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    हरदोई। अन्तर्राष्ट्रीय साझा काव्य संग्रह "भारत के साहित्य रत्न" के लोकार्पण में अरुण हुए 'भारत के साहित्य रत्न'सम्मान से विभूषित

    हरदोई। भारत में ऑनलाइन बुक प्रकाशन समूह में से एक ख्यातिनाम इंकलाब प्रकाशन समूह (रजिस्टर्ड ) व इंकलाब साहित्यिक, सांस्कृतिक  व सामाजिक मंच परिवार पटल के अनमोल सहयोग से पुनीत श्रावण माह के पहले दिन  भारत के साहित्य रत्न  साझा काव्य संग्रह का ऑनलाइन लोकार्पण और सम्मान-पत्र वितरण समारोह का आयोजन कियाया! 

    भारत के साहित्य रत्न साझा काव्य संग्रह मे अरुण प्रताप सिंह भदौरिया की दो रचनाओ 'काश कुछ ऐसा हो पाता'  एवम 'कलम अगर है पास तुम्हारे' को स्थान मिला! तथा उन्हें 'भारत के साहित्य रत्न'' सम्मान से विभूषित किया गया!अन्तर्राष्ट्रीय साझा काव्य संग्रह "भारत के साहित्य रत्न" का लोकार्पण और सम्मान- पत्र वितरण समारोह का आयोजन हुआ सम्पन्न।

    इंकलाब प्रकाशन समूह (रजिस्टर्ड ) व इंकलाब साहित्यिक, सांस्कृतिक  व सामाजिक मंच परिवार पटल के अनमोल सहयोग से पुनीत श्रावण माह के पहले दिन  भारत के साहित्य रत्न साझा काव्य संग्रह का ऑनलाइन  लोकार्पण और सम्मान-पत्र वितरण समारोह का आयोजन किया गया।

     संस्थापक /अध्यक्ष रमाकांत यादव (सागर यादव ज़ख्मी) सहायक संपादक मंडल, प्रमुख अतिथियों व पदाधिकारियों द्वारा दीप प्रज्जवलित कर मां सरस्वती की पूजा वंदना की गई। मंच संचालिका पिंकी सिंघल ने सरस्वती वंदना गीत गाकर लोकार्पण समारोह का आगाज किया।

    इस कार्यक्रम की जानकारी प्रकाशन समूह के चेयरमैन रमाकांत यादव जी ( सागर यादव जख़्मी)ने ऑनलाइन  आयोजित प्रेसवार्ता में दी। रमाकांत यादव जी ने मीडिया को बताया कि अभी तक  40 से अधिक काव्यसंग्रह, साझा काव्य संग्रह  व पत्रिकाओं का सफल संपादन,प्रकाशन इंकलाब प्रकाशन समूह द्वारा किया जा चुका है और अभी शीघ्र ही अन्य कई काव्य संग्रहों को प्रकाशित करने का भी विचार है।

    रमाकांत यादव ने बताया कि संपादक मंडल के प्रबंध निदेशक शिक्षाविद डॉ .विनय कुमार श्रीवास्तव, वरिष्ठ स्वतंत्र पत्रकार शिक्षाविद समीक्षक डॉ. शिवधनी पांडेय (गुरु जी),शिक्षाविद पिंकी सिंघल ( संपादिका),रीमा महेंद्र ठाकुर (सहायक सम्पादिका) इंकलाब मंच के वरिष्ठ मीडिया प्रभारी रवींद्र त्रिपाठी, अमित तिवारी आजाद व सुरेन्द्र दुबे (अनुज जौनपुरी) जी के मार्गदर्शन में व अन्य सदस्यों तथा साहित्यकारों के निरंतर सहयोग से प्रकाशन का कार्य निरंतर जारी है। 

