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    आगरा: प्रतिवर्ष की भाँति इस वर्ष भी हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में ताज लिटरेचर क्लब द्वारा एक कार्यक्रम " हिंदी संवाद- काव्य गोष्ठी एवं परिचर्चा" , का आयोजन आयोजित किया गया

    आगरा: प्रतिवर्ष की भाँति इस वर्ष भी हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में ताज लिटरेचर क्लब द्वारा एक कार्यक्रम " हिंदी संवाद-  काव्य गोष्ठी एवं परिचर्चा" ,  का आयोजन आज दिनांक 4 सितंबर 2021 को दोपहर 2 बजे से यूथ होस्टल सभागार, संजय प्लेस,आगरा  में आयोजित किया गया। जिसमें शहर के सभी प्रमुख,  कवि लेखक और साहित्यिक व्यक्तित्व ने भाग लिया।

    कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित करके सरस्वती वंदना द्वारा किया गया।

    कार्यक्रम के मुख्य अतिथि  आकाशवाणी आगरा के निदेशक नीरज जैन थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता  अंतरराष्ट्रीय गीतकार दादा सोम ठाकुर द्वारा की गई ।  अतिथियों का स्वागत संस्था के चेयरमैन इंजीनियर राजकुमार शर्मा और संरक्षक महेश शर्मा द्वारा किया गया। स्वागत उद्बोधन संस्था पिता भावना वरदान शर्मा द्वारा किया गया।

    परिचर्चा हिंदी संवाद 

    इस अवसर पर हिंदी संवाद" परिचर्चा का आयोजन किया गया। परिचर्चा में संबंधित वक्ताओ ने हिंदी के प्रमुख माध्यमों जैसे हिंदी कविता लेखन पर डॉक्टर राजकुमार रंजन ने,हिंदी गीत लेखन, हिंदी रेडियो एवं दूरसंचार पर श्री कृष्ण जी कार्यक्रम प्रभारी आकाशवाणी आगरा ने वक्तव्य दिया, हिंदी रंगमंच पर विजय शर्मा और हिंदी गद्य लेखन पर डॉ चंद्र प्रकाश राय ने वक्तव्य दिया । तथा वर्तमान समय में इन माध्यमों के द्वारा हिंदी के प्रचार-प्रसार, महत्व और विभिन्न पहलुओं पर विचार प्रस्तुत करके श्रोताओं का ज्ञान वर्धन किया। 

     

    *काव्य गोष्ठी* 

    कार्यक्रम मे काव्य गोष्ठी का आयोजन भी किया गया जिसमें संस्था के कवि और अथिति कवियों ने भाग लिया। साधना भार्गव ,श्रेया वर्मा ,शिव शंकर सहज, दीपक शर्मा दिव्यांशु, मधु पाराशर  ने काव्य पाठ के द्वारा  श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। 

      सम्मान-

    कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित भी किया गया। शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने के लिए डॉ नवीन गुप्ता और अनीता कपूर को  शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया गया। हिंदी एवं साहित्य के क्षेत्र में दादा सोम ठाकुर,  नीरज जैन, डॉ राजकुमार रंजन, श्री कृष्ण जी, विजय शर्मा  ,नरेश चंद्रा , शिव शंकर सहज को सम्मानित किया गया। 

    कोरोना पीड़ितों के लिए उल्लेखनीय कार्य करने के लिए डॉ मनुशील पचौरी ,डॉ सिमरन वात्सल्य उपाध्याय,  सुनील जैन ,बृजेश अग्रवाल, सोनल, सृष्टि  कोरोना योद्धा पुरस्कार से सम्मानित किया गया। कोरोना के समय ताज लिटरेचर क्लब द्वारा संचालित कोविड-19 हेल्पलाइन से जुड़े सदस्यों का भी सम्मान किया गया।संचालन नरेश चंद्र द्वारा किया गया। 

    भावना वरदान शर्मा (संस्थापिका) 

    संस्थापिका  भावना वरदान शर्मा ने कहा संस्थान प्रतिवर्ष  हिंदी दिवस के उपलक्ष में हिंदी पखवाड़े का आयोजन करता है और हिंदी पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करता रहा है। जिस का उद्देश्य युवाओं के मध्य हिंदी साहित्य और हिंदी भाषा को लोकप्रिय बनाना है। आज आवश्यकता है हिंदी के स्वर्णिम इतिहास को स्मरण करने का। कार्यक्रम में डॉ यशोधरा शर्मा के कहानी संग्रह भीगी ओस का  लोकार्पण भी किया गया। 

    कार्यक्रम में ज्ञानेंद्र मुखिया, श्रद्धा, शैलेंद्र शर्मा ,सुरेश, आशीष, सौमित्र अग्रवाल आदि उपस्थित रहे। 

    वक्तव्य एवं कविताएं

    1. अंतरराष्ट्रीय गीतकार  डॉ सोम ठाकुर

    भाषा वंदना के अंश सुनाए

    करते हैं तन मन से वंदन

    जन गण मन की अभिलाषा का

    अभिनंदन अपनी संस्कृति का

    आराधन अपनी भाषा का

    2. डॉ राजकुमार रंजन ने  अपने वक्तव्य में कहा  कविता वस्तुतः भाषामय सृजन है, जिसके मूल तत्व शब्द और अर्थ हैं शब्द अर्थ में उसी तरह समाहित रहते हैं, जिस प्रकार जल में तरंगें अथवा लहरें । रचना कार भी सृष्टा है, जो भाव संवेदनाओं के प्रभाव से ही रचना करता है यदि किसी व्यक्ति

    में भाव संवेदनाओं का ज्वार नहीं तो वह कविता नहीं कर सकता । केवल कवि कर्म करने वाला ही अपनी चेतना का प्रवाह अन्य सुहृदय लोगों करने में सक्षम है कविता लेखन में

    निरंतर अभ्यास भी सहायक होता है, जो रचना कार अभ्यास छोड देते हैं वे श्रेष्ठ लेखन से वंचित हो जाते हैं। उनके गीत की पंक्तिया थी

    हँसी यहाँ गायब है मुक्त कंठ वाली

    कानों ही कानों में हो रही जुगाली

    सब कुछ अन सुझा है काँटे हैं पाँव में

    सबको है नजर लगी मेरे इस गॉव में

    3. कवयत्रि तसाधना भार्गव की पंक्तियां थी

    सारी उम्र तू रंगों से सराबोर रखता था

    कभी सुर्ख़ तो कभी सर्द रंगा करता था।

    कि दिल के एक पुरसुकून कोने में ,

    कोई और नहीं मेरे रब,तू ही रहा करता था।

    4.कवियत्री श्रेया वर्मा ने इन पंक्तियों से दर्शकों का मन मोह लिया

    हुंकार भरों हुंकार भरौ

    खुद में सारा सैलाब बनो

    गूंजेगी लेहर हर ओर तुम्हारी

    मुठ्ठी भर यतन प्रयास करो

     

    पर कदम ना पीछे लेना तुम

    चक्षु ना भींचे लेना तुम

    ऊंचा ऊंचा जब फहराए

    झंडा ना नीचे लेना तुम


    बात सलामी देगी ध्वज को

    हवा आचानका तेज चलेगी

    सम्मान देगी विजय तिलक  को

    अपना थामे  वेग चलेगी।


    भावना वरदान शर्मा (संस्थापिका) 

    ई राज कुमार शर्मा ( संरक्षक) 


    Initiate News Agency (INA), आगरा

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