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    एम्बुलेंस कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल मरीजों का बुरा हाल, भटक रहे लोग

    एम्बुलेंस कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल मरीजों का बुरा हाल, भटक रहे लोग

    कन्नौज- उत्तरप्रदेश : एम्बुलेंस कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल से आम मरीज हलकान हो रहे हैं। खासकर गर्भवती महिलाओं को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कन्नौज में तो हाल यह है कि देर रात से एम्बुलेंस बुला रहे गर्भवतियों के परिजन सुबह तक परेशान होकर रिक्शों व अन्य निजी संसाधनों से अस्पताल पहुंच रहे हैं।

    रिक्शा, साइकिल और ठिलिया से मरीज लेकर पहुंचने पर आइये देखते हैं कन्नौज से संवाददाता रईस खान की यह स्पेशल कवरेज-

    कन्नौज जिले के सभी ब्लॉकों और नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 40 108 व 102 एम्बुलेंस तैनात हैं। सपा शासनकाल में वीआईपी जिला होने के कारण कन्नौज को बाकी जिलों से ज्यादा एम्बुलेंस मिली थी। कोरोनाकाल में यह सरकारी एम्बुलेंस आम मरीजों के लिये संजीवनी साबित हुई थी।

    लेकिन नियमित किये जाने, सेवा देने वाली कंपनी के बदलने पर उनको न हटाने के साथ ही वेतन विसंगति दूर करने की मांग को लेकर एंबुलेंस कर्मचारी संघ हड़ताल पर है। नेशनल हेल्थ मिशन के अधिकारियों के साथ वार्ता में सहमति न बनने के कारण 2दिन से इनकी हड़ताल जारी है।

    सरकार ने हड़ताली कर्मियों पर एस्मा लगाने की चेतावनी भी दी है। इसके बाद भी एम्बुलेंस कर्मी अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। उनका कहना है कि कोविड काल में हमने अपनी और अपने परिवार की जान की परवाह किये बिना अपनी सेवाएं दी, लेकिन हमारी बात सरकार नहीं सुन रही है।

    इनकी हड़ताल का सीधा असर अब गांव के आम मरीजों व गर्भवती महिलाओं को मिलने वाली सुविधाओं पर दिखने लगा है। मरीजों व गर्भवतियों को अस्पताल पहुंचाने के लिये लोग भटक कर परेशान हो रहे हैं।

    कन्नौज के जिला अस्पताल के बाहर ऐसे मरीजों की भीड़ लगी है जिनके तीमारदार रातनरातभर एम्बुलेंस का इंतिजार करने के बाद अपने संसाधनों से उन्हें लेकर अस्पताल आये हैं।

    रईस खान, कन्नौज- उत्तरप्रदेश
    INA NEWS(Initiate News Agency) 

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