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    मायावती द्वारा ब्राह्मण सम्मेलन की शुरुआत अवसरवादी राजनीति का एक चेहरा- अनिल राजभर

    मायावती द्वारा ब्राह्मण सम्मेलन की शुरुआत अवसरवादी राजनीति का एक चेहरा- अनिल राजभर

    हम कैबिनेट की पहली मीटिंग में किसानों के कर्ज माफी बात करते हैं और जब अखिलेश यादव की सरकार आती है तो वो आतंकवादी पर से मुकदमे वापस करते हैं| ये फर्क है भाजपा सरकार और सपा सरकार में- अनिल

    बलिया- उत्तरप्रदेश : बडी ख़बर उत्तर प्रदेश के बलिया से है जहां विकास कार्यों का निरीक्षण करने पहुचे बलिया  के प्रभारी मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि ओमप्रकाश राजभर पूरी तरह से झूठ और फरेब की राजनीति करने वाले लोग है । आप से गठबंधन की बात करते है और आप की तरफ से अधिकृत बयान आता है कि ऐसी कोई बात नही चल रही। वही संजय सिंह ट्वीट करते है कि इस तरह का झूठा प्रचार करके ये सस्ती लोकप्रियता हासिल करना चाहते है। मायावती द्वारा ब्राह्मण सम्मेलन की शुरुआत को लेकर कहा कि ये अवसरवादी राजनीति का एक चेहरा है।चुनाव आते ही कभी इसका कभी उसका सम्मेलन । ना धरती का पता है न आसमान का।न जनता की समस्याओं पर कभी संघर्ष करना,न किसानों की बात करना।

    अनिल राजभर-प्रभारी मंत्री बलिया

    बंद कमरे में एससी में बैठकर ट्विटर और सोशल मीडिया पर राजनीति करती है। क्या मायावती कभी धरती पर उतरी है । कभी माटी पर उतरकर ,गावँ में जाकर दलित परिवारों से मिली कि वो कैसे रहते है ,उनका जीवन कैसे चल रहा है।ये ऐसे नेता है जो अपनी अस्तीत्व की लड़ाई लड़ रहे है ,ये इतिहास हो गए है। वही आगरा में सपा कार्यकर्ताओं द्वारा पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए जाने पर कहा कि बीजेपी सरकार बनती है तो पहली कैबिनेट किसानों का 36 हज़ार करोड़ रुपये माफ करती है । वही जब सपा की सरकार बनती है तो वो आतंकवादियों का मुकदमा वापस लेने का फैसला करते है । बीजेपी और सपा में यह सबसे बड़ा फर्क है ।उसी का नमूना आगरा में देखने को मिला । चुनाव आ रहा है जनता फैसला करने के साथ ही बेनकाब भी करेगी।

    आसिफ हुसैन जैदी, बलिया- उत्तरप्रदेश
    INA NEWS(Initiate News Agency)

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