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    अयोध्या जनपद में सांडों व नीलगाय से खेती किसानी चौपट

    अयोध्या जनपद में सांडों व नीलगाय से खेती किसानी चौपट

    किसानों ने शिकायती पत्र देकर सांडों को गौशाला भेजने की मांग की

    अयोध्या - उत्तरप्रदेश : अयोध्या जनपद में सांडों और नीलगायों से खेती किसानी को काफी नुकसान हो रहा है। झुंड के झुंड में सांड और नीलगाय खेत को चर जाते हैं। जिससे  खेती किसानी में आमदनी दुगनी करने की रफ्तार में बाधा पड़ रहा है। यदि यही हाल रहा तो दुगनी को कौन कहे, आधा भी पैदावार नहीं रह पाएगी।और तमाम लोगों को मारकर घायल भी कर दिए हैं। जिससे लोगों में भय भी व्याप्त है। रुदौली बीकापुर,मिल्कीपुर, गोसाईगंज, मया सोहावल आदि क्षेत्रों में बड़ी संख्या में नीलगाय और साड के झुंड को देखा गया है। रूदौली क्षेत्र में इस समय किसान छुट्टा जानवरों से काफी परेशान हैं किसानों की फसलों को छुट्टा जानवर नष्ट कर रहे हैं।छुट्टा जानवरों से परेशान ग्राम सभा फिरोजपुर  के प्रधान प्रतिनिधि शिवकुमार सिंह सहित दर्जनों किसानों ने हस्ताक्षर युक्त शिकायती पत्र  उपजिलाधिकारी रूदौली को छुट्टा जानवरों से निजात दिलाने के लिए दिया । दर्जनों किसानों के साथ उपजिलाधिकारी रूदौली विपिन कुमार सिंह से ग्राम सभा फिरोजपुर पवारान में सैकड़ों की संख्या में घूमघूम कर गांव सहित क्षेत्र के किसानों की फसलों को पूरी तरह से नष्ट कर रहे छुट्टा जानवरों,सांड से रोक थाम की मांग किया।

     कई गांवों में सैकड़ों की संख्या में घूमघूम कर छुट्टा जानवर व सांडों ने किसानों की सारी फसलों को नष्ट कर दिया है। किसान पूरी रात जागकर अपनी बोई हुई फसलों को बचाने की कोशिश करता है लेकिन जरा से मौका मिलते ही यह जानवर किसानों की सारी फसलों को नष्ट कर देते है।जिससे किसान काफी चिंतित हैं। गांव में सांड के हमले में एक किसान की मौत भी हो चुकी है और सांड के हमले में कई किसान चोटहिल हुए हैं जिससे किसान इन छुट्टा जानवरों से काफ़ी दहशत में है। शिवकुमारसिंह,पूर्णमासी,

    रमेश कुमार,विपिन सिंह,राकेश कुमार,सुरेश यादव,सुदामा,आशीष कुमार,शिव प्रसाद यादव, सुंदरलाल, कुलदीप, राम अभिलाख यादव सहित दर्जनों किसानों ने उपजिलाधिकारी से शीघ्र ही इन छुट्टा जानवरों को पकड़वाकर किसी गौशाला में भेजने की मांग की । लेकिन सबसे बड़ी बात है कि गौशाला खाने कमाने का अड्डा बन गया है। गौशाला की क्या स्थित है इसको सभी लोग जानते हैं। आए दिन अखबारों में आता भी है। और गौशाला में कितने जानवर रह सकते हैं ऐसे में जब तक सांड की उपयोगिता के लिए जब तक शासन प्रशासन कदम नहीं उठाएगा तब तक निजात मिल पाना आसान नहीं लग रहा है।

    देव बक्श वर्मा, अयोध्या - उत्तरप्रदेश
    INA NEWS(Initiate News Agency) 

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