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    अलीगढ़। आजादी के बाद भी विकास कोसों दूर, जान जोखिम में डाल नाव से नदी पार कर रहे कई गांवों के लोग,हर चुनाव में मिलता है भरोसा

    अलीगढ़। आजाद भारत की आजादी के बाद जहां एक ओर देश को बुलेट ट्रेन दौड़ाई जाती है। लेकिन आज भी लोगों को मूलभूत सुविधाओं के लिए पूरी तरह से मोहताज होना पड़ रहा है। इस काल में कितनी सरकारें आईं और गईं। लेकिन देश में सैकड़ों गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं से महरूम हैं। वहीं दूसरी ओर सफेद पोश नेताओं के कोरे वादों के अलावा अभी भी बुलेट ट्रेन मिलने के बाद कई गांवों की जनता को मिट्टी का एक पुल नदी पर नसीब नहीं हो पा रहा है। 


    मामला अलीगढ़ जिले के अकराबाद ब्लॉक के कस्बा के कोडियागंज के पास से गुजर रही बिना पुल की नदी कई गांवों के लोगों के लिए मुसीबत का कारण बनी हुई है। जहां आज के आधुनिक युग मे एक और सूबे के मुखिया विकास के नाम पर अनेको दावे करते है। तो वही दूसरी और अलीगढ़ के कस्बा कोडियागंज में एक जगह ऐसी है। जहा आज भी तेरे गांव के लोगो को अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार करने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ता है। तो कभी-कभी दुर्घटनाओं का सामना भी करना पड़ता है। कस्बा कोडियागंज स्थित एक नदी ऐसी भी है। जो आसपास के सेकड़ो गांव को जोड़ती है और वही नदी पार के लोगो को बाजार आने-जाने के लिये नदी को पार करने के लिये व खेती करने जाने के लिए नाव का सहारा लेना ही पड़ता। जब भी चुनाव आते है। तो जनप्रतिनिधियों के पास इस नदी पर पुल बनवाने के अलावा कोई ओर मुद्दा नही होता और चुनाव जीतने के बाद नेता लोगो का इस ओर कोई ध्यान नही जाता हैं। स्थानीय लोगो ने बताया कि अगर यहां पर पुल बन जाये तो हमे बहुत राहत होगी हमारे बच्चे जो स्कूल जाते है उन्हें भी बहुत दिक्कत होती है। नाव से आने जाने में काफी परेशानी आती है। अगर यहाँ पर पुल बने तो बहुत राहत मिलेगी यह नदी कोडियागंज को और भी कई गांव है। जिन्हें जोड़ती है। अगर पुल बन जाये। तो लोगों के लिए वाहनों का आवागमन भी शुरू हो जाएगा। लेकिन ग्रामीण आज भी उफनती नदी को पार करने को मजबूर हैं। वहीं, अधिकारी अपनी आंखें मूंदे बैठे हैं।

    वही एक बुजुर्ग व्यक्ति ने बताया कि वह अल्हदादपुर से आकर कोडियागंज जा रहे थे और बीच मे जो नदी पड़ती है उसे हमे नाव द्वारा पार करना पड़ता है नाव से आने जाने में और उतरने में काफी परेशानी आती है अगर यहाँ पर पुल बने तो हमे बहुत राहत मिलेगी यह नदी कोडियागंज को और भी कई गांव है जिन्हें जोड़ती है अगर यहाँ पुल बन जाये तो वाहनों का आवागमन भी शुरू हो जाएगा हमे नाव से आने जाने के लिए शुल्क भी देना पड़ता है दिन में कई बार आना जाना होता है ।


    लेकिन आजादी के बाद से 21वी सदी में यह कैसा विकास है कि आज देश में बुलेट ट्रेन दौड़ाई जा रही है तो वही देहात क्षेत्र में गांव में रहने वाले लोग आज भी विकास के पहिए से कोसों दूर हैं। गांव से बाहर जाने के लिए नदी पर पुल नहीं है। जो नदी सैकड़ों को जोड़ती है। नदी पर पुल न होने के चलते कई गांवों के ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डालकर पानी के तेज बहाव के बीच नाव में बैठकर नदी पार करते हैं। तो वही स्कूल में पढ़ने जाने वाले मासूम बच्चे भी नााव में बैठकर नदी पार कर स्कूल जाते हैं। जबकि नदी से नाव के रास्ते से शहर और अन्य जगहों पर आने जाने वाले लोगों को परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। 

