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    लखनऊ। उप मुख्यमंत्री डा दिनेश शर्मा ने उर्दू के विख्यात कवियों, शायरों, लेखकों एवं पत्रकारों को सम्मानित किया

    ▪️उर्दू दिवस की पूर्व संध्या पर उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी में उर्दू के विख्यात कवियों, शायरों, लेखकों एवं पत्रकारों का सम्मान समारोह का किया गया आयोजन

    ▪️उर्दू किसी एक धर्म की ज़बान नहीं है। यह सब की ज़बान है, यह प्यार और मोहब्बत का संदेश देती है

    ▪️उर्दू भाषा के उन्नयन के लिए हर संभव सहयोग किया जाएगा

    ▪️प्रदेश सरकार सबका साथ सबका विकास के एजेंडे पर कार्य करते हुए बिना किसी भेदभाव के समाज के सभी वर्गों के लोगों को विकास परक योजनाओं का लाभ पहुंचा रही है: उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डा दिनेश शर्मा ने आज उर्दू दिवस की पूर्व संध्या पर विभूतिखंड गोमतीनगर, लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी भवन के ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में उर्दू दिवस की मुबारकबाद देते हुए कहा की समाज के प्रति उत्कृष्ठ योगदान देने वालो को सम्मानित करने से उन्हें समाज के प्रति और अच्छा कार्य करने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि लखनऊ अपनी तहजीब के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। उल्लेखनीय है कि फखरुद्दीन अली अहमद मेमोरियल कमेटी उत्तर प्रदेश के तत्वाधान में उर्दू दिवस की पूर्व संध्या पर आज यहां विभूतिखंड गोमतीनगर, लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी भवन के ऑडिटोरियम में उर्दू के विख्यात कवियों, शायरों, लेखकों एवं पत्रकारों का सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।


    उप मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि उर्दू किसी एक धर्म की ज़बान नहीं है। यह सब की ज़बान है, यह प्यार और मोहब्बत का संदेश देती है। यह धर्म की सीमाओं को तोड़ती है। उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि जिस तरह का समन्वय भाषाओं में है उसी तरह का समन्वय हिंदू और मुसलमान भाइयों में भी रहे, जिससे सामाजिक सद्भाव बना रहे।


    डा शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा उर्दू के विकास के लिए विशेष प्रयास किये जा रहे हैं। सरकार द्वारा संस्थान की उचित मांगों पर विचार कर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। उर्दू भाषा के उन्नयन के लिए हर संभव सहयोग किया जाएगा। प्रदेश सरकार सबका साथ सबका विकास के एजेंडे पर कार्य करते हुए बिना किसी भेदभाव के समाज के सभी वर्गों के लोगों को विकास परक योजनाओं का लाभ पहुंचा रही है। 


    प्रदेश में साढे चार साल में एक भी सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि देश तेजी से प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है इस तेजी में संस्थान भी पीछे ना रह जाए इसके लिए जरूरी है कि संस्थान को भी डिजिटलकरण की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। संस्थान को उर्दू के विकास के लिए और भी तेजी से कार्य करना चाहिए।


    इस अवसर पर डॉक्टर अखिलेश मिश्रा (आईएएस),  एजाज जैदी, डॉ नसीम निकहत, जमीर अहमद सिद्धकी, अकबर अली, सै० शकील रिजवी, डॉ असमत मलीहाबादी, डा तकी अली अब्दी, एस एन लाल तथा प्रोफेसर अब्बास रजा नैयर को सम्मानित किया गया।


    इस अवसर पर फखरुद्दीन अली अहमद मेमोरियल कमेटी के अध्यक्ष सै० अतहर सगीर जैदी (तुरज जैदी), शारिब रुदौली, अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य सरदार परविंदर सिंह, आईएएस  अखिलेश मिश्रा, प्रो. अब्बास रजा नैय्यर, संजय चौधरी, तनवी रिजवी, रूमाना सिद्दीकी, आशिफ रिजवी सहित उर्दू के विख्यात कवि, शायर, लेखक एवं पत्रकार एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

    Initiate News Agency (INA) , लखनऊ 

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