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    देवबंद। तपोस्थली में चल रहे तीन दिवसीय 17वे वार्षिक महोत्सव में हवन यज्ञ किया गया।

     ......... तपोस्थली मे हवन यज्ञ करते शान्तनु जी महाराज व अन्य श्रद्धालूगण

    ........ गौ माता की सुरक्षा से ही विश्व शांति मुक्ति एवं प्रगति संभव: मनुदेव

    देवबंद। ठाकुरद्वारा सिद्ध कुटी तपोस्थली में चल रहे तीन दिवसीय 17वे वार्षिक महोत्सव के तीसरे दिन का शुभारंभ यजुर्वेद महा पारायण यज्ञ से प्रारंभ हुआ। इस अवसर पर प्राचार्य गुरुकुल सिद्ध कुटी के स्वामी शांतनु जी महाराज ने यज्ञ पाठ एवं मंत्रों उच्चारण के द्वारा यज्ञ में आहुतियां दिलवाकर सभी को यज्ञ के महत्व के बारे में बताया। महोत्सव के प्रथम अधिवेशन का शुभारंभ भजन उपदेशक महाशय अमरेश कुमार आर्य की ईश्वर वंदना से हुआ।


     इस अवसर पर डा0 मनुदेव बंधु विभाग अध्यक्ष गुरुकुल विश्वविद्यालय हरिद्वार ने कहा कि  गौ माता की सुरक्षा से ही विश्व शांति मुक्ति एवं प्रगति संभव है। हमारे वेदों में गाय को विश्व की माता कहा गया है। उन्होंने कहा कि जब बालक की जननी माता मर जाती है ऐसे विपत्ति काल में गाय के दूध से ही उस बालक का पोषण होता है। गाय हमारे व्यापार एवं आर्थिक उन्नति का आधार है। इसके दूध, गोवर, मूत्र एवं चमड़े से व्यापार एवं आर्थिक समृद्धि होती है और हम गाय के व्यापार से आत्मनिर्भर बन सकते हैं तथा दूसरों को रोजगार दे सकते हैं। कहा कि जिस खेत में गाय के गोबर की खाद नहीं पड़ती वह खेत बंजर हो जाता है। गाय हमारी संस्कृति का अभिन्न अंग है इसकी रक्षा एवं सुरक्षा हमारा धर्म है। भजन उपदेशक महाशय राजवी राजे ने गौमाता का जीवन में महत्व भजन के माध्यम से बतलाया की गाय की रक्षा हमारे जीवन की रक्षा है भजन उद्देश्य गौतम आर्य ने महर्षि दयानंद के जीवन आदर्शों को भजन के माध्यम से श्रोताओं के सम्मुख प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि महर्षि दयानंद ने रूढ़िवाद एवं पाखंड को समाज से समाप्त कर हमें वेदों का सही मार्ग दिखलाया तथा वेदों की ओर लौटने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि जो लोग गाय के दूध को हल्का और पतला बताते हैं उनकी बुद्धि छोटी होती है। गाय विश्व का एकमात्र ऐसा पशु है जिसके दूध से सोना तैयार किया जा सकता है। जनेश्वर आर्य ने श्रोताओं को राष्ट्र प्रेम एवं राष्ट्र रक्षा के लिए अपने बच्चों को तत्पर रहने का आहवान किया। समय आने पर भामाशाह की तरह अपना सब कुछ न्योछावर करने की प्रेरणा दी। प्राचार्य स्वामी शांतनु महाराज ने बताया कि भारतीय संस्कृति, शिक्षा एवं राष्ट्रीय स्वाभिमान को बचाने में आर्य समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। जिसका प्रमाण आज भी वैदिक स्कूल कॉलेज हैं। वैदिक समाज एवं आर्यों ने अंग्रेजी शिक्षा से देश की रक्षा एवं संस्कृति के प्रचार एवं प्रसार हेतु अपनी संस्थाएं खोल कर देश में एकता एवं अखंडता की अलख जगाई। कार्यक्रम की अध्यक्षता मंजू गोयल द्वारा की गई। इस अवसर पर डा0 कांता त्यागी, प्रमोद कुमार धीमान, साधु राम, राजकुमार जाटव, महावीर कोरी, हेम सिंह, उज्जवल शर्मा, तुषार एवं योगेश त्यागी तथा शहर के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

    Shibli Iqbal 

    Initiate News Agency (INA), देवबंद

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