    इस दौरान जब क्षेत्रीय लोगों से बातचीत की गई। तो लोगों का जवाब बेहद ही चौंकाने वाला था और कहां कि उनकी ना जाने कितनी पुश्ते इस दुनिया में आई और आकर चले गए। लेकिन जब से इन लोगों ने इस दुनिया में आकर आंखें खोली और जब जमीन पर पैर रखा था। तो तभी से नदी पर पुल की व्यवस्था ना होने के चलते नाव के सहारे ही नदी से गुजर कर अन्य जगहों पर जाना पड़ता है। आज भी ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डालकर नाव में ही दो पहिया वाहन रखकर नदी पार कर रहे हैं। तो वही जो लोग नाव में बैठकर नदी पार नहीं करना चाहते हैं वह लोग 10 से 12 किलोमीटर का चक्कर काटकर पुल पर गुजर कर जाना पड़ता है।ऐसे में यहां हादसों का डर बना हुआ है। लेकिन सरकार विकास के लाख दावे करती हैं लेकिन सरकार के दावे अलीगढ़ के कोडियागंज सहित सैकड़ों गांवों में सरकार की अनदेखी के कारण विकास के दावे पूरी तरह से फेल नजर आते हैं। जिस विकास की बानगी हैं अलीगढ़ का कोडिया गंज कस्बा सहित सैकड़ों के करीब गांव, यह कौड़ियागंज कस्बा सहित आसपास के कई गांव आज भी विकास से कोसों दूर अछूते पड़े हुए हैं। आज हम आपको दिखाने जा रहे हैं। अलीगढ़ जिला मुख्यालय एवं अलीगढ़ मंडल से मात्र कुछ ही दूरी की कुछ ऐसी तस्वीरें हैं। जहां विकास आज भी इन गांवों से अछूता होने के बावजूद विकास की नाव से कोसों दूर है। जहां विकास की गंगा बिना नदी के पुल के सहारे नदी में बह रही है। तस्वीरों में आप देख सकते हैं कि ग्रामीण कैसे जान की बाजी लगाकर नदी में गुजर रही नाव पर बैठकर नदी पार करने को मजबूर हैं। 


    बारिश के समय कोडियागंज नदी में पानी बढ़ने से नदी जलमग्न हो जाती है और नदी के रास्ते का आवागमन पूरी तरह से ठप हो जाता है। जो पानी के तेज बहाव के चलते कई माह के लिए बंद रहता है। मजबूरी में यहां आसपास के सैकड़ों गांवों के क्षेत्रीय लोगों को अपनी जान जोखिम में डालते हुए मोटरसाइकिल चालक एवं राहगीर नाव के सहारे नदी पार करना पड़ रही है। इस समस्या के चलते क्षेत्रवासी वर्षों से जूझते चले आ रहे हैं। परेशान ग्रामीणों ने पूर्व में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों से न जाने कितनी बार शिकायत कर चुके। लेकिन समस्या का निस्तारण नहीं हुआ। हैरत कि बात तो यह है कि इस बात की जानकारी इलाके के विधायक, सांसद सहित जिम्मेदार अधिकारियों को भी है। मगर किसी ने आज तक इन साकड़ा गांव के ग्रामीणों की सुध नहीं ली है। शायद, उन्हें किसी हादसे का इंतजार है। ग्रामीणों का कहना है कि नेता उनके गांव में सिर्फ चुनाव के समय ही आते हैं और पुल बनवाने का वादा कर वोट लेकर चले जाते हैं। नदी पर पुल ना बनने के चलते हैं जनप्रतिनिधियों की वादाखिलाफी को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।

    ग्रामीण बताते हैं कि नदी में पुल नहीं होने की वजह से उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, जिसकी वजह से अन्य जगहों पर पहुंचने के लिए कोडियागंज नदी को पार करना पड़ता है। उफनती हुई कोडियागंज नदी को जान-जोखिम में डालकर पार करना पड़ता है। ग्रामीणों ने इसे लेकर कई बार शासन और प्रशासन के जिम्मेदार नुमाइंदों से कोडियागंज कस्बे की नदी पर पुल बनवाने की मांग की। उनकी मांग पर आज तक किसी ने ध्यान नहीं दिया। जान जोखिम में डालकर ही उन्हें नदी की दूसरी ओर जाना पड़ता है।

    वही एक व्यक्ति ने बताया कि वह अल्हदादपुर से आ रहे है और कोडियागंज बाजार जा रहे है और नाव के द्वारा नदी पार की गई है। यहाँ पर कोई पुल नही है और पुल है। तो वो यहाँ से दस किलोमीटर दूर है लेकिन वहाँ से घूम कर के जाएंगे तो बीस किलोमीटर का फेर पड़ेगा। इसलिए सीधे बिना नदी के सहारे नाव में बैठकर यही से जाते है अगर यहाँ पर पुल बन जाये तो बहुत अच्छी राहत मिलेगी और ये नदी हमारे काफी गांव को जोड़ती है और वो सभी गांव के लोग यही नाव से जाते है हमारा भी यहाँ से रोजाना आना जाना होता है दिन दो चक्कर लग ही जाते है ।

    वही कोडियागंज निवासी नाव के मालिक ने ने बताया कि क्षेत्रीय गांवों के लोगो को नाव से नदी का रास्ता पार कराते है क्योंकि यहाँ पर कोई भी पुल की सुविधा नही है। जब से में जिम्मेदार हुआ है। तब से लोगो को नाव से नदी पार करा रहा हूं काफी लंबा समय हो गया लेकिन अभी तक कोई पुल नही बना है

    Initiate News Agency (INA), अलीगढ़

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