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    कन्नौज। महंगाई का असर, किसान ट्रैक्टर से जुताई छोड़ फिर से बैलों से जुताई करने पर मजबूर

    कन्नौज। डीजल की महंगाई का असर अब खेती बाड़ी पर नजर आने लगा है। कन्नौज में निचले वर्ग के किसान ट्रैक्टर से जुताई छोड़ फिर से बैलों से जुताई करने के पुराने तरीके पर लौट आये हैं। किसानों का कहना है की डीजल इतना महंगा हो गया है की अब बैल ही सहारा बचे हैं। 

    राकेश ( बैल से खेती करने वाले किसान)

    कन्नौज के इलमापुर गांव के किसान राकेश के पास ट्रैक्टर से खेत जुताई की रकम नही थी। बारिश में अपना सबकुछ गंवा चुके राकेश ने जब देखा की आलू बुवाई का वक्त गुजरा जा रहा है और महंगे डीजल के कारण ट्रैक्टर से खेत जोतने के लिये धन नही है तो उन्हें आखिरी सहारा बैल ही दिखे। किसी तरह गांव में बेकार घूमने वाले दो बैलों को पकड़कर उन्होंने खेत जोतना शुरू कर दिया। जब हमारी टीम ने उनसे बैलों के साथ खेत मे काम करने का कारण पूछा तो उनका साफ कहना था की अब ट्रैक्टर में।डीजल डलवाने के रुपये नही है। इसलिये फिर पुराने तरीके से खेती शुरू की है। 


    कन्नौज के लघु सीमांत किसानों का यही हाल है। अतिवृष्टि में वह पहले ही बर्बाद हो चुके हैं। किसी तरह कर्ज लेकर परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं। महंगाई के चलते डीजल उनसे दूर हुआ हो गया है। तो एक बार फिर किसान खेती करने के पुराने ढर्रे पर लौट आया है। किसानों का कहना है कि बैलों से वक्त जरूर बहुत ज्यादा लग जाता है। ट्रैक्टर के मुकाबले जुताई भी नही हो पाती है लेकिन क्या करें डीजल की महंगाई के चलते खेत खाली तो नही छोड़ सकते। ट्रैक्टर न सही बैल ही सही कम से कम कुछ तो पैदावार होगी।

    रहीश खान                                                                          

    Initiate News Agency (INA), कन्नौज

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