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    अलीगढ़। डॉक्टर दंपत्ति के घर से आग की लपटों के साथ निकली महिला की मौत, 2 साल से दोनों के बीच थे अवैध संबंध, डॉक्टर दंपती पर दर्ज हुआ था मुकदमा

    अलीगढ़। जिले के थाना क्वार्सी इलाके के स्वर्ण जयंती नगर क्षेत्र में डॉक्टर दंपत्ति के घर से 1 सप्ताह पहले जलती हुई हालत में घर से बाहर निकली महिला की जेएन मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान 8 दिन बाद मौत हो गई है। महिला की मौत की सूचना पर पुलिस ने महिला के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया हैं। मृतक महिला के परिजनों का आरोप है कि उसकी मृतक बेटी और डॉक्टर के बीच 2 वर्षो से अवैध संबंध थे। 1 नवंबर को उसकी बेटी को डॉक्टर और उसकी पत्नी ने फोन कर अपने घर स्वर्ण जयंती नगर बुलाया था।डॉक्टर व उसकी पत्नी ने घर पहुंचते ही घर का गेट बंद कर दिया। जिसके बाद उसके ऊपर डॉक्टर और उसकी पत्नी ने पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी थी।परिजनों का आरोप है कि 2 नवम्बर को डॉक्टर दंपत्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। लेकिन पुलिस ने दोनों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की उल्टा परिवार के लोगों पर विमला की मौत के बाद उसका बिना पोस्टमार्टम कराए अंतिम संस्कार करने का पुलिस द्वारा दबाव बनाया गया हैं। जबकि परिजनों का कहना है कि आरोपी डॉक्टर कमल सिंह के खिलाफ एक महिला द्वारा पहले भी 376 का मुकदमा दर्ज कराया गया था।तो वही कासगंज जिला के ढोलना इलाके में डॉक्टर के साथ रहते हुए एक महिला और मर गई थी। जबकि महिला की मौत के बाद गुस्साए परिजनों द्वारा पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी डॉक्टर दंपत्ति की गिरफ्तारी नहीं करने को लेकर सवालिया निशान खड़े किए गए हैं।


    घटना के बाद महिला विमला निवासी गोकुलेशपुरम, देवसैनी क्वार्सी के पिता हरद्वारी सिंह निवासी गोशपुर भूपालगढ़ी, ढोलना, जिला कासगंज के द्वारा तहरीर दी गई थी। जिसमें कहा गया कि उनकी बेटी, जो छर्रा सीएचसी पर आशा कार्यकर्ता है, उसे खुद डॉक्टर की पत्नी पुष्पलता उर्फ कल्पना ने फोन करके अपने घर बुलाया और फिर पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई थी। तहरीर के अनुसार उनकी बेटी कमल सिंह के साथ अलग रहती थी। इसी के चलते इस घटना को अंजाम दिया गया है। जलने के बाद खुद बेटी ने पिता को फोन करके यह बात बताई है। तहरीर के आधार पर डॉक्टर की पत्नी को घटना का व डॉक्टर को साजिश का आरोपी बनाकर मुकदमा दर्ज किया गया था।लेकिन थाने में एफ आई आर दर्ज होने के बाद भी पुलिस द्वारा आरोपी डॉक्टर दंपत्ति के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की गई।

    उत्तर प्रदेश के जनपद अलीगढ़ के थाना क्वार्सी इलाके के स्वर्ण जयंती नगर में करीब एक सप्ताह पहले सोमवार की देर रात 12 बजे सीएचसी छर्रा पर जुड़ी महिला आशा कार्यकर्ता विमला देवी जलती हुई हालत में डॉक्टर दंपत्ति के घर से बाहर सड़क पर निकली थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने आग की लपटों के बीच घीरी महिला को गंभीर हालत में जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। तो वही महिला विमला निवासी गोकुलेश पुरम, देवसैनी क्वार्सी के पिता हरद्वारी सिंह निवासी गोशपुर भूपालगढ़ी, ढोलना, जिला कासगंज ने क्वार्सी थाने में डॉक्टर दंपत्ति के खिलाफ तहरीर दी दी गई थी। पुलिस ने महिला के पिता की तहरीर पर डॉक्टर दंपत्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। जहां उपचार के लगभग 1 सप्ताह बाद संदिग्ध परिस्थितियों में जली महिला विमला देवी की जेएन मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई। महिला की मौत की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने मृतक महिला के शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। डॉक्टर दंपत्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस पूरे मामले इलाके में लगे सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य पहलुओं पर भी जांच कर रही है।

