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    आखिर कौन बनेगा बिसवां ब्लॉक का प्रमुख?

    आखिर कौन बनेगा बिसवां ब्लॉक का प्रमुख?

    सीतापुरउत्तरप्रदेश : प्रदेश शासन द्वारा ब्लाक प्रमुखी के चुनाव की तारीख घोषित होते ही ब्लाक प्रमुख के चुनाव की घमासान शुरू हो चुकी है, आगामी 8 जुलाई को ब्लॉक प्रमुख पद के लिए जहां पर्चा दाखिला की तिथि निर्धारित की गई है वही 10 जुलाई को मतदान होना है। संवैधानिक मान्यताएं कुछ भी हो लेकिन व्यवहारिक धरातल पर जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लाक प्रमुख का चुनाव सत्ता पक्ष के हाथ में ही होता है। ज्यादातर यही देखा गया है कि प्रदेश में जिसकी सरकार होती है इन दोनों पदों पर उसी पार्टी का प्रत्याशी विजयी होता है। जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में सरकारी मशीनरी के बल पर भाजपा प्रदेश में अपना परचम लहरा चुकी है अब ब्लॉक प्रमुखों का चुनाव होना बाकी है अवसरवादी नेता इस मलाईदार कुर्सी को हथियाने के लिए किसी भी तरह भाजपा प्रत्याशी बनने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाए हुए हैं। 

    अभी कुछ दिनों पहले तक अटकलों का बाजार गर्म था की पूर्व विधायक रामपाल यादव बिसवां ब्लाक प्रमुख का चुनाव भाजपा प्रत्याशी बनाकर अपनी पत्नी शांति यादव को लड़ाना चाहते हैं। रामपाल यादव के भाजपा ज्वाइन करते ही अटकलों पर विराम लग गया और शांति यादव का नाम भाजपा प्रत्याशी के रूप में खुलकर चर्चा में आ गया। गौरतलब है कि बिसवां ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित है और इसमें 140 क्षेत्र पंचायत सदस्य हैं जिसमें 1 सीट छोड़कर शेष 139 सदस्य निर्वाचित हो चुके हैं।

    बताया जाता है कि राजनीतिक जुआँ खेलने के माहिर खिलाड़ी रामपाल यादव ने भाजपा की गुटीय राजनीति का फायदा उठाते हुए सांसद राजेश वर्मा का दामन थामा। चर्चा यह भी है कि सियासी गणित के मंझे खिलाड़ी राजेश वर्मा सीतापुर जिले की भाजपा में एकछत्र राज कायम करना चाहते हैं इसलिए उन्होंने  भाजपा में अपनी किलेबंदी और मजबूत करने के लिए रामपाल यादव को हाथों-हाथ लिया और अपने प्रिय सहयोगी तथा भाजपा जिलाअध्यक्ष अचिन मेहरोत्रा के सहयोग से रामपाल यादव और उनकी पत्नी शांति यादव को भाजपा ज्वाइन कराने के लिए रास्ता बनाया। खुले हाथ से अपने खजाने को लुटाने के लिए चर्चित रामपाल यादव ने राजेश वर्मा के बताए रास्ते पर चलकर भाजपा ज्वाइन करने में सफलता भी हासिल कर ली।

     यह बात सर्वविदित है कि वर्तमान विधायक महेंद्र सिंह यादव और सांसद राजेश वर्मा के बीच किस तरह के राजनीतिक रिश्ते हैं। महेन्द्र सिंह यादव के समक्ष उसी विधानसभा के एक स्वजातीय पूर्व विधायक को खड़ा करके राजेश वर्मा ने एक तरफ अपने राजनीतिक कौशल का परिचय तो दे दिया है दूसरी तरफ उन्होंने सीतापुर जिले के अन्य भाजपा नेताओं को खुलकर यह संदेश भी दे दिया है कि जो भाजपा नेता उनसे राजनीतिक प्रतिद्वंदिता रखेगा उसका प्रतिद्वंदी उसी के घर में उसी के सामने खड़ा कर दिया जाएगा।

    शांति यादव के पहले ही बिसवां ब्लाक प्रमुख के दावेदारों में दुर्गेश यादव का नाम चर्चा में बड़े जोर शोर से था। दुर्गेश यादव बिसवां से लगभग 7 किलोमीटर दूर स्थित दक्षिण में बसे गांव बिसेण्डी के पुरवा "करियापुर" के रहने वाले हैं और वहीं से क्षेत्र पंचायत सदस्य भी हैं। वैसे तो दुर्गेश यादव बिसवां की सियासत में एक गुमनाम राजनीतिक हैं लेकिन इनका नाम बिसवां विधायक महेंद्र सिंह यादव के खास लोगों में शुमार किया जाता है इसलिये यह समझा जाता था कि दुर्गेश वर्तमान बिसवां विधायक के प्रत्याशी हैं। जैसी की चर्चा है कि प्रमुख की कुर्सी पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित है इस कारण दुर्गेश यादव इस रेस से स्वतः बाहर हो चुके हैं। अब देखना यह होगा कि विधायक महेंद्र सिंह यादव के खेमे से बिसवां प्रमुख के लिए कोई खम ठोकता है या नहीं। वैसे मेरे द्वारा मोबाइल पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में विधायक महेंद्र सिंह यादव ने कहा था कि प्रमुख का प्रत्याशी तय करना पार्टी का काम है जिसको पार्टी प्रत्याशी घोषित करेगी वहीं प्रमुख होगा। लेकिन यह राजनीतिक भाषा भी हो सकती है।

     इन सब बातों के होते हुए भी अगर शांति यादव बिसवां ब्लाक प्रमुख के पद पर भाजपा प्रत्याशी बनती हैं तो उनका प्रमुख बनना भी तय है लेकिन शांति यादव के प्रमुख बनने के बाद यह तय हो जाएगा कि बिसवां ब्लॉक का प्रमुख वही बन सकता है जो पूर्व या वर्तमान सपाई हो क्योंकि निर्वतमान प्रमुख राकेश वर्मा भी पहले सपाई ही थे, उसके पहले दीपा यादव (रामपाल यादव की पुत्री) प्रमुख थी और दीपा यादव से पहले शांति यादव (रामपाल यादव की पत्नी) प्रमुख थी और यह दोनों भी सपाई ही थे। 

     कुल मिलाकर बिसवां ब्लॉक के प्रमुख का ताज शांति यादव पहनेंगी या कोई और यह तो भविष्य के गर्भ में है लेकिन देखना यह होगा कि भाजपा के इस स्वर्ण युग में इस कुर्सी पर कोई वर्तमान या पूर्व सपाई ही बैठेगा या कोई पुराना भाजपाई भी इस लायक है।

    शरद कपूर,  सीतापुरउत्तरप्रदेश
    INA NEWS(Initiate News Agency)

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