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    पीलीभीत: गुजरात की 11 फीट बांसुरी का रिकॉर्ड तोड़ कर 16 फीट लंबी बजाने योग्य बनाई पीलीभीत ने बांसुरी

    --कान्हा की जहां तीनों लोको पर बांसुरी की धुन ने  राज किया वहीं  पीलीभीत की बांसुरी ने बनाया विश्व रिकार्ड

    --बाँसुरी महोत्सव में राजपाल, प्रसन्ना, रोनू, बरेलवी और मैथिली  ने बिखेरे जलवे

    --राकेश चौरसिया, बांसुरी सिस्टर्स देवप्रिया चटर्जी व सुचिस्मिता एवं राजेंद्र प्रसन्ना  बांसुरी वादन कर लोगों को किया रोमांचित

    --कान्हा की बांसुरी को पीलीभीत में ही मिला था आकार, कृष्ण अधरों का साथ पाकर बढा चाहने वालों का प्यार

    पीलीभीत: कान्हा की बांसुरी की धुन ने तीनों लोकों पर जहां राज किया तो वही पीलीभीत ने  16 फीट लंबी बांसुरी बनाकर विश्व रिकार्ड कायम कर दिया इस विश्व रिकार्ड को कायम करवाने का श्रेय पीलीभीत के जिला अधिकारी पुलकित खरे को जा रहा है क्योंकि इन दिनों जनपद के ड्रमंड राजकीय इंटर कॉलेज के विशाल प्रांगण में तीन दिवसीय बांसुरी महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। 

    जनपद को बांसुरी के विश्व रिकॉर्ड बनाए जाने पर इंडिया बुक आफ रिकॉर्ड्स एवं वर्ल्ड रिकॉर्ड इंडिया द्वारा वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित होने का सर्टिफिकेट दिया गया तो हजारों की भीड़ ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उत्साहवर्धन किया विश्व में पीलीभीत की बांसुरी का रिकॉर्ड स्थापित होने पर जिला अधिकारी पुलकित खरे को हार्दिक शुभकामनाएं मिल रही है वही जनपद वासी अपने आप को गौरवशाली समझ रहे। द्वापर युग में मथुरा में प्रकटे भगवान श्री कृष्ण को सबसे प्रिय बांसुरी थी। बांसुरी की धुन पर उन्होंने तीनों लोको को बस में कर रखा था। बांसुरी बजाने पर जहां गाय दौड़ी आती थीं वहीं गोपियां रास रचाने चली आती थीं। 

    शायद कम लोगों को ही पता होगा कि भगवान श्री कृष्ण की प्रिय बांसुरी का निर्माण ब्रज प्रांत के ही जनपद पीलीभीत में हुआ था  लोग यह बात इसलिए भी नहीं जानते होंगे क्योंकि इतिहासकार शायद इसे लिखना ही भूल गए या फिर जानबूझकर ही ऐसा किया गया होगा। परन्तु यह सच है कि कान्हा के अधरों का साथ पाकर ही पीलीभीत की बांसुरी दुनियां भर में मशहूर हुई। अब पीलीभीत में बांसुरी महोत्सव के जरिए जनपद को एक नई पहचान दिलाने का प्रयास शुरू हुआ है।

    जनपद में चल रहे तीन दिवसीय बांसुरी महोत्सव में विश्व की सबसे बड़ी 16 फीट लंबी बजाने योग बांसुरी का निर्माण पीलीभीत के जिला अधिकारी पुलकित खरे के दिशा निर्देशन में बांसुरी निर्माता रईस अहमद मैसर्स गोल्ड रस फ्लूट पीलीभीत उनके साथियों के द्वारा किया गया। 

