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    अलीगढ़। कहा"बना लो मंदिर इसको फोड़ेंगें- तोड़ेंगे तो हम ही", विरोध पर मुस्लिमों ने हिंदू युवकों को बंद कर की पिटाई, चाकुओं से गोदा,गांव में तनाव,पुलिस फोर्स तैनात

    अलीगढ़। आरोप कहां गया फिर ""बना लो मंदिर लेकिन इसको फोड़ेंगें और तोड़ेंगे तो हम ही""यूपी के अलीगढ़ जिले के थाना टप्पल क्षेत्र के जिस "नूरपुर"गांव में हिंदू लोगों के पलायन का मुद्दा जोरो से उछला था। उसी थाना टप्पल क्षेत्र के गांव नूरपुर में मुस्लिम समुदाय के युवकों द्वारा मंदिर के निर्माण के बाद उद्घाटन करने से पहले ही मंदिर को फोड़ने-तोड़ने की धमकी दी गई। जिसके बाद मुस्लिम समुदाय के युवकों ने मंदिर तोड़ने का विरोध करने पर हिंदू समुदाय के युवकों को कमरे का दरवाजा लगाते हुए कमरे के अंदर बंद कर बेरहमी के साथ पिटाई कर उनके ऊपर पर चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। मंदिर को लेकर दो समुदायों के बीच हुई झड़प की सूचना पर भारी पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गया। नूरपुर गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी घायलों को मेडिकल उपचार के लिए भेजा गया है।

    थाना टप्पल क्षेत्र के गांव नूरपुर में पलायन के बाद एक बार फिर दो समुदायों के बीच मंदिर के उद्घाटन को लेकर टकराव हो गया और टकराव के बाद गांव का माहौल तनाव के बीच गरमा गया। जहां मंदिर के उद्घाटन से पहले मुस्लिम समुदाय के युवकों द्वारा मंदिर को तोड़ने की धमकी दी गई। कहां गया फिर ""बना लो मंदिर लेकिन इसको फोड़ेंगें और तोड़ेंगे तो हम ही""मुस्लिम युवकों द्वारा जब हिंदू समुदाय के युवकों को मंदिर तोड़ने की धमकी दी गई। तो युवकों ने इस बात का विरोध किया। हिंदू युवक के मंदिर तोड़ने के विरोध करने पर मुस्लिम समुदाय के युवकों ने हिंदू समुदाय के युवकों के ऊपर हमला बोल दिया। जमकर मारपीट कर उनको एक कमरे के अंदर घेरकर बंद कर लिया गया। जहां कमरे के अंदर बंद करने के बाद बेरहमी के साथ पिटाई की गई। मारपीट करने के बाद फिर चाकुओं से हमला बोल दिया गया। बंद कमरे के अंदर मुस्लिम युवकों द्वारा हिंदू समुदाय के युवकों के ऊपर चाकुओं से किए गए हमले के बाद चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए चीख-पुकार की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। मौके पर पहुंचे लोगों द्वारा बंद कमरे का ताला खुलवा कर बमुश्किल मुस्लिम समुदाय के युवकों के चुंगल से घायल युवकों को छुड़ाते हुए बंद कमरे से बाहर निकलवाया गया।

    जिसके बाद घटना की सूचना पीड़ित परिजनों के द्वारा थाना टप्पल पुलिस को दी गई। मामला मंदिर तोड़े जाने की धमकी से जुड़ा होने और दो समुदायों के बीच हुए झगड़े की सूचना इलाका पुलिस द्वारा उच्च अधिकारियों को दी गई। गांव के अंदर दो समुदायों के बीच फैले तनाव के बीच सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी खैर थाना प्रभारी भारी पुलिस फोर्स के साथ गांव पहुंच गया। गांव में पहुंची भारी पुलिस फोर्स ने पैनी नजर रखते हुए पूरे मामले को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है। तो वही घटना में घायल हिंदू समुदाय के चारों युवकों को पुलिस ने जख्मी हालत में उपचार के लिए मेडिकल भेज दिया गया है। मौके पर मौजूद पुलिस मामले की जांच कर तफ्तीश में जुटी हुई है। कि घटनास्थल पर मौजूद क्षेत्र अधिकारी द्वारा बताया जा रहा है कि पूरा मामला दोनों पक्षों के बीच 400 रुपये के लेनदेन को लेकर हुआ है। पीड़ित की एफ आईआर दर्ज कराते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस की तरफ से वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

