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    अयोध्या। अयोध्या में 6अक्टूबर से फिल्मी सितारों से सजी रामलीला का संत समाज ने शुरू किया विरोध/ मुख्यमंत्री योगी को लिखा पत्र

    अयोध्या। धर्म नगरी अयोध्या में एक तरफ जहां 6 अक्टूबर से होने वाली रामलीला के लिए तैयारियां जोरों पर है वहीं दूसरी तरफ फिल्मी सितारों द्वारा किए जाने वाली रामलीला का विरोध भी कर रहे हैं साधु संतों का कहना है कि अयोध्या में आध्यात्मिक परंपरा वाली धार्मिक मान्यता वाली रामलीला होना चाहिए। रामलीला में रामजी व उनके साथ रामादल वालों का खान-पान रहन-सहन वेशभूषा साधारण होना चाहिए। फिल्मी सितारों से सजी रामलीला  को लेकर अयोध्या में संत समाज विरोध पर उतर आया है।उनका कहना है कि रामलीला की भाषा शैली और फिल्मी सितारों के द्वारा निभाई जा रहे रोल में वेशभूषा को लेकर सवाल उठाया है।

    संत समाज का कहना है कि आध्यात्मिक परंपरा वाली धार्मिक मान्यता वाली रामलीला का आयोजन होना चाहिए। करीब दो दर्जन से ज्यादा संतों ने सिद्ध पीठ बड़ा भक्तमाल में बैठक कर विरोध किया है। संत समाज ने पर्यटन विभाग को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि 17 सितंबर को गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर अपनी शिकायत दर्ज कराएंगे।

    बड़ा भक्तमाल के महंत अवधेश दास ने कहा कि रामलीला हमारी उपासना सेवा में आती है। इसमें किसी तरीके का हास परिहास होता है तो उसको स्वीकार नहीं करते हैं। फिल्म जगत के लोगों को शास्त्र और अध्यात्म की कितनी जानकारी है यह मैं नहीं जानता। पिछले वर्ष वर्चुअल रामलीला के नाम पर जो अभद्र प्रदर्शन हुआ है उस प्रदर्शन को देखते हुए हम इसका विरोध करते हैं। रामलीला में काम करने वाले कलाकारों का रहन-सहन खानपान कैसा है यह ध्यान में रखा जाता है। 

    अयोध्या के संत समाज ने सीएम योगी को लिखा पत्र

    मांस- मदिरा का सेवन करने वाले…

    अवधेश दास ने कहा कि मांस- मदिरा खाने सेवन करने वाले लोग मंच पर अभद्र प्रदर्शन करेंगे। यह संत समाज के समझ के बाहर है।

    उन्होंने  कि अयोध्या में ऐसी ऐसी रामलीला मंडली हैं जो विदेशों तक अपना प्रदर्शन और परचम लहराया है। ऐसी रामलीला को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। फिल्मी जगत की रामलीला  का  हम संत समाज के लोग विरोध कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे।

    अयोध्या संत समिति के महामंत्री पवन दास शास्त्री ने कहा कि अयोध्या  ऐतिहासिक  संपूर्ण विश्व में विदित है यह रामजी की जन्मभूमि  है। इस रामलीला के विरोध में हम लोग प्रधानमंत्री से भी मिलेंगे और मुख्यमंत्री से भी मुलाकात करेंगे। जिस तरह से चाहेंगे उस तरीके से रामजी के चरित्र को परिभाषित करेंगे तो यह होने नहीं दिया जाएगा।  


    देव बक्श वर्मा 

    Initiate News Agency (INA), अयोध्या

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