Header Ads

  • INA BREAKING NEWS

    अलीगढ़। दम तोड़ती है इंसानियत, गौवंश को नौच रहे कुत्ते,अनगिनत गौवंश के शवों से भरी पड़ी गौशाला, शराब के नशे में मदहोश पड़ा कर्मचारी

    अलीगढ़। इंसानियत को शर्मसार कर रूह कपा देने के बाद सालपुर गांव की गौशाला अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है। जहां बड़ी तादाद में आवारा गोवंश मृत पड़े हुए हैं। जिन आवारा गोवंश को आवारा कुत्ते अपने नुकीले दांतों से नोंच-नोंचकर अपनी भूख का निवाला बना रहे हैं। तो वही गोशाला का रखरखाव करने वाला कर्मचारी शराब के नशे में चूर मदहोश पड़ा हुआ है। जबकि मौजूदा ग्राम प्रधान गौशाला की बदहाली को लेकर अनजान बना हुआ है। आखिर गौशाला की बदहाली को लेकर जवाबदेही कौन तय करेगा। सवाल का क्या देगा कोई जवाब


    अलीगढ़ जिले के थाना टप्पल क्षेत्र के गांव सालपुर में इंसान के रूह और दिल को कप कपा देने वाली कुछ तस्वीरें गौशाला से निकालकर वायरल की गई है। जहां सरकार के दावों की पोल खोलने की इन तस्वीरों ने निराश्रित गौशालाओं की दर्दनाक हकीकत बयां की गई है।जबकि यूपी सरकार के उन दावों की पोल खोल कर रख दी गई है। जिन निराश्रित गौशालाओं के लिए यूपी प्रदेश के मुखिया द्वारा अरबों रुपया खर्च किया गया था। सालपुर गांव के अंदर बनी निराश्रित गौशाला के अंदर आवारा गोवंश भूख और प्यास के चलते मृत पड़े हुए हैं। तो वहीं कुछ मृत पड़े गोवंश के पेट से उनके बच्चे निकलकर मृत जमीन पर बदहाली की हालत में पड़े हुए हैं। जबकि जमीन में गड्ढा खोद का खुला छोड़े गए कुछ आवारा मृत गोवंश को आवारा कुत्तों द्वारा नोच नोच कर अपनी भूख का निवाला बनाया जा रहा है। ऐसी भयानक तस्वीरों को देखने के बाद किसी भी इंसान का दिल पसीज सकता है। जबकि गौशाला के हकीकत देखने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आवारा गोवंश के लिए खर्च किए गए अरबों रुपया पर भी सवालिया निशान खड़े करता है। गौशाला की बदहाली और दर्दनाक तस्वीरों को स्थानीय युवक द्वारा अपने मोबाइल में कैद करने के बाद वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल किया गया है। जबकि शासन प्रशासन निराश्रित गौशाला के नजारो से दूर अंजान बने बैठे हैं। जिले के जिन सरकारी रहमुनाओ के कंधो पर इन निराश्रित गौशालाओं की जिम्मेदारी है ऐसे जिम्मेदाराना अफसर गौशालाओं की हकीकत जानने के बाद भी मौन बैठे हुए हैं।

    गौशाला कर्मचारी

    अलीगढ़ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा अरबों रुपए खर्च कर आवारा गोवंश को रखने के लिए निराश्रित गौशाला बनाई गई थी। लेकिन मुखिया की सरकार द्वारा गांवों में बनाई गई निराश्रित गौशाला के अंदर जिंदा गोवंश कम दिखाई पड़ रहे हैं। तो वही गौशाला के अंदर भुखमरी और प्यास से मरे हुए गोवंश की ज्यादा संख्या दिखाई पड़ी हुई है। ऐसा ही एक खौफनाक दृश्य अलीगढ़ जिले की तहसील खैर क्षेत्र के ब्लॉक टप्पल के गांव सालपुर की निराश्रित गौशाला में देखने को मिला है। जहां वहीं के रहने वाले एक स्थानीय युवक द्वारा सालपुर की इस गौशाला की दिल को झकझोर देने वाली गोवंश की एक के बाद एक कई दर्दनाक तस्वीरें अपने मोबाइल में कैद की गई। युवक ने निराश्रित गौशाला में दम तोड़ गई गोवंश सहित भूख प्यास के बिना रह रह कर दम तोड़ रहे गोवंशों की भयानक तस्वीर कैद करने के बाद इन तस्वीरों का वीडियो बनाने के बाद सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। जहां गौशाला के अंदर भूख प्यास से मरने वाले गोवंश को जमीन में गड्ढा खोदकर खुला फेंक दिया गया। जिस गड्ढे में मृत पड़े आवारा गोवंश को आवारा कुत्तों के जरिए नुकीले दातों से नोंचते हुए अपना भूखा पेट भरने के लिए निवाला बनाया जा रहा है। जबकि ना जाने कितने आवारा गोवंश गौशाला की बंजर पड़ी जमीन पर भूख और प्यास के बिना सिसक सिसक का दम तोड़ रहे हैं जबकि इस गौशाला के अंदर मृत पड़े गोवंश की संख्या ज्यादा है। तो वहीं जिंदा गौवंश की संख्या कम देखने को मिल रही है। जबकि आवारा गोवंश को चारा खिलाने वाला कर्मचारी शराब के नशे में चूर बेहोशी की हालत में पड़ा हुआ था। जिस शराबी कर्मचारी के द्वारा दिन निकलने से पहले ही शराब का सेवन कर लिया गया था। जबकि गौशाला में कुछ ऐसे गोवंश में भी पिछले 1 सप्ताह से मृत पड़े हुए थे। जिनको गोवंशों के बीच में रह रहे आवारा कुत्ता नोच नोच करने वाला बना रहे थे। इस दौरान जब युवक को गौशाला की हकीकत कैमरे में कैद कर रहा था उसी दौरान गौशाला की हकीकत कैमरे में कैद करते थे कर्मचारी द्वारा विरोध किया गया। जिसके बाद गौशाला का रखरखाव और देखरेख कर रहे कर्मचारी के बीच नोकझोंक भी हुई और वीडियो बना रहे युवक को देख लेने की धमकी भी दी गई। नोकझोंक के बीच वीडियो बना रहे युवक ने गौशाला में पड़ी गोवंश के ऊपर पड़े कपड़े को उतारा तो मृत पड़ी गोवंश के पेट से एक मासूम लगा रहा पेट से निकलकर मरा पड़े हुए हैं।

