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    लखीमपुर खीरी। डीएम ने मंडी समिति लखीमपुर का लिया जायजा, किसानों से बातचीत कर लिया फीडबैक

    लखीमपुर खीरी। मंगलवार को डीएम महेंद्र बहादुर सिंह के निर्देश पर सभी 150 धान क्रय केंद्रों पर लगाए गए अफसरों ने व्यापक चेकिंग अभियान चलाकर 29 बिंदुओं पर क्रय केंद्रों को जांच करके परखा, जिनकी रिपोर्ट वह डीएम को सौंपेंगे। डीएम ने स्वयं कृषि उत्पादन मंडी समिति राजापुर पहुंचकर धान खरीद की जमीनी हकीकत जानी।

    मंगलवार को डीएम महेंद्र बहादुर सिंह कृषि उत्पादन मंडी समिति राजापुर जा पहुंचे। जहां डीएम को नोडल अधिकारी डीपीआरओ सौम्यशील सिंह क्रय केंद्रों का निरीक्षण करते मिले। डीएम ने सबसे पहले खाद्य विभाग के क्रय केंद्र को देखा, जहाँ धान बेचने आए किसान बलविंदर सिंह से बातचीत करके उनका फीडबैक जाना। उनसे पूछा कि खरीद के दौरान उनसे किसी ने कोई अपेक्षा तो नहीं की। 

    खरीद प्रक्रिया पर उनका मत जाना। इस पर किसान ने जवाब दिया कि साहब उन्हें धान बेचने में कोई असुविधा नहीं हुई, ना तो किसी ने कोई अपेक्षा की, हां टोकन सिस्टम खत्म होने से किसान को राहत जरूर हुई है। डीएम ने पूछा अन्य किसानों का खरीद पर क्या कहना है। 

    किसान ने जवाब में कहा साहब व्यवस्थाएं पहले से बेहतर व आसान हुई हैं। पीसीयू सेंटर के निरीक्षण में क्रय केंद्र प्रभारी शंभू दयाल से अब तक की गई खरीद एवं लाभार्थी किसानों की संख्या जानी। इस दौरान क्रय केंद्र से जहां एक और किसानों का धान क्रय किया जा रहा था, वही किसानों से खरीदा गया धान आवंटित मिलों को भेजने हेतु लोडिंग की जा रही थी।

    डीएम ने मंडी सचिव से नीलामी प्रक्रिया की जानकारी ली, निर्देश दिए कि मानक विहीन धान को नीलामी प्रक्रिया के जरिए वाजिब मूल्य दिलाया जाए। खाद्य विभाग के क्रय केंद्र पर ग्राम मिर्जापुर के किसान गुरनाम सिंह अपने धान की तौल कराते मिले। 

    डीएम ने पूछा कि उन्हें धान बेचने में कोई असुविधा तो नहीं हुई। किसान ने कहा साहब, कोई समस्या नहीं है। आपका नंबर है कोई दिक्कत होगी, जरूर बताएंगे। डीएम ने मंडी परिसर में स्थापित सभी धान क्रय केंद्रों का भ्रमण कर न केवल जायजा लिया बल्कि किसानों से बातचीत करके उनका फीडबैक भी लेते रहे।

    डीएम ने बताया कि शासन की मंशानुरूप किसानों का मानकयुक्त धान न्यूनतम समर्थन मूल्य खरीद सुनिश्चित कराने हेतु जिले के सभी क्रय केंद्रों पर नोडल अफसरों को जिम्मेदारी दी गई। वहीं प्रत्येक केंद्र पर दो लेखपाल, एक ग्राम पंचायत विकास अधिकारी भी लगाए गए हैं। उनका पूरा प्रयास है कि किसी भी किसान को धान बेचने में असुविधा ना हो। 

    वहीं मानक विहीन धान की नीलामी प्रक्रिया के जरिए वाजिब मूल्य दिलवाने हेतु जरूरी निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि सभी एसडीएम अपने क्षेत्र अंतर्गत धान क्रय प्रक्रिया के प्रभारी है, जो नियमित एवं सघन अनुश्रवण कर रहे है। प्रत्येक केंद्र पर तहसील के लेखपाल व राजस्व निरीक्षकों की ड्यूटी रहेगी, जो शासन की मंशानुरूप धान क्रय के लक्ष्य को सुगमतापूर्वक संपन्न करवाने में अपेक्षित सहयोग करेंगे।


    Initiate News Agency(INA)

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