Header Ads

  • INA BREAKING NEWS

    अलीगढ़। 22 साल पहले लापता हुआ था इंसान, 22 साल बाद पहुंचा घर, मृत समझ परिवार के लोगों ने छोड़ दी थी तालाश

    अलीगढ़।  यूपी के अलीगढ़ जिले के थाना लोधा इलाके के गांव मीर की नगरिया का रहने वाला 22 वर्ष पूर्व लापता हुआ बुजुर्ग रविन्द्र अचानक अपने घर लौट आया हैं। 22 वर्ष बाद लौटने पर उसके परिवार सहित पूरे गांव में चारों तरफ खुशी का माहौल है। जबकि प्रयागराज गंगा स्नान से बिछड़ने के बाद रविंद्र को परिवार सहित हर जगह तलाश किया था। इस दौरान काफी तलाश के बाद जब पता नहीं चला तो परिवार ने मृत समझकर तलाशना बंद कर दिया था। लेकिन परिवार के लोगों को जब कुछ दिन पहले रविंद्र के जिंदा होने की खबर मिली तो परिवार के सभी लोगों के पैरों तले जमीन खिसक गई। क्योंकि काफी तलाश के बाद लापता रविंद्र को उसके परिवार के लोग मृत समझ बैठे थे। लेकिन रविंद्र के राजस्थान के एक आश्रम में होने की जानकारी मिलने पर परिवार के लोग उसको राजस्थान से घर लेकर आए हैं।


    जानकारी के अनुसार गांव मीर की नगरिया निवासी गंगा सहाय का बेटा रविंद्र भांग सहित अन्य नशीले पदार्थों का सेवन करता था। 22 वर्ष पहले भांग का ज्यादा सेवन करने के चलते मानसिक रूप से कमजोर हो गया था। आपको बता दें,वाक्य 22 साल पहले का है। जब गांव के कुछ किसान नेताओं संग गंगा सहाय पुत्र रविंद्र भी मकर संक्रांति के मौके पर प्रयागराज स्नान करने लिए चला गया था। लेकिन प्रयागराज में स्नान करने के बाद अचानक लापता हो गया जिसके बाद अपने घर वापस नहीं लौटा था। प्रयागराज में गंगा स्नान के मौके पर लापता हुए रविंद्र को उसके परिवार के लोगों द्वारा प्रयागराज से लेकर आसपास की सभी रिश्तेदारों में खूब तलाशा गया था। लेकिन काफी तलाश के बाद रविंद्र का कोई सुराग नहीं लगा। लापता का सुराग न मिलने पर समय बीतता गया समय के साथ साथ रविंद्र के परिजनों ने उसको मृत मान बैठे। लेकिन परिवार के लोग जिस रविंद्र को लापता होने के बाद मृत समझ कर बैठ चुके थे उसके बाद एक दिन अचानक उसके जिंदा होने की खबर परिवार के लोगों के बीच पहुंच गई। रविंद्र के 22 साल बाद जिंदा होने की खबर पाकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। जबकि कुछ दिन पहले इलाका लोधा थाना पुलिस को राजस्थान के भरतपुर जिला पुलिस के द्वारा लापता हुए रविंद्र के जिंदा होने के बारे में जानकारी दी गई थी। पुलिस ने रविंद्र के जिंदा होने की जानकारी उसके परिजनों को दी गई। जिसके बाद लापता रविंद्र के परिजन राजस्थान के भरतपुर जिले के अछनेरा रोड स्थित चिकसाना बझेड़ा के अपना घर आश्रम पहुंच गए। परिजनों के आश्रम में पहुंचते ही रविन्द्र ने अपने ताऊ के बेटे मलखान सिंह को देखते ही पहचान लिया। जिसके बाद परिवार के लोग अपने लापता हुए सदस्य हो अपना घर आश्रम से अपने घर गांव लेकर पहुंच गए।

    22 साल के बाद अपने परिवार के बीच पहुंचने के दौरान रविद्र ने परिवार के लोगों को बताया कि प्रयागराज में गंगा स्नान करने के बाद वाराणसी पहुंच गया था। जहां कुछ दिनों तक उसने वाराणसी के पास एक गांव में मेहनत मजदूरी का अपना जीवन काटा। कुछ सालों के बाद मानसिक स्थिति ठीक न होने पर वाराणसी से भरतपुर पहुंच गया था। जहां कुछ लोगों ने उसको सड़कों पर लावारिस हालत में घूमते पाया।तो वही के आसपास के कुछ लोगों ने सड़कों पर घूमता देख उसको फरवरी 2021 में भरतपुर स्थित पास के ही एक अपना घर आश्रम में रखवा दिया गया था। जहां इलाज के दौरान बाद में धीरे-धीरे उसकी याददाश्त वापस लौट आई। याददाश्त वापस लौटने पर उसने नवंबर 2021 की शुरुआत में उसने इलाज कर रहे डॉक्टरों को अपने बारे में जानकारी देते हुए अपना पूरा परिचय सहित अपने घर का पता बताया। जिस पर अपना घर आश्रम के डॉक्टर ने रविंद्र द्वारा दी गई जानकारी पर भरतपुर पुलिस से उसके परिवार और गांव की जानकारी जुटाने में मदद ली गई।जिस पर भरतपुर पुलिस के जरिए थाना लोधा पुलिस को जानकारी दी गई रविंद्र की जानकारी मिलने पर लोधा पुलिस ने उसके गांव में पहुंचकर परिवार के लोगों को उसके मिलने की जानकारी दी गई। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी पर परिजन भरतपुर अपना घर आश्रम पहुंचे फिर रविंद्र को आश्रम से अपने घर ले आए। रविंद्र के 22 साल बाद घर पहुंचते ही उसको देखने के लिए लोगों का जमावड़ा उसके घर पर लग गया तो वही लापता बेटे को पाकर परिवार में भी खुशी का माहौल है।

    अजय कुमार

    Initiate News Agency (INA), अलीगढ़

    Post Top Ad


    Post Bottom Ad


    Blogger द्वारा संचालित.