    नूरपुर निवासी पीड़ित देवेंद्र ने जानकारी देते हुए बताया कि उसके बेटे अटारी गांव से आटा पिसवाने के बाद आटा लेकर अपने गांव की तरफ आ रहे थे। तभी गांव के बाहर बनी मुस्लिम समुदाय के लोगों की दुकान पर कोल्ड ड्रिंक पीने के लिए उसके बेटे रुक गए और मुस्लिम समुदाय के युवक की दुकान पर बैठकर ही कोल्ड ड्रिंक पीने लगे।तभी वहां पहले से बैठे 8 से 10 मुस्लिम समुदाय के युवकों ने उनके बेटों से कहा कि तुम्हारा मंदिर का निर्माण पूरा हो गया।जिस पर उसके बेटो ने कहा कि नहीं अभी मंदिर पर निर्माण कार्य चल रहा है। इतना सुनते ही मुस्लिम समुदाय के युवकों ने कहां की ठीक है। मंदिर को बनवा लो। लेकिन इस मंदिर को तोडेंगे तो हम ही, क्योंकि इसके बाद इस मंदिर को तोड़कर हम लोग अपनी मस्जिद ही बनवाएंगे और कहा कि तुम्हारा क्या हक जो तुम लोग यहां मंदिर बनवा रहे। तुम लोग इसी मंदिर में पूजा कीर्तन करोगे। लेकिन हम लोग तुम्हारा यहां मंदिर नहीं बनने देंगे। मुस्लिम समुदाय के युवकों द्वारा मंदिर फोड़ने की कही गई बात को लेकर उसके बेटों ने विरोध किया। विरोध करने की बात को लेकर मुस्लिम समुदाय के युवकों ने उसके बेटों के ऊपर हमला बोल दिया और मारपीट कर उनको दुकान के पीछे बने एक प्लॉट की बाउंड्री वॉल के भीतर ले गए और अंदर से गेट बंद कर लिया। जिसके बाद घर के अंदर बंद कर उसके बेटों के साथ बेरहमी के साथ जमकर मारपीट की गई और मारपीट के बाद चाकू से हमला बोल दिया। जिसमें उसके परिवार के 4 लोगों घायल हुए हैं। सभी घायलों को पुलिस की मौजूदगी में अस्पताल में भर्ती करने के लिए ले जाया गया है।

    घटना के बाद पीड़ित देवेंद्र ने थाना टप्पल पहुंचकर लिखित में तहरीर देते हुए उसके बेटों के साथ घर के अंदर बंद कर मारपीट करने और चाकुओं से हमला कर मंदिर फोड़ने की धमकी देने के आरोप में मुस्लिम समुदाय के युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए तहरीर दी गई है।

    प्रत्यक्षदर्शी गांव नूरपुर निवासी युवक मोहित ने घटना को लेकर बताया कि उसके चाचा के बेटे की मुस्लिम समुदाय के युवकों से कहासुनी हो गई थी। उसी दौरान मोहित अटारी गांव से आटा लेकर अपने गांव नूरपुर जा रहा था। तभी 8 से 10 मुस्लिम समुदाय के युवकों के हाथों में चाकू और बोतल के साथ लोहे की रॉड लगी हुई थी। उसी दौरान मोहित दोनों पक्षों के बीच हो रहे विवाद को लेकर बीच-बचाव किया। जिस पर मुस्लिम समुदाय के युवकों ने मोहित समेत उसके परिवार के लोगों को एक कमरे के अंदर बंद कर दरवाजे का ताला लगाते हुए बेरहमी के साथ मुस्लिम युवकों द्वारा उनकी पिटाई की गई। कमरे के अंदर बंद कर लगाई जा रही पिटाई के बीच चीख-पुकार की आवाज सुनकर उनके परिवार के लोग दौड़कर मौके पर पहुंच गए जिसके बाद बंद कमरे का ताला खुलवा कर उनको बंद कमरे से परिवार के लोगों द्वारा बाहर निकलवाया गया। नूरपुर गांव में हुई घटना को लेकर मौके पर मौजूद क्षेत्राधिकारी इंदु सिद्धार्थ ने कहा कि थाना टप्पल क्षेत्र के गांव नूरपुर में 400 रुपये के लेनदेन को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हुआ हैं। पुलिस द्वारा विधिक कार्रवाई करते हुए एफआईआर पंजीकृत की जा रही है। जबकि घटना में 3 लोग घायल हुए हैं। पुलिस द्वारा तीनों घायलों को मेडिकल परीक्षण के लिए मेडिकल भेज दिया गया है। पुलिस द्वारा गिरफ्तारी को लेकर वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।

