाजवादी पार्टी आंदोलन करने पर विवश होगी? क्या यह कोरोना सिर्फ विपक्ष और गरीब, किसान, नौजवान और व्यापारी के लिए ही है।जबकि भाजपा के लिए नहीं? भाजपा नेता बड़ी-बड़ी रैली कर रहे हैं। 

    इधर पूर्व विधायक जफर आलम ने आशंका जताई कि 2022 के चुनाव में अपनी हार के डर से कोरोना का षड़यंत्र तो नहीं है? तानाशाही और जनता का उत्पीड़न करने वाली सरकार यह समझ ले कि भाजपा सरकार के उल्टे दिन शुरू हो गए हैं? यह कोई भी षड़यंत्र रच ले अब जनता ने मन बना लिया है 2022 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने जा रही है।


    Initiate News Agency(INA)

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