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    लखीमपुर-खीरी: सिर्फ खानापूर्ति के लिए थी डीएम की जांच, पात्रों को होना पड़ा अपात्र

    लखीमपुर-खीरी: जिले में प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना में हो रही जमकर धन उगाही पहले डूडा विभाग ने गरीबों को लूटा फिर नगर पालिका उसके बाद लेखपालों ने लूट कर गरीबो को खा लिया,रही खही अमीनो ने पूरी कसर निकाल ली जिसका फोन मिला उनको बुलाया हुई पैसों की बात फिर जाकर कर दिया पात्र जिनका फोन नहीं मिला और अगर सूत्रो की माने तो डूडा विभाग ने कुछ लोगों का डीपीआर मे नंबर ही नहीं डाला फिर क्या था जिन लाभार्थियों का नंबर मिला उनको बुला लिया अमीनो ने जिनका नंबर नहीं मिला या फिर डीपीआर मे नंबर नहीं पडा था उनको कर दिया अपात्र कारण बस यही की फोन नहीं मिला।

    क्या कहते है सभासद 

    इस संबंध में जब मोहल्ला गोकुलपुरी के वार्ड सभासद से बात हुई तो उन्होंने ने बताया कि सिर्फ एक अमीन मेरे वार्ड में आए जिनका नाम रामौतार निषाद था बाकी के अमीन मेरे वार्ड में आए ही नहीं तो मै बताऊं क्या अब सोचने वाली बात यह है कि जब पहले से डूडा विभाग लेखपाल नगर पालिका की जांच हो गई थी और सबके नाम ऑनलाइन आ गए थे तो इन डीपीआर की जांच करवाना जरूरी नहीं था जांच तो उनकी होनी थी जिनकी खबरें प्रकाशित हुई थी जिन्होंने तीन तीन आवास का पैसा लेकर उडा़ दिया था और आवास बनवाया भी नहीं था आखिर डीएम साहब ने उनकी जांच क्यों नहीं करवाई क्या डीएम साहब ने सिर्फ खाना पूर्ति के लिए ये सब किया था मतलब साफ है ये जांच सिर्फ दिखावे के लिए की गई और पात्र से अपात्र होना पडा गरीबों को मतलब गेहूं के साथ में घुन ही पीसे लेकिन गेहूँ समूचे के समूचे रह गए।

    क्या कहते है विभागीय सूत्र

    जब इस संबंध में विभागीय सूत्रों से फोन पर जानकारी की गई तो उन्होंने बताया कि पहली बात तो इन सब जांच में डूडा विभाग से कोई मतलब नहीं होता हैं क्योंकि ये जांच सिर्फ नगर पालिका और तहसील प्रशासन के लेखपाल और अमीन ही करते हैं लेकिन डीएम शैलेंद्र सिंह ने 2019 मे ये आदेश जारी किया था की डूडा विभाग का एक कर्मचारी नगर पालिका से और लेखपाल अगर तीनों कर्मचारी होते तो इतना घोटाला नहीं होता लेकिन जब सब लाभार्थियों की जांच हो गई और वो पात्र हो गए और उनका ऑनलाइन नाम सो करने लगा तो आखिर में डीएम साहब ने जांच अमीनो को सौंप दी चलो मान भी ले की डीपीआर मे नंबर नहीं पडा हुआ था या फिर नंबर नहीं मिला और अगर अमीन वार्ड मेम्बर से पूछने मे संकोच खाते हो तो उनको डूडा विभाग के कर्मचारियों से तो पूछना था ऐसे कैसे किसी पात्र लाभार्थियों को अपात्र कर दिया अब देखना यह दिलचस्प हो गया है कि क्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अब जनपद में प्रधानमंत्री आवास योजना में कई गई लापरवाही और भ्रष्टाचार की सीबीआई जांच करवाते हैं या फिर ढाक के तीन पात वाली कहावत चरितार्थ साबित होगी ।



    Initiate News Agency(INA), लखीमपुर-खीरी

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