    बीती रात ऐतिहासिक बांसुरी के निर्माण को दर्ज करने के लिए इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड एवं वर्ल्ड रिकॉर्ड इंडिया नामक दो एजेंसियों ने 18 सितंबर की रात 9:05 पर जब बांसुरी वादक राकेश चौरसिया एवं बांसुरी सिस्टर्स देबोप्रिया चटर्जी व सुचिस्मिता ने जब बांसुरी में स्वर फूंके तो पूरे पांडाल में तालियों की गड़गड़ाहट गूंजने लगी और दोनों एजेंसियों ने पीलीभीत को विश्व की सबसे बड़ी बांसुरी निर्माण के लिए वर्ल्ड रिकॉर्ड का सर्टिफिकेट प्रदान किया चारों ओर से जिला अधिकारी पुलकित खरे को उनके इस अथक प्रयास के लिए बधाइयां मिलने लगी वही जनपद के लोगों ने बांसुरी नगरी की  बांसुरी का विश्व रिकॉर्ड में दर्ज होने पर अपने आप को गौरवशाली माना। 

    इससे पहले 11 फीट लंबी बजाने योग्य बांसुरी का रिकॉर्ड गुजरात के जामनगर के भरत सिंह परमार एवं उनके साथियों के नाम दर्ज था पूरे विश्व में बड़े पैमाने पर बांसुरी के निर्माण करने वाले पीलीभीत का कब्जा हो गया।

    बांसुरी महोत्सव बांसुरी में मधुर स्वर फूंकने जहां अंतरराष्ट्रीय बांसुरी वादक पंडित राजेंद्र प्रसन्ना, रोनू मजूमदार व बाँसुरी सिस्टर्स देवप्रिया चटर्जी एवं सुचिस्मिता  ने बांसुरी वादन किया तो वही भारतीय गायिका मैथिली ठाकुर ने मैथिली नाइट में लोगों को भजन गीत गाकर मंत्रमुग्ध होने पर विवश कर दिया। 

    हास्य फिल्म अभिनेता राजपाल यादव ने हास्य के ठहाके लगाकर एवं अपनी राज्यपाल की पाठशाला से लोगों को हंसाया गुदगुदाया  और कर्म के प्रति सजग रहने  की  बात कही। हिमालय पर्वत की प्रमोद दायिनी शिवालिक पहाड़ियों की तलहटी में बसे अपने अंक में प्राकृतिक सौंदर्य को समाए हुए जनपद पीलीभीत ऋषि वशिष्ठ की पुत्री आदि गंगा गोमती नदी के उद्गम एवं भगवान श्री कृष्ण की अति प्रिय मुरली निर्माण की पावन धरा है। 

    जहां बड़े पैमाने पर बांसुरी का निर्माण किया जाता है मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार ने जनपद की पहचान व एक जनपद एक उत्पाद के अंतर्गत पीलीभीत के बांसुरी उद्योग को चयनित किया  इस उद्योग को बढ़ावा देने के लिए जनपद के जिला अधिकारी पुलकित खरे लगातार प्रयासरत होते नजर आए उन्होंने पिछले दिनों बांसुरी उद्योग में पीढ़ियों से जुड़े कारीगरों व बांसुरी का कार्य करने वाले व्यवसायियों से मुलाकात कर बांसुरी बनाने की प्रक्रिया को समझा और कारोबार को बढ़ाने में आ रही समस्याओं के संबंध में भी बातचीत की थी।

    नगर के मोहल्ला शेर मोहम्मद के इकरार नबी ,नावेद, नबी, इसरार हुसैन अन्य कारीगरों  ने जिला अधिकारी पुलकित खरे को अवगत कराया था कि असम के सिलचर से डोलू व मूली बॉस ट्रेन के माध्यम से जनपद में लाया जाता था परंतु 20 वर्ष पूर्व सिलचर से गुवाहाटी व बरेली तक छोटी लाइन बंद हो जाने के कारण कच्चा माल ट्रेन के माध्यम से आना बंद हो गया जिस कारण से बांसुरी के लिए प्रयुक्त होने वाला बांस जनपद तक लाने में काफी महंगा पड़ने लगा जिस कारण छोटे कारोबारी एवं कारीगरों द्वारा अपना कारोबार मजबूर होकर बंद करना पड़ा आज सड़क मार्ग के माध्यम से बांस आयात किया जाता है।

