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    विश्व प्रसिद्ध दारुल उलूम में एक सितंबर से शुरू होगा शिक्षण कार्य

    विश्व प्रसिद्ध दारुल उलूम में एक सितंबर से शुरू होगा शिक्षण कार्य

    कोरोना महामारी के चलते लगभग दो वशों से ठप्प है इदारे में शिक्षण कार्य

    देवबंद/सहारनपुर उत्तरप्रदेश : दुनिया में इस्लामिक शिक्षा के अजीम मरकज दारुल उलूम में आगामी 1 सितंबर से शिक्षण कार्य शुरू हो जाएगा विगत लगभग डेढ़ साल से कोरोना के चलते इदरे में शिक्षण कार्य बंद था दारुल उलूम शिक्षा विभाग द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि आगामी 1 सितंबर से कोविड प्रोटोकॉल के तहत शिक्षण कार्य शुरू कर दिया जाये। दारूल उलूम में लगभग साढे चार हजार तलबा मजहबी तालीम हासिल करते है और विगत लगभग दो वर्शो से कोरोना काल के चलते तालीम व्यवस्था ठप्प पडी हुयी थी।दारूल उलूम प्रबंधन द्वारा प्राथमिक षिक्षा से लेकर दर्जा चार तक के बच्चों की दाखिला संबधि औपचारिकताऐं पहले ही पूरी कर ली थी और बडी कक्षाओं 5,6,7, दौरे हदीस में पढने वाले पुराने छात्रों को 31 अगस्त तक अपनी सभी दाखिला संबधि औपचारिकताऐं पूरी करने को कहा है जिससे आगामी 1 सितंबर से पढाई का सिलसिला शुरू किया जा सके।

    दारूल उलूम के मीडिया प्रभारी बोले....

    मौलाना अशरफ उस्मानी

    इस संबंध में जानकारी देते हुए दारुल उलूम के मीडिया प्रभारी अशरफ उस्मानी ने बताया कि दारुल उलूम के शिक्षा विभाग ने विचार विमर्श के बाद यह तय किया है की दारुल उलूम में आगामी 1 सितंबर से शिक्षा का कार्य शुरू कर दिया जाए उन्होंने बताया कि फिलहाल दर्जा 5 ,6 ,7 वह दौरे हदीस के पुराने छात्र ही आगामी 31 अगस्त तक अपने दाखिले की सभी औपचारिकताएं पूरी कर ले जिससे कि आगामी 1 सितंबर से शिक्षा का कार्य शुरू कराया जा सके उन्होंने बताया कि सभी स्टूडेंट के लिए कॉविड नियम हो जैसे मास्क लगाना सामाजिक दूरी अपनाना आदि जरूरी होगा और कोविड़ प्रोटोकॉल के तहत जो भी सरकार के निर्देश हैं उन सभी का शिक्षण कार्य के दौरान सख्ती से पालन कराया  जाएगा।

    दारुल उलूम में शिक्षण कार्य शुरू होना अत्यंत सुखद: वजाहत...

    वजाहत शाह

    अध्यापक व लेखक वजाहत शाह ने कहा कि यह बेहद ख़ुशी और संतोष देने वाला समाचार है कि एशिया की महान धार्मिक शिक्षण संस्था दारुल उलूम सरकारी गाइड लाइन के अनुसार अपना लंबे समय से रुका शिक्षण कार्ये प्रारम्भ करेगी।सरकार और संस्था की यह पहल स्वागतयोग्य है, निश्चित ही छोटी शिक्षण संस्थाओं के लिए सुखःद समाचार है।उनके लिए संजीवनी बूटी के समान है।यह इस समय आर्थिक तंगी से झूज रहे थे।इससे भी निजात होगी।

    दो वर्षों में तालीम का जो नुकसान हुआ उसे जल्द पूरा करें मदरसे ..मुफ्ती असद कासमी...

    मुफ्ती असद कासमी

    इत्तेहाद उलेमा हिंद के प्रदेश अध्यक्ष मुफ्ती असद कासमी ने कहा कि करीब दो साल से कोरॉना महामारी के चलते दारुल उलूम व सभी मदरसे बंद थे अब सरकार की गाइड लाइन के मुताबिक दारुल उलूम में तालीम देने का काम शुरू किया जा रहा है जो बेहद खुशी की बात है उन्होंने कहा कि साथ ही और जो मदरसे बंद थे उनमें भी शिक्षा का काम शुरू हो जाएगा और स्टूडेंट का जो विगत लगभग 2 साल में पढ़ाई का नुकसान हुआ है उसे पूरा करने के लिए उस्ताद और मदारिस के प्रबंधक कड़ी मेहनत करें उन्होंने यह भी कहा की तरक्की वही कौम करती हैं जो शिक्षित होते हैं इसलिए शिक्षा को और जितना बढ़ावा दिया जाए वह कम है कोरोना काल के बाद विश्व प्रसिद्ध दारुल उलूम में 1 सितंबर से तालीम का काम शुरू होना बेहद ही सुकून देने वाली बात है । उन्होंने इसके लिए सरकार का भी आभार व्यक्त किया।

    शिबली इक़बाल, देवबंद/सहारनपुर उत्तरप्रदेश
    INA NEWS(Initiate News Agency)

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