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    देवबंद: हर्षोल्लास से मनाया साहिब श्री गुरू ग्रंथ साहिब जी का प्रथम प्रकाश पर्व

    देवबंद: साहिब श्री गुरू ग्रंथ साहिब जी का प्रथम प्रकाश पर्व हर्षोल्लास से मनाया गया। रागी जत्थों ने गुरवाणी का गायन कर संगतों को निहाल किया।

    गुरूद्वारा श्री गुरूनानक सभा में आयोजित कार्यक्रम में गुरूद्वारा कमेटी के प्रधान सेठ कुलदीप कुमार ने कहा साहिब श्री गुरू गोविंद सिंह जी महाराज ने सन् 1706 को गुरू गं्रंथ साहिब में नौंवे पातशाह की बाणी दर्ज कराई थी। सन् 1708 को शरीर छोड़ने से पहले गुरू जी ने श्री गुरू ग्रंथ साहिब के आगे माथा टेककर देहधारी गुरू की परंपरा को समाप्त कर सिखों को आदेश दिया था कि आज्ञा भई अकाल की तभै चलाओ पंथ। 

    सभ सिखन को हुक्म है गुरू मानयो ग्रंथ। उसी दिन को श्री गुरू ग्रंथ साहिब के प्रथम प्रकाश पर्व के रूप में मनाया जाता है। ज्ञानी पवन सिंह खालसा, प्रमोद सिंह, भाई चंद्रदीप सिंह, बलदीप सिंह, चन्नी बेदी, हर्ष भारती, हर्ष मनचंदा, जितेश बतरा, मनरूप कौर, गुनरूप कौर, गणिव कौर आदि ने गुरवाणी का गायन कर संगतों को निहाल किया। इस दौरान बालेंद्र सिंह, गुरजोत सिंह सेठी, दिलबाग सिंह, डा. गुरदीप सिंह सोढी, श्याम लाल भारती, राजपाल नारंग, राजपाल सिंह, सन्नी-मन्नी सेठी आदि मौजूद थे।


    Initiate News Agency (INA)

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