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    शाहजहांपुर। बुखार व डेंगू का क़हर, झोलाछाप डॉक्टर हुए सक्रिय

     --बुखार व जुकाम के नाम पर मरीजों के ग्लूकोस लगाकर बसूल रहे 400 से 1000--

    --राष्ट्रीय सोशल मीडिया संघ ने सीएमओ से कार्यवाही करने की मांग की


    शाहजहांपुर।  डेंगू व मौसमी बुखार से कस्बे व गांवों के लोग कराह रहे और झोलाछाप सक्रिय होकर इसका फायदा उठा रहे हैं। विभागीय लोगों के कोई प्रभावी कदम न उठाने से झोलाछाप जेब पर डाका डालने के अलावा स्वास्थ्य से भी खिलवाड़ कर रहे हैं। 

    ग्रामीण भी मजबूरी में इनसे इलाज कराने के लिए जाते हैं।साहबगंज, हुल्लापुर, कोयला, चौरसिया, इस्लामगंज मार्ग, वाईपास व कस्बे की गलियों तथा गांव के क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टर धड़ल्ले से अपनी क्लीनिक चला रहे हैं। विभाग के इस ओर ध्यान न देने से इनकी दुकान खूब चल रही है। 

    बुखार व डेंगू से कई लोगों की जान जा चुकी और कई लोग बाहर इलाज समय से कराने लगे जिससे वह स्वस्थ हो गये कई अभी भी बाहर इलाज करा रहे है। और पहले तो लोग झोलाछापों के यहां ही इलाज कराते रहे और यह डॉक्टर भी अपने हिसाब से दवा देते रहे। जब हालत खराब हुई तो कोई कानपुर तो कोई सीएचसी या नर्सिंग होम में भर्ती हुआ। बुखार व जुकाम के नाम पर मरीजों के ग्लूकोस की बोतल लगा देते हैं और प्रति बोतल 400 रुपये लेकर 1000 रुपये तक होते हैं। 

    इतना ही नहीं मांग पर यह गांव व घरों में पहुंचकर भी इलाज कर देते हैं, जानकारी के अभाव में भी बिना डिग्री के यह डॉक्टर कितने खतरनाक हो सकते है लोग इलाज कराते हैं। कस्बें सहित ग्रामीण क्षेत्रों में कथित तौर पर डॉक्टर कहे जाने वाले झोलाछापों का जाल फैला है। हर तीसरी गली में एक क्लीनिक चल रहा है। क्लीनिक के नाम पर एक टेबल कुर्सी पर एक व्यक्ति बैठता है और मरीजों का इलाज करता है। 

    क्लीनिक का नाम क्या है, इलाज करने वाले के पास मेडिकल में क्या डिग्री है, इलाज करने वाले व्यक्ति के क्लीनिक का रजिस्ट्रेशन है या नहीं.. यह तो किसी को नहीं पता होता है। इन झोलाछापों का इलाज जान पर भारी पड़ सकता है। झोलाछाप चिकित्सकों द्वारा मरीजों का आर्थिक शोषण करने के साथ ही उनके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। 

    !!स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी से कार्रवाई नहीं!!

    गौरतलब हो कि क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता के कारण कस्बे व ग्रामीण क्षेत्रों में बिना किसी चिकित्सकीय पढ़ाई किए फर्जी चिकित्सक बिना किसी भय के अपनी क्लीनिक खोल कर इलाज कर रहे है और उनसे मनमानी फीस वसूल कर अपनी जेबों को भर रहे है। 

    इसके अलावा झोलाछाप चिकित्सक अपनी क्लीनिक में बड़े बड़े बोर्ड लगाकर खुले आम प्रशासन को अंगूठा दिखा कर लोगों का इलाज कर रहे है। बिना डिग्री के इलाज कर रहे हैं। 12वीं पास झोलाछाप डॉक्टर धड़ल्ले से एलोपैथी दवा और इंजेक्शन के जरिए लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। 

    सस्ते इलाज के झांसे में आकर लोग भी अपनी जिंदगी दांव पर लगा रहे हैं। 15-20 सालों से इलाज कर रहे झोलाछाप डॉक्टर किसी कायदे कानून को भी नहीं मानते, उनके लिए डॉक्टरी के लिए किसी डिग्री की जरूरत नहीं। सिर्फ एक्सपीरियंस ही उनका सर्टिफिकेट हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के नगर के विभिन्न हिस्सों में झोला छाप चिकित्सक धड़ल्ले से अपनी क्लीनिक चला रहे हैं। 

    यह चिकित्सक हर मर्ज का इलाज करने में अपने आप को एक्सपर्ट बताकर ग्रामीण व नगर वासियों के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहे है। यह सब भगवान भरोसे है। विभाग की लापरवाही का ही परिणाम है। जिसे देखकर राष्ट्रीय सोशल मीडिया संघ ने सीएम ओ को पत्र भेजकर छापेमारी कराकर कार्यवाही करने के लिए कहाँ है।


    फ़ैयाज़ उद्दीन

    Initiate News Agency(INA), शाहजहांपुर

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