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    अयोध्या : अयोध्या के पांचवे दीपोत्सव में मुख्य अतिथि हो सकते हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

    अयोध्या : मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की धर्म नगरी अयोध्या का पांचवा दीपोत्सव इस बार अलौकिक एवं ऐतिहासिक होगा। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार पांचवे दीपोत्सव कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। दीपोत्सव कार्यक्रम में पहली बार हिस्सा लेंगे देश के प्रधानमंत्री मोदी। पर्यटन और संस्कृति विभाग दीपोत्सव की तैयारियों में लगा। दिवाली में अयोध्या को मिल सकती है बड़ी सौगात। दीपोत्सव के कई कार्यक्रमों में शिरकत कर सकते हैं प्रधानमंत्री मोदी। इस बार और भव्य होगा दीपोत्सव कार्यक्रम। इस बार 7 लाख 50 हजार दियो को प्रज्वलित कर नए कीर्तिमान को हासिल करने का लक्ष्य।

     इस बार 7 से 10 दिवसीय हो सकता है दीपोत्सव का कार्यक्रम। बॉलीवुड की नामचीन हस्तियां भी दीपोत्सव में कर सकती हैं शिरकत। अयोध्या में दीपावली 7.50 लाख दीपकों से जगमगाएगी राम नगरी। टूटेगा 4 साल का दीपोत्सव का रिकॉर्ड। हवाई अड्‌डे व रामायण क्रूज का शिलान्यास भी किया जा सकता है। भगवान श्री राम की नगरी अयोध्या में  दीपोत्सव समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हो सकते हैं। साथ ही उनके मंत्रिमंडल के कुछ सदस्यों समेत कुछ विश्व स्तर के मेहमान भी इस उत्सव की शोभा बढ़ाएंगें। हालांकि, राजनीतिक गलियारे में चल रही चर्चाओं की मानें तो दीपोत्सव की दिव्यता से उत्तर प्रदेश के 2022 के विधानसभा चुनाव को ऊर्जा देने की तैयारी है।

    7.50 लाख दीप जलाकर विश्व रिकॉर्ड बनाने की  तैयारीयां है।

    अयोध्या में 4 दिवसीय दीपोत्सव का मुख्य आकर्षण, छोटी दीपावली 3 नवंबर को मनाया जाएगा। इस दिन सरयूतट स्थित राम की पैड़ी पर 7.50 लाख दीप जलाकर एक और विश्व रिकार्ड बनाने की तैयारी है। दीपोत्सव को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पर्यटन, संस्कृति और अयोध्या विकास प्राधिकरण को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है।

    वर्ष 2017 में 1.87 लाख दीपक जलाए गए।

    वर्ष 2018 में सरयू के तट पर 3 लाख दीपक जलाए गए।

    वर्ष 2019 में 6 लाख दीप जलाए गए।

     2020 में सरयू के तट पर 5.51 लाख मिट्टी के दीपक जलाए गए।


    इस वर्ष 2021मे 7.50लाख दीप जलाकर दीपोत्सव का विश्व रिकॉर्ड बनाया जायेगा।  इस बार का दीपोत्सव बेहद खास है। इसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तैयारी हो रही है। दीपोत्सव में बॉलीवुड की एंट्री होगी और बाहुबली का सेट तैयार करने वाले आर्ट डायरेक्टर चंद्रकांत देसाई दीपोत्सव का सेट व थीम तैयार करेंगे। विश्व स्तर की रामलीला का मंचन होगा। इस पर्व से पहले 35 करोड़ से अयोध्या की सड़कों के साथ गलियों को भी संवारा जाएगा। रामायण क्रूज आरंभ होगा व सरयू बैराज की  घोषणा होगी। दीपोत्सव पर रामायण क्रूज की सेवा सरयू में आरंभ होगी। सरयू के घाटों पर अनवरत जलधारा बनाए रखने के लिए गुप्तार घाट से नया घाट तक बैराज बनाए जाने की घोषणा होगी। इसके साथ ही हवाई अड्‌डे का शिलान्यास होना तय माना जा रहा है। अयोध्या को विश्व की सबसे सुंदर नगरी बनाने की योजना के तहत कुछ अन्य योजनाओं की घोषणा होनी है, जिसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 3 नवंबर के दिन अयोध्या के लिए आमंत्रित हैं। उनको यहां लाने की तैयारी बड़े स्तर से बड़ी खामोशी के साथ चल रही है।राम नगरी में 7500 वालंटियर के सहयोग से दीपोत्सव पर 7.50 लाख दीपों से जगमगा होगी।

    दीपोत्सव पर दीपों तथा अयोध्या को सजाने संवारने की तैयारियां शुरू हो गयी है। जानकारी के मुताबिक राम नगरी अयोध्या में 3 नवंबर को दीपोत्सव का आयोजन किया जाएगा।  सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा।  शोभा यात्रा, रामलीला व अन्य कलाकारों के सांस्कृतिक कार्यक्रम किये जाने की योजना है। राम की पैड़ी पर  दीपोत्सव  नया वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम करेगी। 2017 से शुरू हुए दीपोत्सव हर साल ऊंचाईयो  की तरफ अग्रसर है। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की धर्म नगरी अयोध्या में आयोजित होने वाला दीपोत्सव में योगी सरकार 7.50 लाख दीये जलाकर अपना ही रिकॉर्ड तोड़ने की तैयारियां कर रही है।  कहा गया है कि कोई कार्य असम्भव नहीं है जो सच्चे मन से प्रयास किया जाय। योगी जी की मेहनत लगन दिखाई पड़ रही है। पिछले वर्ष अयोध्या में 5.50 लाख दीये जलाकर रिकॉर्ड बनाया था। इस वर्ष अयोध्या में  7.50 लाख दीये दिवाली में जलेंगे। योगी सरकार में अयोध्या में हर साल भव्य दीप महोत्सव का आयोजन हो रहा है। अयोध्या में योगी सरकार ने 2017 से  दीपोत्सव की शुरुआत हुईं थीं तब से लगातार सरकार तेल के दीये जलाने के अपने ही रिकार्ड को अगले वर्ष तोड़ती है। रामनगरी अयोध्या को दीपों से सजाकर रोशन किया जाता है।

    योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीजेपी की सरकार बनने के साथ ही 2017 से दीपावली पर अयोध्या में भव्य दीपोत्सव की परंपरा शुरू हुई और प्रतिवर्ष इसकी भव्यता बढ़ रही है। दीपोत्सव-2020 के पर्व पर सरयू नदी की भव्य एवं दिव्य आरती की व्यवस्था की गई थी। 5.50 लाख दीये जलाने के लिए 29 हजार लीटर तेल और 7.5 लाख किलो रुई का इस्तेमाल हुआ था। वहीं गोबर से बने एक लाख दीये भी  जलाएं गए थे। वहीं दीपोत्सव के मौके पर पूरे अयोध्या में लाइटिंग की जाती है। देखना है कि इस वर्ष दीपोत्सव में आमजन की क्या भूमिका होगी। फिर भी मुख्यमंत्री अयोध्या के चौमुखी विकास एवं अयोध्या को विश्व के मानचित्र पर स्थापित करने के लिए पूरा प्रयास कर रहे हैं।

    देव बक्श वर्मा 

    Initiate News Agency (INA),अयोध्या


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