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    अयोध्या में राम वन गमन मार्ग पर, रामायण काल के 88 प्रकार के पौधे रोपित

    अयोध्या में राम वन गमन मार्ग पर, रामायण काल के 88 प्रकार के पौधे रोपित

    अयोध्या की हरियाली एवं पर्यावरण की शुद्धता को बढ़ावा

    अयोध्या - उत्तरप्रदेश : प्रकृति के द्वारा प्रदत पंचतत्व का मानव जीवन ही नहीं बल्कि सभी जीवो के लिए बहु उपयोगी है। किंतु देखा जा रहा है कि मानव इन पंच तत्वों का जिस तरह से क्षरण करके अपने स्वार्थ के लिए कार्य कर रहा है। उसका खामियाजा हम सभी लोग भोग रहे हैं। पर्यावरण का संतुलन बिगड़ गया है। समय से बरसात नहीं हो रही है। जाड़ा गर्मी का अपने समय से नहीं रह गया है। जिस प्रकार हम प्रकृति के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं उसका खामियाजा भुगतना ही पड़ेगा। सबसे बड़ी समस्या है कि जिन वनो को, जिन बागों को, जिन वृक्षों को काट कर हम बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियां, बड़ी-बड़ी कालोनियां, लंबी-लंबी रोड़े आज बना दिए हैं। वहां पर अब वृक्षारोपण करना संभव नहीं है। अब हम जल के लिए परेशान हैं। तो कहीं ऑक्सीजन के लिए भटक रहे हैं। कार्बन डाइऑक्साइड इतना ज्यादा है की ऑक्सीजन का उस अनुपात में मिलना संभव नहीं है। क्योंकि हमने वनों को काटकर कॉलोनी और फैक्टरी तथा रोड बना दिया है। 

    अयोध्या जिले  में राम वनगमन मार्ग पर गौराघाट के हनुमान मंदिर परिसर में पौधे लगाकर जनपद में पौधरोपण  किया । पौधरोपण अभियान में रामायण काल के 88 प्रकार के पौधे लगाए जा रहे हैं।अभियान में 33 लाख 78 हजार 900 पौधे लगाए जाने थे जबकि वन विभाग ने 33 लाख 94 हजार से ज्यादा पौधे लगाकर अपना लक्ष्य पूरा कर लिया। विभागीय अधिकारियों के अनुसार पाकड़, पीपल, बरगद व महुआ आदि के पौधे लगाए जा रहे हैं। जिससे न केवल राम वनगमन मार्ग पर भक्तों को जगह जगह छाया मिलेगी, बल्कि अयोध्या की हरियाली एवं पर्यावरण की शुद्धता को बढ़ावा मिलेगा।

    शासन के तय लक्ष्य के अनुरूप बेहतर कार्य कर अधिक से अधिक पौधों को लगाने तथा उनकी रोज देखभाल व सुरक्षा करना होगा। अयोध्या जनपद के बीकापुर, मिल्कीपुर, सोहावल, रुदौली व सदर तहसील क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर वृक्षारोपण किया गया और वृक्षारोपण का कार्य चल भी रहा है। तहसील बीकापुर विकासखंड तारुन क्षेत्र अंतर्गत बिसुहि नदी के किनारे ग्राम पंचायत केवलापुर में तथा विकास खंड मसौधा के ग्राम पंचायत भदोखर में भी पौधे लगाए गए।

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    पीपल के 351 पौधे लगाकर...

    नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ बिजेंद्र सिंह ने वन महोत्सव पखवारे में 351 पीपल के पौधे लगाकर  शुभारंभ किया। विश्वविद्यालय परिसर में 15जुलाई तक 5000 पौधों को लगाने का अभियान चलाया जाएगा। 

    वन हमारे जीवन का अभिन्न अंग है। बिना वनके जीवन अधूरा होता है। किंतु जिस रफ्तार से वनों का सफाया कर के कंक्रीट का जाल बिछाया गया है। आने वाले दिनों के लिए शुभ संकेत नहीं है। और अब सरकार वन महोत्सव के जरिए वृक्षों को लगाकर वृक्षारोपण करा रही है। जो एक शुभ संकेत है किंतु सबसे बड़ी बात यह है कि बढ़ती जनसंख्या के कारण लोग खेती किसानी के लिए वनों को काटकर खेती का काम कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ वनों का सफाया करके लोग कहीं पर सड़क बना रहे हैं तो कहीं बड़ी-बड़ी कालोनिया बन रही है जिसके चलते वृक्षों का कटान बड़ी तेजी से हुआ है। इतना ही नहीं वनों को काटकर बड़े-बड़े कल कारखाने लग गए हैं ऐसे में अब वृक्ष कहां और किस जमीन पर लगाए जाएं यह बड़ी समस्या है। किसान के पास खेती किसानी करने भर के लिए भी जमीन नहीं है। आखिर वह वृक्षारोपण  कर देगा तो धान गेहूं गन्ना आलू टमाटर हरी सब्जियों की खेती कहां करेगा। क्योंकि जिस बाग को काटकर कॉलोनी बन गई है वहां पर अब वृक्ष लगाना संभव नहीं है।

    देव बक्श वर्मा, अयोध्या - उत्तरप्रदेश
    INA NEWS(Initiate News Agency) 

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