Header Ads

  • INA BREAKING NEWS

    एक जमाना हुआ, जब हिंदी फिल्मों को कला, संस्कृति और सामाजिक जागृति का माध्यम माना जाता था...

    एक जमाना हुआ, जब हिंदी फिल्मों को कला, संस्कृति और सामाजिक जागृति का माध्यम माना जाता था...

    भारतीय सिनेमा विश्व स्तर पर अपनी उत्कृष्ट छाप छोड़ने में सफल रहा है..एक से एक क्लासिक फिल्में ।सुंदर सिनेमैटोग्राफी..शालीन परिधानों में पुराने समय की भारतीय अभिनेत्रियां... नूतन जी, आशा पारेख माला सिन्हा ,वैजयंती माला, हेमा मालिनी ...

    अभिनेताओं में राज कपूर, मनोज कुमार राजेंद्र कुमार आदि बहुत ही उम्दा कलाकार और व्यक्तित्व ..युवाओं के नायक थे फिल्मी सितारे.....

    उसी बॉलीवुड की आज क्या दशा है यह फिल्म उद्योग है या देश के युवाओं को गुमराह करने वाला गैंग?? ??

    देश को खोखला करने वाला फिल्म उद्योग नशे का पर्याय बन चुका है...?!देश विरोधी ताकतों का साथ देने वाला समूह बन गया है ..

    सेकुलर लिब्रांडू देशद्रोहियों के सुर में सुर मिलाने वाला उद्योग बन गया है वर्तमान भारतीय सिनेमा..

    फालतू के वीडियो बनाकर समय बर्बाद करने वाली शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा को पोर्नोग्राफी वीडियो के मामले में अरेस्ट कर लिया गया है..शिल्पा शेट्टी टिक टॉक आदि माध्यमों पर सबसे अधिक मुनाफा कमाने वाली फिल्मी आर्टिस्टो में से एक है...

    लेकिन यहां प्रश्न यह है यह फिल्म उद्योग है या देश को खोखला करने वाला गैंग है देश की युवा पीढ़ी को गुमराह करने वाला बॉलीवुड गैंग है...

    हाल ही के वर्षों में तेरी मिट्टी में मिल जावा आदि कुछेक सुंदर गीतों के अलावा और कुछ भी अच्छा फिल्म संगीत सुनने को नहीं मिला है. . कचरा पटकथा. ... अभिनय के नाम पर दीपिका, अनुष्का , रणवीर सिंह जैसे नमूने. ... मैंने फिल्में देखना लगभग बंद कर दिया है. .... फिल्मों का गिरता स्तर अलग बात है लेकिन बॉलीवुड का दिशाहीन और पथभ्रष्ट होना समाज के लिए एक खतरा बन चुका है ...

    हालांकि मैं इस सामाजिक जागृति से अत्यंत प्रसन्न हूं कि हाल ही के वर्षों में खान गैंग के प्रति जो लोगों में जागरूकता आई है और लोग इनका बॉयकॉट करना चाहते हैं ..

    जेएनयू और शाहीन बाग में देश विरोधी तत्वों का साथ देने वाले बॉलीवुड सितारों का विरोध करने का साहस हमारे अंदर आ गया है...हम अपने बच्चों को समझा रहे हैं कि कितना खोखला है यह बॉलीवुड...

    लेकिन क्या यह सदा से ऐसा ही था नहीं वर्तमान में कुछ एक लोगों के होने की वजह से यह गंदगी फैली है...अभी भी अच्छे गायक है ..कुछ एक अच्छे कलाकार हैं लेकिन उनके विरुद्ध षड्यंत्र चलते हैं ..उन्हें बॉलीवुड से बाहर करने की तमाम कोशिशें की जाती है ..गुलशन कुमार जिस का एक उदाहरण है...राज कुंद्रा मामले पर मैं बिल्कुल भी हैरान नहीं हूं...ना बॉलीवुड सितारों के नशेड़ी होने की खबर से मैं अचंभित थी. .. यह बहुत बड़ा षड्यंत्र है, बहुत बड़ा उद्योग है..जिसकी जड़ें बहुत गहरी हैं..और इन साजिशों के संचालक कहीं बाहर बैठे हुए हैं..जिनसे इन बॉलीवुड भाँडों के तार जुड़े हुए हैं ...अभी बहुत कुछ सामने आना है ..भारतीय सिनेमा जगत मे एक बड़े सुधार की आवश्यकता है...शायद इसे बरसो लग जाएंगे भारतीय संस्कृति और कला को सही ढंग से प्रस्तुत करने पाने की कोशिशों में...तब तक इस बॉलीवुड गैंग का बहिष्कार करना ही उचित है....!!

    उपरोक्त लेखिका के स्वयं के विचार हैं। लेखिका एक ब्लोगर, कॉलमिस्ट और सोशल एक्विस्ट हैं।

    लेखिका- भावना वरदान शर्मा

    Post Top Ad


    Post Bottom Ad


    Blogger द्वारा संचालित.