    जो काफी महंगा पड़ता है साथ ही उनके द्वारा बाजार की उपलब्धता के संबंध में भी अवगत कराया गया कि पूर्व में अमेरिका ,डेनमार्क सहित कई देशों में बांसुरी भेजी जाती थी परंतु अब निर्यात पूरी तरह से बंद हो गया है जिससे देश के अंदर ही निर्मित बांसुरी को बेचा जाता है कारीगरों ने यह भी बताया कि चाइनीज माल आने के कारण भी इस उद्योग पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।

    जिस पर जिला अधिकारी पुलकित खरे ने

    बांसुरी उद्योग को बढ़ावा देने की बात कही और जनपद में ही बांसुरी बनाने के लिए प्रयुक्त किए जाने वाले डोलू बांस के उत्पादन करने हेतु आवश्यक वातावरण व वन विभाग से समन्वय स्थापित कर बांस का उत्पादन  करने हेतु जिला उद्योग अधिकारी को निर्देशित भी किया था उन्होंने यह कहा था कि डोलू बांस का प्रयास के साथ उत्पादन किया जाए जिससे स्थानीय कारीगरों को पुनः इस व्यवसाय में जोड़ा जाएगा बांसुरी हेतु बाजार की व्यवस्था हेतु बड़े बड़े संगीतज्ञ को बुलाकर बांसुरी महोत्सव का आयोजन कर पुनः से पीलीभीत की बांसुरी की पहचान स्थापित की जाएगी। 

    जिला अधिकारी पुलकित खरे की पहल पर  बांसुरी उद्योग एवं उद्योग से जुड़े कारीगरों और कलाकारों को एक मंच पर लाने का मकसद जनपद में तीन दिवसीय दिवसीय बांसुरी महोत्सव ड्रमंड इंटर कॉलेज के प्रांगण में आयोजित हो रहा है जिसकी शुरुआत गणेश वंदना के साथ हुई थी।

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    बांसुरी महोत्सव में  अमर शहीदों व स्वतंत्रता सेनानियों की वीर गाथा व प्रदेश सरकार की उपलब्धियों का लगया गया मेगा स्टाल

    बॉसुरी महोत्सव में सूचना विभाग के द्वारा रूहेलखण्ड के अमर शहीदों व स्वतंत्रता सेनानियों की वीर गाथा एवं उत्तर प्रदेश सरकार की उपलब्धियों से सम्बन्धित कॉर्नर का मेगा स्टाल की प्रदर्शनी लगाया गया । मेगा स्टाल में रूहेलखण्ड के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानियों व अमर शहीदों की प्रदर्शनी लगाई , जिसमें उनके द्वारा देश की स्ततंत्रता के लिए बलिदान एवं योगदान को प्रदर्शित किया । 

    साथ ही साथ उनसे सम्बन्धित कहनियों के वीडियो क्लिप के माध्यम से योगदान को दिखाया जा रहा है  1857 की क्रान्ति से लेकर स्वतंत्रता तक के प्रमुख सेनानियों के योगदान पर आधारित प्रदर्शनी में अशफाक उल्ला खां, रोशन सिंह, पं0 रामप्रसाद बिस्मिल, कुंवर भगवान सिंह, दामोदर दास, रामस्वरूप जैसे अनेकों स्वतंत्रता सेनानियों की गाथाओं का वर्णन किया गया है

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    फिल्म सिलसिला में पीलीभीत की बांसुरी सजी थी फिल्मी कलाकारों के अधरों पर

    देश-विदेश में ख्याति अर्जित करने वाले भारतीय फिल्म उद्योग के सुप्रसिद्ध संगीतकार हरिप्रसाद चौरसिया के अधरों पर भी पीलीभीत की बांसुरी सज चुकी है बॉलीवुड के बेताज बादशाह अमिताभ बच्चन अभिनीत फिल्म सिलसिला के एक गीत में पीलीभीत की बांसुरी कलाकारों के अधरों पर सजी थी।


    कुंवर निर्भय सिंह 

    Initiate News Agency(INA). पीलीभीत 

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