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    राम मंदिर के खरीद फरोख्त को लेकर शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की तरफ से दायर हुआ मुकदमा

    राम मंदिर के खरीद फरोख्त को लेकर शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की तरफ से दायर हुआ मुकदमा

    अयोध्या - उत्तरप्रदेश : धर्मनगरी अयोध्या में एक तरफ जहां राम मंदिर निर्माण का कार्य चल रहा है। वहीं दूसरी तरफ जमीन की खरीद-फरोख्त में विवाद कम होने का नाम नहीं ले रहा है। खींचातानी चल रही है। ट्रस्ट के लोग अपनी बात को सही कह रहे हैं। तो कुछ साधु सन्यासी तथा विपक्ष के तरफ से आरोप पर आरोप लग रहे हैं। और स्थिति यहां तक पहुंच गई की अब मामला न्यायपालिका में दस्तक दे गया और मुकदमा दायर हो गया।श्री राम जन्मभूमि क्षेत्र के महासचिव चंपत राय के ऊपर दर्ज हुआ(परिवाद) मुकदमा।भेजी गई नोटिस।फकीरे राम मंदिर के खरीद-फरोख्त को लेकर शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य अविमुक्तेश्वरनंद सरस्वती की तरफ से दायर किया गया मुकदमा। राम मंदिर में परकोटा सीधा करने के लिए लिया गया था फकीरे राम मंदिर। दूसरी जगह बनाने के लिए ट्रस्ट ने दिया है फकीर राम मंदिर के महंत को जमीन और मंदिर बनवाने के लिए पैसा।मुकदमे में की गई मांग।मंदिर को ना जाए तोड़ा।भगवान का राग-भोग आरती रहे संचालित। मंदिर से जुड़ी जालौन जिले की संपत्ति पर नियुक्त हो  रिसीवर ।सिविल कोर्ट न्यायालय में दर्ज हुआ मुकदमा।

    फकीरे राम मंदिर के महंत रघुवर शरण,फकीरे राम मंदिर के ट्रस्ट के सदस्य राम किशोर सिंह, मंदिर पर दावा करने वाले कृपा शंकर दास,फकीरे राम मंदिर को खरीदने वाले श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय को बनाया गया पार्टी। संतोष दुबे की तरफ से दर्ज कराया गया मुकदमा।विपक्षियों को जारी हुई नोटिस। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की तरफ से न्यायालय में अधिवक्ता रणजीत लाल वर्मा और तरुणजीत लाल वर्मा ने न्यायालय में की थी अपील। अधिवक्ता रंजीत लाल वर्मा और तरुण जीत लाल वर्मा ने ही राम मंदिर विवाद में निर्मोही अखाड़ा के पक्ष में न्यायालय में की थी पैरवी। ऐसे में दोनों पक्षों को संयम से काम लेने की जरूरत है। भगवान श्री राम का जन्म भूमि मंदिर काफी दिनों से विवाद के घेरे में रहा। बहुत दिनों के बाद अब मंदिर निर्माण का कार्य शुरू हुआ है लोगों ने बढ़ चढ़कर आत्मसमर्पण धनराशि देकर मंदिर बनवाने की बात की है मंदिर बनना बहुत आवश्यक जनहित में है किंतु मंदिर का पैसा मंदिर के काम आए यही ईश्वर से प्रार्थना है। इसका पैसा जब कोई अपने व्यक्तिगत हित में लगाएगा तो सावधान ईश्वर सब देख रहा है। अब तो कम से कम राम मंदिर को विवाद से मुक्त कर दिया जाए।

    देव बक्श वर्मा, अयोध्या - उत्तरप्रदेश
    INA NEWS(Initiate News Agency) 

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