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    अलीगढ़। बच्चे की मौत का कातिल निकला मां का पड़ोसी भतीजा, धमकी भरा पत्र लिख फिर मांगी हत्यारों ने फिरौती, दो हत्यारे गिरफ्तार

    अलीगढ़। थाना पाली मुकिमपुर क्षेत्र के गांव कल्याणपुर में 19 अक्टूबर को पड़ोसी ने रिश्ते की चाची से पैसों के लेनदेन की रंजिश में 11 वर्षीय बच्चे को अगवा किया था। फिर बुलंदशहर ले जाकर दोस्त संग मिलकर उसकी गला दबाकर निर्मम हत्या कर दी गई थी। जबकि 11 वर्षीय बच्चें की हत्या करने वाला कातिल कोई और नहीं बल्कि रिश्ते में म्रतक की मां का लगने वाला पड़ोसी भतीजा ही उसके मासूम बेटे का हत्यारा निकला।तो वही 1 महीने पहले हत्या करने के बाद हत्यारों ने परिजनों को गुमराह करने के लिए खुद के अपहरण की सूचना मृतक के परिजनों को फोन कर दी। अपहरण के नाम पर 4 लाख रुपये के करीब फिरौती की रकम एक चिट्ठी गुजरात का पता लिख गुजरात पहुंचाने की मांग की गई। बच्चें की हत्या के मामले में फंसता देख आरोपियों ने मृतक के परिजनों के घर के गली में गुजरात का पता लिखते हुए धमकी भरा फिरौती मांगने का एक पत्र फेंक दिया गया। जिससे वह अपनी झूठी साजिश में कामयाब हो जाए। लेकिन पुलिस ने धमकी भरा पत्र मिलने के बाद दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया।पुलिस ने अगवा करने से लेकर हत्या करने सहित अपहरण से लेकर चिट्ठी लिख फिरौती की रकम मांगने का खुलासा कर दिया गया।


    जानकारी के अनुसार 20 अक्टूबर को थाना पालीमुकीमपुर मे अमर सिंह कल्याणपुर गांव निवासी ने थाना पालीमुकीमपुर में सूचना दी गई कि उसका 11 वर्षीय बेटा अजय 19 अक्टूबर से घर से गायब हैं और उसका अपहरण हुआ था। सूचना पर थाने में मुकदमा दर्ज कर गुमशुदा 11 वर्षीय बच्चे की तलाश शुरू की गई। लेकिन 23 अक्टूबर को गायब बच्चे के घर के बाहर गली में दरवाजे के पास एक कागज फिरौती के मामले में परिजनों को पड़ा मिला। जिसमें 4 लाख रुपये के करीब फिरौती के पैसे गुजरात पहुंचाने का पता लिख हुआ था। 

    पीड़ित परिवार को अपहरण फिरौती की रकम मांगने का धमकी भरा पत्र मिलने के बाद इसकी जानकारी परिजनों ने पुलिस को दी। धमकी भरा पत्र मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी द्वारा पुलिस अधीक्षक ग्रामीण व क्षेत्राधिकारी छर्रा के नेतृत्व में घटना की बरामदगी के लिए थानाध्यक्ष पालीमुकीमपुर/ स्वाट (जनपद व ग्रामीण) / सर्विलांस की टीमें बनाई गई। कार्रवाई करने के कड़े निर्देश दिए गए। एसएसपी के द्वारा गठित की गई पुलिस टीमों द्वारा गाँव के करीब 200 लोगों से गहनता से पूछताछ की गई तथा गाँव/शहर के मुख्य मार्ग,रेलवे स्टेशन,बस स्टैण्ड व सीमावर्ती जनपदों के 300 से अधिक सीसीटीवी फुटेज चेक किए गए तथा गुजरात के अंकित पते को तस्दीक किया गया। तो पत्र में लिखा पता गुजरात में वह पता नहीं मिला। जिस पर पुलिस को अपने नजदीक आता देख गुमराह करने के लिए एवं पैसे के लालच में दिनांक 19 नवंबर को आरोपी ने अपने घर से गायब होकर अपने दोस्त के साथ मिलकर दिनांक 20 नवंबर को अपने फोन से अपने मामा कैलाश को फोन करके बताया गया कि उसको 2 लोगों ने पकड़ लिया है और  3 लाख 50 हजार रुपये फिरौती की माँग रहे हैं।

