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    शाहजहांपुर। एसएस कॉलेज में महान भारतीय वैज्ञानिक डॉ. जगदीश चंद्र बसु की जयन्ती मनाई गई

    शाहजहांपुर। एस.एस. कालेज के रसायन विज्ञान विभाग की ओर से महान भारतीय वैज्ञानिक डॉ. जगदीश चंद्र बसु की जयन्ती मनाई गई। इस अवसर पर छात्रों को संबोधित करते हुए रसायन विज्ञान के अध्यक्ष डॉ. आलोक कुमार सिंह ने कहा कि जगदीश चंद्र बोस बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। 

    उन्होंने रेडियो और माइक्रोवेव ऑप्टिक्स के अविष्कार के साथ पेड़-पौधों के जीवन पर भी बहुत सी खोज की। वह भौतिक वैज्ञानिक होने के साथ-साथ जीव वैज्ञानिक, वनस्पति वैज्ञानिक, पुरातत्वविद और लेखक भी थे। रेडियो विज्ञान के क्षेत्र में उन्होंने महत्वपूर्ण योगदान दिया। 

    जेसी बोस की खोज का नतीजा है कि आज हम रेडियो, टेलीविजन, भुतलीय संचार रिमोट सेन्सिग, रडार, माइक्रोवेव अवन और इंटरनेट का उपभोग कर रहे हैं। इस अवसर पर बोलते हुए संगीत विभागाध्यक्ष डॉ. कविता भटनागर ने बताया कि धातुओं में भी भावना और स्मृति होती है। साथ ही इन्होंने प्रयोगों के माध्यम से यह सिद्ध किया कि वनस्पति में भी जीवन होता है। 

    डा. बोस ने एक ऐसा यंत्र बनाया जो वनस्पति के धड़कनों को प्रदर्शित कर सके। उन्होंने सर्वप्रथम पौधों पर संगीत के प्रभाव  को वैज्ञानिक तरीके से सिद्ध किया। इस अवसर डॉ. आदर्श पाण्डेय ने कहा कि बोस एक बहुत अच्छे शिक्षक थे। प्रेसिडेंसी कॉलेज से रिटायर होने के बाद 1917 ई. में इन्होंने बोस रिसर्च इंस्टिट्यूट, कलकत्ता की स्थापना की और 1937 तक इसके डायरेक्टर पद पर कार्यरत रहे। 

    इस अवसर पर डॉ रमेश चन्द्रा ने कहा कि डॉ बसु बसु के पौधों में गतिशीलता मापने वाले यंत्र क्रेस्कोग्राफ के आविष्कार ने ही रेडियो के आविष्कार की भी नींव रख दी थी, लेकिन जी. मार्कोनी को उनके इस आविष्कार के नाम पर पेटेंट कराने के लिए रेडियो के आविष्कार का श्रेय दिया जाता है। 

    डॉ शालीन सिंह ने कहा कि भारतीय बुद्धिमत्ता और इसकी तर्कशक्ति के साथ विज्ञान जगत में इसके अभूतपूर्व कार्य आज भी दुनिया के लिए एक मिशाल हैं। इस अवसर पर डॉ. संदीप दीक्षित, डॉ. चन्दन गिरी, डॉ. केशव शुक्ला, डॉ. मंजीत कुमार, डॉ. सतेन्द्र कुमार और उज्ज्वल कुमार उपस्थित रहे।


    फ़ैयाज़ उद्दीन

    Initiate News Agency(INA) शाहजहाँपुर

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