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    देवबंद। अफगानिस्तान से आया पीडित परिवार, अफगानिस्तान के हालात खराब होने की वजह से अभी वहा जाने का इच्छुक नही पीडित परिवार

    • हालात सही होगें तो करेगें अफगानिस्तान जाने पर विचार
    • एलआईयू कार्यालय पहुंचकर दी देवबंद में निवास करने की जानकारी

    ........ किसी पुराने शायर की ये दो पंक्तिया 

    कभी खुद पे, कभी हालात पे रोना आया। बात निकली तो, हर बात पे रोना आया॥  

    देवबंद। अफगानिस्तान के लोगों पर पूरी तरह चरितार्थ हो रही है देवबंद में अफगानिस्तान के हालात और तालिबान के जुल्म का मारा एक परिवार हाल ही में आकर बसा है। इस परिवार के एक सदस्य ने  जब वहा के हालात के बारे में  बात की तो दर्द की लकीरें गहरी होती चली गई और उदास मन से इस परिवार के सदस्य ने बताया कि तालिबानी हुकुमत बनने से अफगानियों का भविष्य अधर में लटक गया है दुनिया में कोई देश अभी तालिबान हुकुमत को मान्यता देने के मूड में नही है जिससे वहां के लोगों के हालात और भी मुश्किल हो गये है।


    देवबंद में अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के मूल निवासी अहमद नवेद कुशानी अपने पिता पाईन्दा मोहम्मद कुशानी, माॅ कैन्डी कुशानी, भाई अहमद हामिद कुशानी और बहन कुदशिया कुशानी के साथ हाल ही में देवबंद पहुंचे और फिलहाल यह परिवार दारूलउलूम वक्फ क्षेत्र में जहीर अहमद के मकान में किराए पर रह रहा है।अहमद नवेद कुशानी ने बताया की  अफगानिस्तान में फिलहाल रहने की स्थिति नही है अहमद नवेद कुशानी ने बताया कि उन्होने लखनऊ स्थित मदरसा नदवा से पढाई की है और वह देवबंद में दौरे हदीस की पढाई करने के लिए आये है। उन्होने बताया कि फिलहाल अफगानिस्तान में हालात बहुत खराब है अफगानी नागरिक वहां रहना नही चाहते, वीजा और पासर्पोट की दिक्कतों के चलते वहा से निकल भी नही पा रहे है और स्थायी हुकुमत ना होने के चलते सरकारी कार्यालय बंद है लोगों के पास रोजगार नही है पैसे नही है सभी व्यवसाय ठप्प हो चुके है।उन्होंने बताया कि फिलहाल तो अफगानिस्तान के हालात बहुत खराब है। वह नही जाना चाहते है उन्होने बताया कि अगर एक दो साल बाद वहा संपर्क कर पर स्थायी सरकार बनती है और हालात सामान्य होते है तो वह जरूर जाएगें क्योंकि उनके खानदान के बहुत से लोग अभी काबुल में ही रह रहे है और उनकी पत्नी भी वही काबुल में है। लेकिन फिलहाल तो अफगाानी लोग वहा से निकलने की जददोजहद में है और वापस जाना अभी संभव नही है।

    कैसे कर रहे भारत में जीवन यापन

    अहमद नवेद कुशानी ने बताया कि वह आनलाईन शिक्षा देने का काम कर रहे है और बहुत से देशो में वह इस्लामिक शिक्षा आनआईलाईन के माध्यम से लोगों को दे रहे है। जिससे परिवार के गुजारे लायक पैसे मिल जाते है। उन्होने यह भी बताया कि उनके माता पिता बीमार है और उनका इलाज चल रहा है।

    अहमद नवेद कुशानी ने मकान स्वामी जहीर अहमद के साथ स्थानीय एलआईयू कार्यालय पहुंचकर मकान स्वामी और उनके बीच हुआ एग्रीमेंट दाखिल किया साथ ही उन्होने एलआईयू कर्मीयों से कानूनी औपचारिकताऐं पुरी करने की जानकारी ली। देवबंद एलआईयू कार्यालय ने अपने स्तर पर जानकारी लेने के बाद उन्हे सहारनपुर में अधिकारीयों से मिलने को कहा है।

    Initiate News Agency (INA),  देवबंद

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