    इस सूचना पर तत्काल कार्यवाही करते हुए थाना पर अभियोग पंजीकृत कर गुमशुदा की तलाश हेतु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में गठित की गई पुलिस टीमों ने सर्विलांस टीमों द्वारा गुमशुदा युवक की शीघ्र बरामदगी के लिए गांव गोविंदपुर गनेशपुर निवासी आरोपी और उसके दोस्त को लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में दोनों ने हत्या का करने का जुर्म कबूल कर लिया। फिर आरोपी के दोस्त के साथ उसकी निशानदेही पर बुलन्दशहर जिले के थाना डिबाई क्षेत्र के एदलपुर गांव में सरसों के एक खेत से शनिवार को अपह्त बच्चें अजय का शव बरामद किया गया था।लेकिन शव बरामद करने के बाद पुलिस पूछताछ मे आरोपी ने मनगढ़ंत कहानियां पुलिस को सुनानी शुरू कर दी गई। आरोपी की मनगढ़ंत कहानी पर पुलिस को शक गहरा गया। लेकिन गहनता से पूछताछ करने पर आरोपी ने स्वीकार कर लिया।

    हत्या का जुर्म कबूल करने के बाद आरोपी ने कहा कि मृतक अजय की मां रिश्ते में उसकी चाची लगती है। मृतक अजय की मां से रूपये को लेनदेन को लेकर उसकी मां से रंजिश मानता था और रुपये के लेनदेन का विवाद था। जो रुपयों के लेनदेन को लेकर मुझे व मेरी मां को ताने मारती थी। इसी के चलते मृतक की मां को सबक सिखाने के लिए मौका पाकर मैंने गांव के दुर्गेश बघेल पुत्र ज्वाली के साथ मिलकर उसके बेटे अजय को अगवा कर लिया। फिर अगवा कर अजय को अपने साथ बुलंदशहर ले गए। वहां जाकर बुलन्दशहर के थाना रामघाट क्षेत्र में नहर के किनारे सरसों के खेत में सुनसान जगह में गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। हत्या करके शव को झाड़ियो में फेंक दिया था। लेकिन उसकी हत्या करने के बाद मृतक के परिवार के लोगों को गुमराह करने के लिए 23 अक्टूबर को अमर सिंह के घर के बाहर गली में एक कागज पर गुजरात का पता लिखकर बच्चे अजय की फिरौती मांगने के लिए फेंक दिया गया। जिससे उसके परिजनों को ये कभी पता न चले कि उसकी हत्या हो गयी है।लेकिन फिर उन्हें लगा कि पुलिस पकड़ लेगी, तब खुद के अपहरण होने की झूठी साजिश रची थी।पुलिस दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। 

    जबकि क्षेत्राधिकारी विशाल चौधरी ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि थाना पाली मुकीमपुर क्षेत्र में गांव कल्याणपुर में 19 अक्टूबर 2021 को पड़ोसियों के द्वारा एक 11 वर्षीय बच्चे की रुपयों के लेन-देन को लेकर हत्या कर दी गई थी। 11 वर्षीय बच्चे की हत्या करने के बाद आरोपियों द्वारा बच्चे की हत्या से ध्यान भटकाने के लिए आरोपियों ने खुद के अपहरण करने की झूठी साजिश रचते हुए एक कहानी रची गई। अपहरण की इस झूठी कहानी को सच साबित करने के लिए हत्यारों के द्वारा 19 नवंबर को अपने मामा को फोन किया गया।उसके बाद फोन पर मामा से पैसों की मांग की गई थी।सूचना पर पुलिस ने बच्चे की हत्या कर फोन पर मामा से पैसों की मांग करने वाले आरोपियों को पुलिस ने 20 नवंबर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ के दौरान हत्यारों ने 11 वर्षीय बच्चे की हत्या करना का जुर्म कबूल किया गया।जबकि पुलिस ने हत्यारों की निशानदेही पर बच्चे के कपड़े और सामान बरामद कर लिया गया। पुलिस की तरफ से मामले में वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

    अजय कुमार

    Initiate News Agency (INA), अलीगढ़

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