Header Ads

  • INA BREAKING NEWS

    अयोध्या की 84 कोसी परिक्रमा मार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित...

    अयोध्या की 84 कोसी परिक्रमा मार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित...

    275 किमी की होगी परिक्रमा मार्ग,बाराबंकी, अयोध्या, अंबेडकरनगर और गोंडा सहित 5 जिलों से होकर गुजरेगा  84 कोसी राष्ट्रीय राजमार्ग

    अयोध्या - उत्तरप्रदेश : धर्म नगरी अयोध्या के चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग 5 जिलों से होकर जाती है जो  275.35 किलोमीटर तक फैला है। जिसमें अयोध्या, बाराबंकी, अम्बेडकर नगर समेत गोंडा जिला भी आता है। केंद्र सरकार ने 84 कोसी परिक्रमा मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित कर दिया है।  अयोध्या में करीब 80 किमी की रिंग रोड और 275 किमी की अयोध्या चौरासी कोसी परिक्रमा का रास्ता नेशनल हाइवे के तौर पर विकसित किया जाएगा। अब श्रद्धालु अयोध्या में 84 कोस परिक्रमा फोरलेन मार्ग से कर सकेंगे। चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग 5 जिलों में 275.35 किलोमीटर तक फैला है, जिसमें अयोध्या, बाराबंकी, आंबेडकर नगर समेत गोंडा जिला भी आता है।  चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग की स्थिति बहुत खराब है। परिक्रमा करने वाले लोगों को नाव से नदी पार करनी पड़ती है। 84 कोसी परिक्रमा मार्ग पर बारिन बाग, अलियाबाद, नियामत गंज सहित कई कस्बे आते हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग बनने से गोंडा, रायबरेली, अयोध्या, सुलतानपुर के लोग सीधे जुड़ सकेंगे। अयोध्या के पुरातन गौरव की पुनर्स्थापना हेतु बढ़ाया गया बड़ा कदम है। 5 जिलों में 275.35 किलोमीटर तक फैला है । 5 जिलों में 275.35 किलोमीटर तक फैला है परिक्रमा मार्ग, जिसमें अयोध्या, बाराबंकी, अम्बेडकर नगर सहित गोंडा जिला भी आता है।

    ************

    5 जिलों से होकर गुजरती है चौरासी कोसी परिक्रमा...

    चौरासी कोसी परिक्रमा यात्रा अयोध्या, अंबेडकर नगर से पटरंगा बीकापुर  होकर बाराबंकी के अलियाबाद, नियामतगंज से बारिनबाग होकर घाघरा सरयू तट मुर्तियनघाट से आगे गोंडा जिले में चरसड़ी तटबंध और गोंडा में राजापुर, बाबा सुमिरनदास कुटी होकर ऋषि नरहरदास की कुटी होते हुए पकरीबाद गोहानी से रामनगर चौराहा पहुंचती है। गोंडा जिले के तुलसीपुर को जोड़ते हुए कल्यानपुर से आगे बढ़कर जिला बस्ती में प्रवेश कर जाती है, जहां मखौड़ा धाम, नेदुला कोहराया होकर केनौना छावनी होते हुए जानकी रोड़ से विश्वेश्वरगंज के बाद फिर अयोध्या पहुंचती है।

     मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की धर्म नगरी अयोध्या मैं केंद्र सरकार द्वारा अयोध्या के 84 कोसी परिक्रमा मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किए जाने पर श्री राम भक्तों द्वारा खुशी व्यक्त की गई है। 84 कोसी परिक्रमा मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने से रामायण कालीन मान्यता के प्राचीन धार्मिक धरोहर की सुरक्षा एवं कायाकल्प होगा तथा धार्मिक पर्यटक को बढ़ावा मिलेगा तथा विकास होगा।

