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    असमोली विधानसभा मे नही एक भी नगर पंचायत, तहसील घोषित करने की मांग

    असमोली विधानसभा मे नही एक भी नगर पंचायत, तहसील घोषित करने की मांग

    सम्भल- उत्तरप्रदेश  : असमोली की दयनीय दशा को देखते हुए मदरसा मौलाना मोहम्मद अली जौहर के प्रबंधक ने एक ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम उपजिलाधिकारी को सौंपकर जनता की सभी मूलभूत सुविधाएं पूरी करने की मांग की, साथ ही असमोली विधानसभा को तहसील घोषित करने व शिक्षा, स्वास्थ विभाग बेहतर करने की मांग की।जनपद सम्भल के ग्राम मऊ भूड़ स्थित मदरसा मौलाना मोहम्मद अली जौहर के प्रबंधक मोहम्मद फिरोज खान ने विधानसभा असमोली क्षेत्र को अति पिछड़ा वर्ग बताते हुए जनता की मूलभूत सुविधाओं से वंचित होने की बात कहते हुए एक ज्ञापन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम उपजिलाधिकारी दीपेंद्र यादव को सौंपकर असमोली को तहसील घोषित किए जाने की मांग की।

    ज्ञापन में कहा कि जनपद सम्भल की चार विधानसभाओं के ग्रामीण क्षेत्रों को मिलाकर असमोली विधानसभा बनाई गई थी। जो कि उत्तर प्रदेश में इकलौती विधानसभा होगी जिसमें कोई नगर पंचायत नहीं है। यह कि पूर्ण रूप से ग्रामीण क्षेत्र है। अपने कार्यकाल में विकास के लिये लगभग 700 करोड़ रूपये मिलने के बावजूद भी विधायक असमोली विधानसभा मुख्यालय पर आज तक न कोई पीडब्लूडी व सिंचाई विभाग का गेस्ट हाउस बना है और न ही राजकीय विद्यालय, राजकीय महाविद्यालय इंजीनियरिंग कॉलिज, लॉ कालिज टेक्निकल कॉलिज, मेडिकल कॉलिज, स्पोर्ट्स कॉलिज व स्टेडियम, मण्डी समिति आदि सुविधाओं से वंचित है। शिक्षा के साधन शून्य है। अस्पताल के रूप में मरीजों को रेफर करने का केन्द्र तो है स्वास्थ्य सेवाएँ शून्य हैं। बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 100 बेड का अस्पताल का निर्माण कराया जाये। जिसमें सभी रोगों के विशेषज्ञ डॉक्टर, एक्स-रे, अल्ट्रासाउण्ड, सीटी स्कैन, एमआरआई आदि सभी जांचों की सुविधायें उपलब्ध हों।

    आमजन की सभी मूलभूत सुविधाओं को दृष्टिात रखते हुये विधानसभा मुख्यालय सहित असमोली विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत आने वाले विकास खण्ड पवांसा, विकास खण्ड बहजोई व विकास खण्ड सम्भल के ग्रामीण क्षेत्रों में माँ श्री कैला देवी धाम पर राजकीय महाविद्यालय, विकास खण्ड असमोली के शाहबाजपुर कला के कॉलेज व असगरीपुर के पॉलीटेक्निक कॉलेज में नियमित रूप से क्लासें शुरू कराने सहित सभी आवश्यक सुविधाओं, बेहतर शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य से वचित क्षेत्रवासियों को सभी सुविधायें उपलब्ध कराये जाने की मांग की। विधानसभा मुख्यालय से जुड़ने वाली न्याय पंचायतें गुमसानी, मटन, नेकपुर आदि की दूरी जिला मुख्यालय सम्भल से लगभग 70 किमी० से भी अधिळ दूरी पर हैं। जहाँ से जिला मुख्यालय तक आने जाने के लिए सवारी का कोई साधन नहीं है। जब कि समस्त न्याय पंचायतों से समीपवर्ती जनपद मुरादाबाद व अमरोहा की दूरी निम्न न्याय पंचायतों से लगभग 15 किमी0 है। इन न्याय पंचायतों के अन्तर्गत आने वाली ग्राम पंचायतों के नागरिकों की जनसमस्याओं को दृष्टिगत रखते हुये। विधानसभा मुख्यालय असमोली को तहसील घोषित किये जाने का आदेश पारित करना जनहित में न्यायोचित होगा। असमोली को तहसील घोषित नहीं किये जाने की स्थिति में न्याय पंचायतों के नागरिकों की समस्याओं को दृष्टिगत रखते हुये न्याय पंचायत मढन, गुमसानी व नेकपुर को उनके समीपवर्ती जनपदों अमरोहा व मुरादाबाद में शामिल करने की मांग की गई। इस दौरान जिला पंचायत सदस्यों सहित काफी लोग उपस्थित रहे।

    उवैश दानिश, सम्भल- उत्तरप्रदेश 
    INA NEWS(Initiate News Agency)

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