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    मुजफ्फरनगर। महिला अधिकारी को ब्लैकमेल करने के मामले में अधिवक्ता को भेजा गया जेल

    •  अधिवक्ता पर जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय में तैनात महिला अधिकारी के अश्लील फोटो व धमकी भरा पत्र कार्यालय में डालने का हुआ था मुकदमा दर्ज
    • अधिवक्ता असद जमा का वीडियो जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय में लिफाफा डालते हुए सीसीटीवी कैमरे में हुआ कैद
    • अधिवक्ता असद जमा के अलावा एक महिला भी जांच के दायरे में

    मुजफ्फरनगर। जनपद मुजफ्फरनगर में एक महिला अधिकारी को ब्लैक मेल करने और उसकी अश्लील फोटो बनाकर रंगदारी मांगने के मामले में थाना सिविल लाइन पुलिस ने एक अधिवक्ता को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जंहा से न्यायालय ने उसे  जेल भेज दिया है अधिवक्ता को जेल भेजे जाने के बाद पुलिस मामले की बारीकी से छानबीन में जुट गई है पुलिस के अनुसार इस मामले में एक महिला की संलिप्तता भी पाई गई है इसके अलावा और अन्य लोगों के शामिल होने की उसकी जांच के बाद की जाने की बात कही है। 


    दरअसल मामला जनपद मुजफ्फरनगर जिला कलेक्ट्रेट से जुड़ा है जिसमें कचहरी में वकालत करने वाले एक वकील असद जमा के खिलाफ जिला प्रोबेशन विभाग में तैनात एक महिला अधिकारी के परिजनों की ओर से सिविल लाइन थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था जिसमें आरोप था कि अधिवक्ता असद जमा ने रात के अंधेरे में जिला प्रोबेशन विभाग में तैनात एक अधिकारी को ब्लैकमेल करने के उद्देश्य से उसके अश्लील फोटो बनाकर वह उसमें 1000000 रुपए की रंगदारी मांगते हुए एक पत्र एक लिफाफे में बंद कर जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय में गेट के नीचे से डालने को लेकर तहरीर देते हुए मुकदमा दर्ज कराया जानकारी के अनुसार मामला जिलाधिकारी कार्यालय से मात्र 50 कदम की दूरी पर स्थित जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय पर रात के अंधेरे में किसी महिला अधिकारी को ब्लैकमेल करने और रंगदारी मांगने के उद्देश्य से किए गए अपराध को लेकर जिलाधिकारी चंद्र भूषण सिंह ने खुद मामले को संज्ञान में पूरे मामले की गुपचुप तरीके से जांच कराई जांच के दौरान जिला कलेक्ट्रेट में लगे सीसीटीवी कैमरे को खंगाला गया तो उनमें अधिवक्ता असद + जिला प्रोबेशन विभाग के कार्यालय में लिफाफा डालते हुए साफ नजर आए उसी के आधार पर अज्ञात में दर्ज कराए गए मुकदमे मैं अधिवक्ता असद जमा की संलिप्तता पाए जाने से मुकदमे में उसका नाम शामिल कर उसे जेल भेजने के आदेश दिए जिसके बाद गुरुवार को थाना सिविल लाइन पुलिस ने अधिवक्ता असद जमा को गिरफ्तार करते हुए जेल भेज दिया अधिवक्ता के जेल भेजे जाने के बाद कलेक्ट्रेट में हड़कंप मचा हुआ है 

    जानकारी के अनुसार लगभग दो सप्ताह पूर्व कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित प्रोबेशन विभाग के कार्यालय में रात्रि 11.30 बजे आपत्तिजनक सामग्री से भरा लिफाफा डाला गया था। आरोपी के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो जाने के बावजूद भी पुलिस ने तत्काल कार्यवाही नहीं की थी। पुलिस के अनुसार आरोपी पूर्व सभासद असद जमा अधिवक्ता भी है, जिस कारण पुलिस प्रशासन ने योजनाबद्ध तरीके से पहले उसके खिलाफ पक्के सबूत जुटाये और फिर कार्यवाही की तैयारी की। प्रोबेशन विभाग की समस्त महिलाओं द्वारा  अपने शिकायती पत्र में नाम खोलने के बाद भी अज्ञात में थाना सिविल लाइन में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस प्रशासन ने आरोपी अधिवक्ता का नम्बर ट्रेस  कर कई जानकारी जुटाई है । इस सम्बंध में सीओ सिटी कुलदीप सिंह के बताया कि आरोपी असद जमा के खिलाफ प्रोबेशन विभाग के कार्यालय में तैनात महिला कल्याण अधिकारी को ब्लैकमेल कर 10  लाख रूपये की रंगदारी की चिट्ठी उनके कार्यालय में डालने का मामला दर्ज किया गया था, इस लिफाफे में कई अन्य अश्लील  सामग्री भी डाली गयी थी , जिसमें आज गिरफ्तारी हुई है। आरोपी असद जमा को जेल भेजने की तैयारी की जा रही है। बताया जाता है कि पुलिस ने असद जमा के फोन की भी जांच की तो एक दर्जन से ज़्यादा महिलाओं समेत कई अन्य के साथ आपत्तिजनक चैट्स व कॉल मिली है जिनमे एक  महिला प्रोफ़ेसर भी शामिल है , पुलिस इस मामले में कुछ अन्य की भूमिका की भी जांच कर रही है जिनके खिलाफ भी कार्यवाही किये जाने की तैयारी है।

    शारिक खान

    Initiate News Agency (INA), मुज़फ्फरनगर

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