    अयोध्या में जिस तरह से विकास की गंगा बह रही है और अयोध्या के नाम को तथा अयोध्या के मानचित्र को विश्व के मानचित्र पर स्थापित करने की कयादत चल रही है उससे लग रहा है कि अयोध्या अब अपने मूल रूप में दिखाई पड़ेगी। जैसा कि सब जानते हैं कि भगवान श्री राम की जन्म स्थली अयोध्या है। और विगत काफी दिनों से अयोध्या उपेक्षित एवं विवादित दिखाई पड़ रही थी। यहां तक कि लोग अयोध्या में जमीन लेकर मकान भी नहीं बनवाना चाहते थे। किंतु अब वह दिन दूर हो गए। और राम मंदिर पर सर्वोच्च न्यायालय का फैसला आने के बाद भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार अयोध्या के चौमुखी विकास के लिए कृत संकल्प है। ऐसे में अब एक तरफ जहां राम मंदिर बन रहा है वहीं दूसरी तरफ अवसर नव्य अयोध्या भी बहुत जल्द दिखाई पड़ेगी। अयोध्या में अब लोग मकान, स्कूल, अस्पताल, धर्मशाला, मठ, मंदिर, कल कारखाने, बड़े-बड़े होटल आदि के लिए महंगे दर पर भूमि खरीद रहे हैं। अयोध्या में अब जमीन कई गुना महंगी हो गई है। क्योंकि अयोध्या विकास के पथ पर है। 

    इतना ही नहीं अयोध्या में पंचकोशी 14 कोसी और 84 कोसी परिक्रमा मार्ग को भी विकसित किया जा रहा है इसी क्रम में 84 कोसी परिक्रमा मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग सरकार द्वारा घोषित कर दिया गया और सरकार का प्रयास होगा कि 14 कोसी परिक्रमा मार्ग पर नए शहर बताए जाएं नई मार्केट में बनाई जाएं विकास के अवसर हो लोगों को रोजगार उपलब्ध हो ऐसे में अब अयोध्या 84 कोसी की परीध मे विकास के पथ पर होगी।श्री राम भक्तों का कहना है कि 84 कोसी परिक्रमा मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किए जाने से काफी सुखद अनुभव हो रहा है। मार्ग के किनारे स्थित उपेक्षित पड़े मर्यादा पुरुषोत्तम राम एवं संत महात्माओं से जुड़े धार्मिक स्थलों को नई पहचान मिल सकेगी। तथा पर्यटन के दृष्टिकोण से भी इनका महत्व बढ़ेगा। बीकापुर तहसील क्षेत्र में भी मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की यात्रा से जुड़े सीता कुंड सुग्रीव कुंड राम कुंड सूर्य कुंड सहित आधा दर्जन धार्मिक स्थल 84 कोसी परिक्रमा की जद में आ रहे हैं। ठीक से सड़क मार्ग ना होने से हर वर्ष गर्मी के महीने में होने वाली 84 कोसी परिक्रमा के दौरान परिक्रमा में शामिल साधु संतों को ककरीली पथरीली पगडंडियों से होकर खेत खलिहान से गुजर कर परिक्रमा यात्रा पूरी करनी पड़ती है। राष्ट्रीय राजमार्ग की सुविधा हो जाने से परिक्रमा पूरी करने में काफी आसानी रहेगी। श्रद्धालुओं की यह भी मांग है कि 84 कोसी परिक्रमा के पारंपरिक और मूल परिक्रमा मार्ग को ही बगैर छेड़छाड़ के राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण कराया जाना चाहिए।  

    तमाम राम भक्त श्रद्धालुओं का कहना है कि इसी तरह राम वन गमन मार्ग को भी विकसित किए जाने की पहल होनी चाहिए। जिससे भगवान राम की यात्रा वृतांत से जुड़े देश के कई राज्यों में फैले उपेक्षा का शिकार सैकड़ों धार्मिक स्थलों का कायाकल्प हो सकेगा। तथा रामायण कालीन मान्यता के प्राचीन धार्मिक धरोहरो की सुरक्षा हो सकेगी। एवं धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

    देव बक्श वर्मा, अयोध्या - उत्तरप्रदेश
    INA NEWS(Initiate News Agency) 

    Post Top Ad


    Post Bottom Ad


    Blogger द्वारा संचालित.