    विगत डेढ़ साल से अधिक समय से जब देश दुःखद और विकट परिस्थितियों से जूझ रहा है।रमाकांत यादव जी ने बताया कि कोरोना महामारी के चलते सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आज का यह समारोह आॅनलाईन आयोजित किया गया है, लेकिन भविष्य में जब देश के नागरिक पूरी तरह से आश्वस्त और अपने को पूरी तरह से स्वस्थ, सुरक्षित महसूस करने लग जाएंगे तो इंकलाब प्रकाशन समूह के तत्वावधान में वृहद् स्तर पर ऑफलाइन लोकार्पण समारोह व सम्मान- पत्र वितरण समारोह आयोजित करने का हमारा विचार है।

    उन्होंने सभी सहयोगियों, साहित्य प्रेमियों, रचनाकारों और मीडिया का आभार व्यक्त करते हुए श्रावण माह की सभी को हार्दिक बधाई दी और सबके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

    इस लोकार्पण समारोह में भारत के साहित्य रत्न साझा काव्य संग्रह में चयनित कवियों को 'भारत के साहित्य रत्न'सम्मान से विभूषित किया गया जिसमें सुरेन्द्र दूबे अनुज जौनपुरी ,रचनाविनोद, रामशरण सेठ ,गणपत लाल उदय, डॉ . महेश कुमार ‘व्हाइट ,‘कुसुम लता, श्रीकांत तैलंग ,डॉ.विनय कुमार श्रीवास्तव ,अमित तिवारी 'आजाद', डॉ.राकेश सिंह रावत ,रामकरण साहू ‘सजल’, विजयशंकर  यादव ,सुरेश लाल श्रीवास्तव, अरुण प्रताप सिंह भदौरिया ‘राज’ ,गीता देवी, संतोष साहू ,अविनाश ब्यौहार ,आशीष कुमार महासागर, मंजू यादव, डॉ. मनीष कुमार सिंह‘पुष्पक ‘,कवि निरंजन कुमार ,सोनू शर्मा, डॉ.अनीता बड़गुर्जर ,ज्योति कुमारी अधिवक्ता ,उमेश नागर काठूवास ,प्रकाश राय ,राज द्विवेदी ‘राज’,कुंज बिहारी यादव, कवि गोविंद सिंह ‘भगत ‘,बाबुलाल भूरा, सुनील शर्मा ‘उदय’, कवि आकाश शर्मा ,रूपेश कुमार ‘रूप’ ,अनुज कुमार चौहान ‘अनुज ‘, धनंजय वितानगे (श्रीलंका), शत्रुघ्न गुप्ता ,शंकर आँजणा ,सुभाषिणी रत्नायक (श्रीलंका ),नम्रता श्रीवास्तव, ज्ञानेश्वर आनंद ‘ज्ञानेश’ ,सी . रतन कुमार अगरवाला, कवि नवीन नव बीगोद ,रामभरोस टोण्डे, अभिजीत आनंद ,प्रा.आमलपुरे सूर्यकांत विश्वकान्त, रीमा महेंद्र ठाकुर, प्रवेश अकेला ,डॉ. माध्वी  बोरसे, मनोज कुमार मिश्र, दिलीप कुमार पाण्डेय ,नरेन्द्रनाथ चट्टान, अरुण चौरसिया ‘प्रवाह’ ,राजीव मनोज चतुर्वेदी ,सुरेश कुमार राजा ,माधवी गणवीर, पूनम सुलाने ,संदीप कटारिया ‘दीप’ ,रामनारायण साहू ‘राज’ , गिरिजा शंकर मिश्र एडवोकेट ,डॉ. माधवी मिश्रा ‘माधव', नीरज  सिन्हा ‘नीर’ ,विभा श्रीवास्तव, अंग्रेज कलेर ,सीमा ठाकुर  हिमाचली इत्यादि को भारत के साहित्य रत्न से विभूषित किया गया।

    अंत तक अपनी सुमधुर वाणी और आशीर्वचनों से मंच संचालिका  पिंकी सिंघल ने कार्यक्रम को रोमांच से भरने में कोई कोर कसर बाकी नहीं रखी। मीडिया प्रभारी के साथ प्रमुख मार्गदर्शक व समीक्षक डॉ. शिवधनी पांडेय ने सभी के उज्ज्वल  की कामना करते हुए अपने दो शब्दों के कार्यक्रम का समापन किया।


    Initiate News Agency (INA), हरदोई 

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