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    RBI गवर्नर शशिकांत दास की सेवा में तीन साल का विस्तार, बड़ी बैंकों पर लगा चुके हैं जुर्माना

    RBI गवर्नर शशिकांत दास की सेवा में तीन साल का विस्तार, बड़ी बैंकों पर लगा चुके हैं जुर्माना

    नई दिल्ली : RBI(Reserve Bank Of India) के गवर्नर शशिकांत दास की सेवा में 3 साल का विस्तार कर दिया गया है। इसी के साथ वे ऐसे पहले गवर्नर बन गए हैं, जिन्हें सेवा में 3 साल का विस्तार मिला है। सनद हो कि RBI गवर्नर बनाए जाने से पहले शशिकांत दास(Shashikant Das) वित्त मंत्रालय में आर्थिक मामलों के सचिव थे. उन्हें 11 दिसंबर, 2018 को तीन साल की अवधि के लिए रिजर्व बैंक के प्रमुख के रूप में नियुक्त किया गया था. उन्होंने वित्त, कर, उद्योग और बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण विभागों के अहम पदों पर कार्य किया है और अब उनकी इस सेवा को 3 साल के लिए बढ़ाने का फैसला लिया गया है।  मौजूदा नरेंद्र मोदी की केंद्र सरकार में वे पहले गवर्नर हैं जिन्हें इस पद पर सेवा विस्तार मिला है. इससे पहले जितने भी गवर्नर रहे हैं वे या तो अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं या फिर वो बतौर एकैडमिशियन अपनी सेवा में वापस चले गए हैं। "मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर के रूप में शक्तिकांत दास की पुनर्नियुक्ति को 10.12.2021 से अगले तीन साल की अवधि के लिए या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, को मंजूरी दे दी गयी है।

    RBI(Reserve Bank Of India) के गवर्नर शशिकांत दास

    RBI का गवर्नर बनाए जाने से पूर्व शशिकांत दास वित्त मंत्रालय में आर्थिक मामलों के सचिव पद का कार्यभार भी संभाल चुके हैं। यह भी ज्ञात हो कि 11 दिसंबर, 2018 को तीन साल की अवधि के लिए रिजर्व बैंक के प्रमुख के रूप में उन्हें नियुक्त किया गया था। इस बीच उन्होंने वित्त, कर, उद्योग और बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण विभागों के अहम पदों पर कार्य किया है।

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    SBI और AXIS बैंकों पर RBI लगा चुकी है जुर्माना

    नई दिल्ली : गवर्नर शशिकांत दास की गवर्नेंस में RBI ने विभिन्न दिशा-निर्देशों के उल्लंघन को लेकर बीते 18 अक्टूबर को देश के सबसे बड़े भारतीय स्टेट बैंक(SBI) पर एक करोड़ रुपये और स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक पर 1.95 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। आरबीआई ने एक बयान में कहा था कि ‘भारतीय रिजर्व बैंक ने (वाणिज्यिक बैंकों और चुनिन्दा वित्तीय संस्थानों द्वारा धोखाधड़ी– वर्गीकरण तथा रिपोर्टिंग) निर्देश 2016'' में निहित निर्देशों का पालन न करने पर एसबीआई पर जुर्माना लगाया है।

    इसके अलावा भी आरबीआई(RBI) ने सितंबर माह में एक्सिस बैंक लि. पर अपने 'ग्राहक को जानो (KYC)' के कुछ प्रावधानों के उल्लंघन को लेकर 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था. केंद्रीय बैंक ने कहा था कि फरवरी और मार्च, 2020 के दौरान एक्सिस बैंक के एक ग्राहक के खाते की जांच की गई. जांच में यह पाया गया कि बैंक आरबीआई के केवाईसी(KYC) को लेकर जारी निर्देश, 2016 में निहित प्रावधानों का अनुपालन करने में विफल रहा।

    एक अलग बयान में कहा गया कि 'ग्राहक सुरक्षा- अनाधिकृत इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग लेनदेन में ग्राहकों की सीमित देयता', 'बैंकों में साइबर सुरक्षा ढांचे', 'बैंकों के क्रेडिट कार्ड संचालन' और 'बैंकों द्वारा वित्तीय सेवाओं की आउटसोर्सिंग में आचार संहिता' पर आरबीआई द्वारा जारी निर्देशों का पालन न करने के लिए स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक पर 1.95 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया. यह मौद्रिक जुर्माना बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 के तहत आरबीआई में निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।

    INITIATE NEWS AGENCY(INA), New Delhi(नई दिल्ली)

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