Header Ads

  • INA BREAKING NEWS

    अधिशासी अभियंता की तानाशाही से परेशान हैं ठेकेदार और कर्मचारी

    अधिशासी अभियंता की तानाशाही से परेशान हैं ठेकेदार और कर्मचारी

    • सांसद द्वारा डिप्टी सीएम को पत्र लिखे जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं
    • कर्मचारियों और ठेकेदारों के साथ की जा रही ज्यादती का जिम्मेदार आखिर कौन?
    • क्या अपनी ही सरकार में अनुशासनहीन अफसरों को झेलने के लिए मजबूर हैं जनप्रतिनिधि?

    हरदोई : लोक निर्माण विभाग खंड- 2 में अधिशासी अभियंता के तानाशाही रवैये से ठेकेदार और कर्मचारी बहुत परेशान हैं। आलम यह कि उन्हें अब खाने के भी लाले पड़ने लगे हैं। आर्थिक और मानसिक रूप से उन्हें अधिशासी अभियंता नीरज सिंह द्वारा लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। इस मामले को लेकर सांसद जयप्रकाश ने 23 जून व उससे पहले 16 जून को जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने एक पत्र के माध्यम से विभागीय कार्रवाई किए जाने की स्तुति की लेकिन अभी तक इस समस्या का कोई निदान नहीं निकल सका। बता दें कि सांसद जयप्रकाश ने 23 जून को उपमुख्यमंत्री को एक लिखित शिकायती पत्र के माध्यम से अधिशासी अभियंता द्वारा ठेकेदारों व कर्मचारियों को प्रताड़ित करने संबंधी जानकारियां दी गईं और अधिशासी अभियंता को यहां से हटाकर उनके स्थान पर किसी कर्मठ अफसर की तैनाती करने की बात कही गयी थी। इसके अलावा पूर्व में विभाग के ठेकेदारों व कर्मचारियों द्वारा भी उक्त अधिशासी अभियंता की शिकायतें विभिन्न माध्यमों से जिले से लेकर लखनऊ तक के उच्चाधिकारियों को शिकायती पत्र द्वारा की गईं लेकिन इस समस्या का कोई भी निराकरण अभी तक निकलता दिखाई नहीं दे रहा है।

    सांसद जयप्रकाश द्वारा उपमुख्यमंत्री को लिखा गया पत्र

    नतीजन, अधिशाषी अभियंता अपने घर में बैठकर सारे सरकारी कामकाज करते है और ऑफिस नहीं आते है। इसके अतिरिक्त अधिशासी अभियंता द्वारा मानक से अधिक कार्य कर्मचारियों व ठेकेदारों से कराए जा चुके हैं व व्यय धनराशि भी अभी तक नहीं दी गयी है। जो लाखों में हैं। आलम यह है कि एक सरकारी विभाग में कार्यरत होने के बाद भी प्रताड़ित कर्मचारियों को खाने के लाले पड़े हुए हैं, उन्हें अपना घर चलाना मुश्किल हो गया है। आर्थिक तौर पर वे बहुत कमजोर हो चुके हैं, यही हाल विभाग में काम करने वाले ठेकेदारों का भी है। डीएम व सांसद द्वारा उक्त के विरुद्ध कार्रवाई होने की संस्तुति करने के बाद भी उच्चाधिकारियों द्वारा कोई भी एक्शन नहीं लिया गया है। इस प्रकरण के हर पहलू को देखने के बाद यही लगता है कि जनप्रतिनिधि भी अपनी सरकार में ऐसे तानाशाह अफसरों को झेलने के लिए मजबूर हैं। जब एक लोकसभा सदस्य के रूप में महत्वपूर्ण पद का दायित्व निभा रहे सांसद की बात उनकी सरकार में नहीं सुनी जा रही है तो फिर किसी विभाग के कर्मचारी और ठेकेदारों की बात सुनना तो बहुत दूर की बात है।

    INA NEWS(Initiate News Agency), डेस्क हरदोई|

    Post Top Ad


    Post Bottom Ad


    Blogger द्वारा संचालित.