    आपको बता दें, थाना टप्पल इलाके के जिस गांव में करीब 1 वर्ष पहले दलित बेटी की बारात मस्जिद के सामने पहुंचने पर मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा मस्जिद के सामने से बारात निकालने को लेकर मस्जिद के सामने बारात चढ़ने से मना कर दिया था। जिसके बाद मस्जिद के सामने बारात चढ़ने को लेकर बारातियों ने विरोध किया था।तब बारातियों के साथ मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा मारपीट की गई थी और बाद मुस्लिम समुदाय के लोगों से खौफ खाकर हिंदू समुदाय के लोगों ने अपने घरों के बाहर ''यह घर बिकाऊ है"' लिखने के साथ ही गांव से पलायन करने को मजबूर हो गए थे। हिंदू समुदाय के लोगों का मुस्लिम समुदाय के लोगों से ख़ौफ खाकर गांव से पलायन करने जानकारी होने पर हिंदूवादी संगठनों में आक्रोश पनप गया था। नूरपुर गांव से हिंदू समुदाय के लोगों के पलायन का मामला प्रदेश सहित देश में चर्चित हो गया था।जहां प्रदेश से लेकर देश के हिंदूवादी संगठनों के लोग सड़कों पर उतर कर पलायन करने वाले हिंदू लोगों नूरपुर गांव पहुंचने लगे थे। जिसके बाद अलीगढ़ के जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के हाथ-पैर फूल गए थे। तो वही जिलाधिकारी और एसएसपी ने हिंदूवादी संगठनों के नेताओं को गांव में जाने से रोक दिया गया था। कई दिनों के बाद मामला शांत होने पर अलीगढ़ के सांसद सहित भाजपा के कार्यकर्ताओं द्वारा गांव के अंदर मुस्लिम समुदाय के लोगों की चार मस्जिद होने की जानकारी होने के बाद पता चला था कि इस गांव हिंदुओ के लिए एक भी मंदिर नहीं है। जहां गांव में कई मस्जिदों के बीच एक भी मंदिर ना होने के चलते हिंदूवादी संगठनों के लोगों द्वारा हवन पूजन करते हुए एक मंदिर की नीव रखते हुए मंदिर का निर्माण कराया जा रहा था। इसी मंदिर की नींव रखे जाने के बाद मंदिर तैयार होने पर हिंदू लोगों द्वारा उद्घाटन किया जाना था। लेकिन मंदिर के उद्घाटन से पहले ही मंदिर के उद्घाटन को लेकर एक बार फिर नूरपुर गांव में मामला दो समुदायों के बीच तूल पकड़ गया है। जहां मुस्लिम समुदाय के कुछ युवकों ने एक दुकान पर हिंदू युवकों को रोक कर सवाल दागा गया कि मंदिर का उद्घाटन कब हो रहा है। जिस सवाल पर हिंदू युवक के द्वारा कहा गया कि जल्द ही मंदिर का उद्घाटन होगा। मंदिर का जल्द उद्घाटन सुनने की बात सुनते ही मुस्लिम समुदाय के युवकों ने हिंदू समुदाय के युवकों को कहा "बना लो मंदिर लेकिन इसको तोड़ेंगे तो हम ही" जिसको लेकर मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने गांव के हिंदू समुदाय के युवकों को मंदिर का उद्घाटन करने से पहले ही इस मंदिर को तोड़ने की धमकी दे डाली हैं।

    अजय कुमार

    Initiate News Agency (INA), अलीगढ़

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