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    लखीमपुर-खीरी। तिकुनिया कांड का मुख्य आरोपी आशीष मिश्र को भेजा गया जेल।

    लखीमपुर-खीरी। तिकुनिया कांड के मुख्य आरोपी केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के पुत्र आशीष मिश्रा को जेल भेज दिया गया है उन पर आंदोलन कर रहे किसानों पर गाड़ियां चढ़ा कर उन्हें मौत के घाट उतारने का आरोप है। 3 अक्टूबर को हुई घटना का आशीष मिश्र को मुख्य आरोपी बनाया गया था ऐसे में मामला केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के पुत्र से जुड़ा होने के चलते काफी हाईप्रोफाइल हो गया था उत्तर प्रदेश सरकार की पुलिस भी रसूख के आगे पूरी तरह बौनी साबित हो रही थी। घटना के कई दिनों बाद तक आरोपी की गिरफ्तारी न किए जाने से इस मामले को सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया और उत्तर प्रदेश सरकार से तत्काल आरोपी को क्यों नहीं गिरफ्तार किया गया इस पर सवाल खड़ा कर दिए। 


    सुप्रीम कोर्ट के डंडे के बाद हरकत में आई यूपी पुलिस ने तत्काल एसआईटी का गठन कर आरोपी आशीष मिश्र को नोटिस भेजकर एसआईटी के सामने पक्षों को प्रस्तुत करने की बात कही। पहली नोटिस के बाद जब आशीष मिश्र नहीं आए तो एक बार फिर सियासी हल्ला मचा और एसआईटी ने तत्काल दूसरी नोटिस देकर अपने सबूत पेश करने के लिए एक दिन और को दिया। 9 तारीख को 11:00 बजे आशीष मिश्र को एसआईटी सेल के सामने आना था वह अपने तयशुदा समय से आधा घंटा पहले ही एसआईटी के बुलावे पर क्राइम ब्रांच ऑफिस पहुंच गए। जहाँ उनसे 12 घंटे की मैराथन पूछताछ की गई और आशीष मिश्र के जवाबों से एसआईटी ने असन्तुष्टि जाहिर करते हुए उन्हें न्यायालय के सामने प्रस्तुत किया। 

    इस मामले की सुनवाई करते हुए उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। 

    घटना में आरोपी आशीष मिश्र के वकील ने जब अपना बचाव का पक्ष न्यायालय में रखा तो जज ने उन्हें सोमवार का दिन सुनने के लिए तय किया। पूरे घटनाक्रम के बाद आशीष मिश्र को जेल भेज दिया गया अब वह 14 दिन की न्यायिक हिरासत में हैं। अब देखना यह होगा कि सोमवार को उनकी तरफ से वकील न्यायालय में क्या साक्ष रखते हैं और क्या उन्हें जमानत मिलती है या फिर लगातार एसआईटी द्वारा यह कहा जाना की आरोपी ने पूछताछ में सहयोग नहीं किया है तो क्या उन्हें पुलिस रिमांड पर लेगी बहरहाल बड़ा सवाल यह भी उठता है कि लगातार केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जहां यह कहते दिखाई दे रहे थे कि उनका बेटा निर्दोष है ऐसे में जब एसआईटी और न्यायालय ने उन्हें जेल भेज दिया तो क्या वह अपना इस्तीफा देंगे वही विपक्ष आज भी उन्हें घेरने का काम कर रहा है विपक्ष का कहना है कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जैसे पद पर रहते हुए इस मामले की निष्पक्ष जांच होना संभव नहीं है -

    शहनवाज़ गौरी

    Initiate News Agency (INA), लखीमपुर खीरी


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