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    अलीगढ़। बिजली के खंबे से चिपक कर हुई, 5 वर्षीय बच्चे की दर्दनाक मौत

      ...... आखिर मासूम की मौत का जिम्मेदार कौन, क्योंकि जिम्मेदार बैठे हैं मोन

    अलीगढ़। यूपी के अलीगढ़ जिले के थाना चंडौस क्षेत्र के गांव में बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। जहां बिजली के खंबे से जमीन में लगे तार में आ रहे करंट से गांव में बच्चों संग खेल रहे एक 5 वर्षीय मासूम बच्चे की बिजली के तार में आ रहे करंट से चिपट कर दर्दनाक मौत हो गई। 5 वर्षीय बच्चे की बिजली के करंट से हुई मौत के बाद विद्युत विभाग पर सहित उन जिम्मेदार उच्च अधिकारियों के ऊपर भी सवालिया निशान खड़े कर दिए जो जिले में जिम्मेदार मोन बैठे हुए हैं हैं। जहां बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही के चलते एक मासूम बच्चा अपने परिवार से दूर हमेशा के लिए मौत के आगोश में सो गया है। तो वही बिजली के खंबे से तार में आ रहे करंट से हुई बच्चे की मौत का आखिर जिम्मेदार कौन?

    उत्तर प्रदेश के जनपद अलीगढ़ के थाना चंडौस क्षेत्र के गांव नंगला जेत में उस वक्त बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है जब बच्चों के साथ खेल रहे एक बच्चे ने जमीन में लगे बिजली के तार को पकड़ लिया बिजली के तार को पकड़ते ही तार में आ रहे करंट में बच्चा बिजली के करंट के साथ तार से चिपट गया। बच्चों के चीख पुकार की आवाज सुनकर दौड़कर मौके पर पहुंचे परिजनों और लोगों के द्वारा काफी मशक्कत के बाद बिजली के तार से बच्चे को अलग किया गया और आनन-फानन में बच्चे के परिजन दौड़कर उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खैर लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टर ने 5 वर्षीय बच्चे को मृत घोषित कर दिया। 5 वर्ष के बच्चे की बिजली के करंट से चिपक कर हुई मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया। जानकारी के अनुसार थाना चंडौस क्षेत्र के गांव नगला जैत निवासी बाबू के बताए अनुसार सोमवार को उसके परिवार के बच्चे गांव के अंदर बच्चों के साथ खेलने के लिए जा रहा था। उसी दौरान गांव के अंदर लगे बिजली के खंभ से सपोर्ट के लिए जमीन में लगाये गए बिजली के तार को खेलते हुए बच्चे ने पकड़ लिया था। बिजली के तार में आ रहे करंट से बच्चा चिपक गया। बिजली के तार से बच्चे को चिपक देख उसके साथ खेल रहे बच्चों ने शोर मचा दिया बच्चों के चीख पुकार की आवाज सुनकर गांव के लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे। जहां बिजली के तार से चिपक रहे बच्चे को काफी मुश्किलों के बाद बिजली के तार से अलग किया गया। आनन-फानन में दौड़ कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खेर लेकर पहुंचे। लेकिन प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने 5 वर्षीय बच्चे को मृत घोषित कर दिया।

     तो वही बिजली विभाग की लापरवाही के चलते एक परिवार के घर का चिराग हमेशा के लिए बुझ गया। लेकिन अब देखने वाली बात होगी कि आखिर जिला प्रशासन बिजली विभाग के अधिकारियों के खिलाफ किस तरह की कार्रवाई कर पाता है। या फिर जिले में बैठे जिम्मेदार अधिकारी अपनी आंख बंद कर मोन बैठे हैं।

    अजय कुमार

    Initiate News Agency (INA), अलीगढ़

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