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    अयोध्या में कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए सावन झूला मेला पर लगा ग्रहण

    अयोध्या में कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए सावन झूला मेला पर लगा ग्रहण 

    स्थानीय श्रद्धालु प्रतिदिन की तरह दर्शन पूजन स्नान करते रहेंगे, बाहरी श्रद्धालुओं के आने पर प्रतिबंध है

    अयोध्या - उत्तरप्रदेश : मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की धर्म नगरी अयोध्या में न्यायालय का फैसला आने के बाद मंदिर निर्माण के सभी रोड़े, सभी बाधा, विवाद खत्म हो गए। मंदिर निर्माण का कार्य भी शुरू हो गया। नींव भरने का काम चल रहा है। मंदिर निर्माण का कार्य 2023-24 तक पूरा भी हो जाना है। राम भक्त भगवान राम का दर्शन भी कर सकेंगे। किंतु सबसे बड़ी बात है कि कोरोना वायरस संक्रमण ने खुशी में बाधा डालने का काम किया। सावन झूला मेला में राम भक्त लाखों लाख की संख्या में अयोध्या पहुंचकर सरयू की  सलिल धारा में स्नान करके बाबा नागेश्वर नाथ, कनक भवन, हनुमान गढ़ी और श्रीराम जन्म भूमि सहित अयोध्या के तमाम मंदिरों में दर्शन पूजन करते हैं। नृत्य करते हैं। 

    सांस्कृतिक कार्यक्रम का लुफ्त उठाते हैं। और खुशी से झूम उठते हैं। किंतु गत वर्ष भी सावन झूला मेला नहीं हुआ। और इस वर्ष भी सावन झूला मेला पर ग्रहण के बादल छा गए। दूसरा साल चल रहा है अयोध्या में ना चैतराम नवमी का मेला हुआ न ही कार्तिक पूर्णिमा का स्नान और ना गत वर्ष सावन झूला मेला हुआ।  जिस कारण राम भक्तों में निराशा भी दिखाई पड़ रही है।अयोध्या में कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए श्रावण मेला पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

    अयोध्या के डीएम अनुज झा ने बताया कि कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए बाहरी श्रद्धालुओं के अयोध्या में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है। लेकिन स्थानीय श्रद्धालु आम दिनों की तरह दर्शन-पूजन कर सकते हैं।

    कोरोना की तीसरी लहर के संभावना के चलते अयोध्या  के प्रसिद्ध सावन मेले  पर प्रतिबंध  लगा दिया गया है। अयोध्या के प्राचीन मणि पर्वत पर झूलनोत्सव शुरू होता है लेकिन कोरोना की तीसरी लहर की संभावना के चलते बाहर के श्रद्धालुओं के आने पर प्रतिबंध के कारण बाहर से श्रद्धालु नहीं आ रहें हैं।.  स्थानीय श्रद्धालु है वह मंदिरों में दर्शन पूजन कर रहे हैं।

    अयोध्या के मंदिरों से मणि पर्वत पर जाने वाले विग्रह जुलूस को भी स्थगित था। जिला प्रशासन के साथ-साथ अयोध्या के संतों महंतों ने भी लोगों से अपील की है कि भगवान राम के प्रति अपने घरों से ही आस्था निवेदित करें। अयोध्या ना आएं, सावन मेले पर भी प्रतिबंध लगा है। अगर कोई बाहरी श्रद्धालु आता है तो 3 दिन की RT-PCR रिपोर्ट जिला प्रशासन को दिखानी होगी। जिला प्रशासन ने बाहरी श्रद्धालु अयोध्या न पहुंचें, इसके लिए अयोध्या के सभी एंट्री प्वाइंट को सील कर दिया है। सभी जगहों पर बैरिकेडिंग लगाकर श्रद्धालुओं को रोका जा रहा है। जिला प्रशासन ने सामूहिक  सरयू स्नान पर भी प्रतिबंध लगाया है। स्थानीय श्रद्धालु हैं, वह आम दिनों की तरह मंदिरों में दर्शन पूजन कर सकते हैं। सावन मेले के दौरान प्राचीन मणि पर्वत पर अयोध्या के सभी मंदिरों से भगवान के विग्रह को लेकर जुलूस के रूप में मणि पर्वत पर पहुंचते थे, जहां पर सभी भगवान के विग्रह झूला झूलते थे.  दुकानें लगती थीं और लाखों की भीड़ होती थी लेकिन इस बार मणि पर्वत एरिया को सील कर दिया गया था जहां पर स्थानीय इक्का-दुक्का श्रद्धालु ही नजर आते। अयोध्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। सुरक्षा के व्यापक बंदोबस्त किए गए हैं बाहरी लोगों के आने पर प्रतिबंध है सरयू नदी में जल पुलिस गश्त कर रही है कैमरे से सुरक्षा की निगरानी किया जा रहा है सादी वर्दी में भी पुलिस बल तैनात है।

    देव बक्श वर्मा, अयोध्या - उत्तरप्रदेश
    INA NEWS(Initiate News Agency) 

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