    कालीचरण ग्राम प्रधान सालपुर 

    दरअसल पूरा मामला जिला अलीगढ़ के खैर तहसील से  17 किलोमीटर दूर स्थित गांव सालपुर गांव की गौशाला का है। जहां गौशाला में जिंदा गौवंश कम गोवंश के शव ज्यादा नजर आ रहे हैं। वहीं दूसरी ओर शवों को भी कुत्ते नोचते वीडियो में साफ देखे जा सकते हैं। मौजूदा कर्मचारी इंसानियत को झकझोर करने का काम करता दिखाई दे रहा है। यही कारण है गौशाला में रखरखाव के लिए मौजूद कर्मचारी  गोवंश को कुत्तों का निवाला बनने के लिए छोड़ कर शराब के नशे में मदहोश नजर आ रहा है। 

    जबकि सरकार के द्वारा चलाई जा रही तमाम तरह की योजनाएं फिलहाल जमीनी स्तर पर अपनी छाप छोड़ने से पहले ही दम तोड़ती हुई नजर आ रही हैं। योजनाओं के सहारे अपनी जेबों को भरते हुए ग्राम प्रधान नजर आ रहे हैं। यही कारण है इंसानियत शर्मसार होती नजर आ रही है। जहां एक ओर मौजूदा सरकार में जगह-जगह गौशाला बनवा कर उनको संरक्षित व सुरक्षित रखने के लिए करोड़ों रुपए खर्च किए और हर माह गोवंश के रखरखाव के लिए अनुदान भी दिया जाता है। लेकिन यह अनुदान जमीनी स्तर पर गोवंश के लिए कितना लाभदायक हो रहा है। इस बात का अंदाजा आप इन तस्वीरों में साफ लगा सकता है। जहां आवारा गोवंश के लिए चलाई जा रही निराश्रित गौशाला योजना महज एक छलावा साबित हो रही है। जिसके चलते गौशाला में योजना दिव्यांग नजर आ रही है।यही कारण है गोवंश को कुत्ते नोचते नजर आ रहे हैं। रखरखाव के लिए मौजूद कर्मचारी पूरी तरीके से इंसानियत को शर्मसार करने का काम कर रहा है। यही कारण है बिना किसी देखभाल के शराब पीकर  मदहोश नजर आ रहे  कर्मचारी को गौशाला में मौजूद अन्य शव नहीं दिखाई दे रहे। जिसको लेकर कहीं ना कहीं बड़ी लापरवाही गौशाला में देखने को मिल रही है। 

    यशपाल सिंह ग्राम विकास अधिकारी

    मौजूदा ग्राम प्रधान की अगर बात कहीं जाए तो मौजूदा सरकार के द्वारा गौशाला का रखरखाव की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान के ऊपर छोड़ी गई है। लेकिन चंद पैसों के लालच में मौजूदा ग्राम प्रधान गौशालाओं के रखरखाव के साथ-साथ देश की जनता के साथ भी धोखा देते जा रहे हैं कारण है हिंदू मान्यता के अनुसार गोवंश में 135 करोड़ देवी देवताओं का निवास होता है। उसी गोवंश को ग्राम प्रधान महज एक शराबी के ऊपर छोड़ कर अपनी जेवों को भरते नजर आ रहे हैं। यही कारण है लचर व्यवस्था गौशाला में दिखाई दे रही है और गोवंश को कुत्ते नाचते नजर आ रहे हैं अनगिनत गोवंश के शव की कतारे गौशाला में देखने को मिल रही है जिन को दफनाने की कोई व्यवस्था गौशाला में नजर नहीं आ रही। गौशाला के पास मौजूद गड्ढे में गोवंश को दफनाने का काम किया जाता है। जिन्हें कुत्ते उखाड़ कर नाचते नजर आते हैं लेकिन मौजूदा कर्मचारी चंद पैसों के लालच में सब कुछ त्यागते हुए गोवंश को नाचते हुए कुत्तों के हवाले छोड़ कर लापरवाह बन बैठे हैं। लेकिन अब देखना होगा क्या ऐसे लोगों पर प्रशासनिक अधिकारी कोई कार्यवाही करेंगे या नहीं यह देखना ही बाकी है। 

    अजय कुमार

    Initiate News Agency (INA), अलीगढ़

    Post Top Ad


    Post Bottom Ad


    Blogger द्वारा संचालित.