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    शाहजहांपुर। मुमुक्षु कार्तिक मेले में कृष्ण-सुदामा चरित्र का मंचन किया गया

    शाहजहांपुर। मुमुक्षु कार्तिक मेले के अंतिम दिन  वृंदावन के डॉ. देवकी नन्दन शर्मा की रास मण्डली के कलाकारों ने कृष्ण-सुदामा चरित्र का मंचन द्वारा समापन किया। भगवान श्रीकृष्ण जब संदीपन मुनी के पास शिक्षा ग्रहण करने के लिए गये तो उनकी मित्रता सुदामा जी से हो गयी। एक बार जब वन में लकड़ी लेने सुदामा के साथ गये थे। तब गुरु माता के द्वारा दिया गये चने को सुदामा खा जाते तो जब संदीपन मुनी को यह बात पता चलता है तो संदीपन मुनी श्राप दे देते हैं। 

    शिक्षा समाप्त हो जाने के बाद सभी अपने राज्य को वापस आ जाते हैं। भगवान श्रीकृष्ण द्वरिका के राजा और सुदामा गरीब ब्राह्मण के रूप में किसी तरह से जीवन कर रहे थे। पत्नी के बार बार कहने पर सुदामा जी भगवान श्रीकृष्ण से मिलने के लिए द्वरिका जाते हैं। जब द्वरिका पहुंचते हैं। तो द्वारपाल सुदामा को रोक देते हैं। और कहते हैं कि भगवान श्रीकृष्ण हमारे मित्र हैं तो द्वारपाल उनकी हसी उडाते हैं। उधर जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण को मित्र सुदामा की आने की सूचना मिलती है। 

    तो भगवान श्रीकृष्ण नग्गे पाव ही अपने मित्र सुदामा से मिलने के लिए जाते हैं तो सुदामा जी के पाव के छाले को देख कर रोने लगते हैं और अपने आंसू से सुदामा जी के चरण धोते हैं। उनको नये वस्त्र पहनकर स्वागत करते हैं। उसके उपरान्त भागवान श्री कृष्ण सुदामा द्वारा लाये चावल का सेवन करते हैं और सुदामा जी की दरिद्रता को दुर कर देते हैं। बाल सखा सुदामा की हालत देख द्वारिकाधीश श्रीकृष्ण रो पड़े और उनके नेत्रों से निकल रहे आंसुओं से सुदामा के चरण धुल गए। 

    सुदामा पत्नी द्वारा श्रीकृष्ण के लिए भेंट स्वरूप भेंजे गए कंदुल की पोटली को संकोचवश छिपाने का प्रयास कर रहे थे। इस पर सुदामा से पोटली लेकर श्रीकृष्ण ने दो मुठ्ठी कंदुल खाकर उन्हें दो लोकों का वैभव प्रदान कर दिया। तीसरी बार खाने का प्रयास करने पर पटरानी रुक्मणी उन्हें ऐसा करने से रोक देती हैं। इस मार्मिक मंचन को देख पंडाल में उपस्थित दर्शक भावुक हो उठे। 

    समापन के अवसर पर  मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार में राजस्व परिषद के अध्यक्ष मुकुल सिंघल उनकी पत्नी निवेदिता सिंघल, डीएम इन्द्र विक्रम सिंह और नगर आयुक्त संतोष शर्मा ने कथा व्यास डॉ. देवकीनन्दन शर्मा का शाल ओढ़ाकर स्वागत किया। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी रामसेवक द्विवेदी, नगर मजिस्ट्रेट देवेन्द्र प्रताप सिंह, एसडीएम कपिलदेव यादव, तहिलदार प्रदीप सिंह, डॉ. अवनीश मिश्रा, डॉ. अनुराग अग्रवाल, अशोक अग्रवाल और डॉ. आलोक कुमार सिंह उपस्थित रहे।


    फ़ैयाज़ उद्दीन

    Initiate News Agency(INA) शाहजहाँपुर

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