    जानकारी के अनुसार थाना क्वार्सी इलाके में 1 सप्ताह पहले डॉ. कमल सिंह के स्वर्ण जयंती नगर स्थित घर के मुख्य दरवाजे के अंदर बरामदे में 30 वर्षीय महिला आग की लपटों से घिरी थी और बुरी तरह चिल्ला रही थी। आग की लपटों के बीच घिरी महिला के चिल्लाने की आवाज पर पड़ोसियों ने इलाका पुलिस को बुलाकर किसी तरह घर के अंदर प्रवेश कर आग बुझाई और दरवाजे का ताला तोड़कर महिला को बाहर निकाला गया था।जिसके बाद जलती हुई महिला को जेएन मेडिकल कॉलेज भेजा गया था। लेकिन तब तक महिला 85 फीसदी जल चुकी थी और उसकी हालत बेहद नाजुक थी। बताया जा रहा है कि इस दौरान पुलिस लैपर्ड ने अस्पताल ले जाते उसका बयान मोबाइल में रिकार्ड किया था। जिसके बाद उसी रात में ही जली हुई महिला का मृत्यु पूर्व बयान दर्ज कराया गया था।घटना की सूचना पर रात में ही मौके पर एसपी सिटी कुलदीप सिंह गुणावत, सीओ तृतीय श्वेताभ पांडेय, इंस्पेक्टर क्वार्सी विजय सिंह आदि घटनासल डॉक्टर दंपत्ति के घर पहुंचे पाया कि डॉक्टर घर पर नहीं हैं। और डॉक्टर का फोन भी बंद था। घर में बच्चों सहित बंद डॉक्टर की शिक्षिका पत्नी पुष्पलता उर्फ कल्पना ने कहा कि उन्हें नहीं मालूम की ये महिला कैसे उनके घर के अंदर आई और किसने इसको जलाया है। वह बच्चों संग सो रही थीं। चीख पुकार पर बाहर आईं और दहशत में कमरा नहीं खोला गया। जिसके बाद रात से लेकर मंगलवार दोपहर तक पुलिस ने इलाके में लगे सीसीटीवी खंगाले तो घटना से कुछ देर पहले महिला स्वर्ण नगर जयंती कॉलोनी के अंदर घुसते दिखाई दे रही थी।उस दौरान उसके आगे पीछे कोई नहीं था। मगर घर के अंदर आने जाने का कोई फुटेज नहीं मिला था। हालांकि डॉक्टर ने महिला के साथ अपनी दोस्ती स्वीकारी थी। महिला के साथ हुई घटना की खबर पर मंगलवार सुबह डॉक्टर अपने घर पहुंच गए। पुलिस भी वहां मौजूद थी। डॉक्टर के घर आने की खबर पर सीओ तृतीय व इंस्पेक्टर आदि भी पूछताछ के लिए पहुंचे थे। पूछताछ के दौरान डॉक्टर ने स्वीकारा कि वे जब सीएचसी छर्रा पर बतौर अधीक्षक तैनात थे। तभी से उनकी विमला से दोस्ती और मिलना जुलना हो गया था। वह बेहद चमत्कारी महिला है। इसके पास दैवीय शक्तियां हैं। वह कुछ भी कर सकती है। डॉक्टर ने स्वीकारा कि सोमवार को दिन में उसका इस महिला से झगड़ा हुआ था। इसके बाद पता नहीं क्या हुआ, वह कहां गई। कुछ नहीं मालूम। अब महिला उनके घर में कैसे प्रवेश कर गई और क्यों खुद को जलाया। वह कुछ नहीं जानते।

    डॉक्टर की पत्नी पूरी घटना से अभी तक अंजान

    डॉक्टर की पत्नी ने रात में और सुबह भी पुलिस पूछताछ में खुद को इस घटना से अंजान बताया है। महिला के अनुसार वह बच्चों को लेकर घर के सबसे अंदर वाले कमरे में सोयी हुई थीं। मुख्य दरवाजे का ताला लगा था। अब महिला कैसे अंदर आ गई, यह तो नहीं कहा जा सकता। शोरशराबे पर उसकी नींद नहीं टूटी। पड़ोसियों के दरवाजा पीटने पर नींद खुली। जब वह बाहर की बैठक में आई तो उसने जलती महिला को देख दहशत में दरवाजा नहीं खोला।


    Initiate News Agency (INA), अलीगढ़

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