Header Ads

  • INA BREAKING NEWS

    बच्चों व गर्भवती महिलाओं को खराब दालें की जा रही वितरित, सेहत से हो रहा खिलवाड़

    बच्चों व गर्भवती महिलाओं को खराब दालें की जा रही वितरित, सेहत से हो रहा खिलवाड़

    पिहानी- हरदोई : विकास खंड पिहानी के गांव बद्दापुर में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में 7 माह से 3 वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती महिलाओं व 3 वर्ष से 6 वर्ष तक के बच्चों के लिए पौष्टिक आहार के रूप में वितरित की जाने वाली चने की दाल पूरी तरह से खराब हो चुकी है।

    सबंधित कार्यालय पिहानी से यहां भेजी जानी वाली दाल 4 माह से भी पुरानी है। चने की दाल के पैकेट्स पर पैकिंग डेट मार्च 2021 अंकित है और उसके नीचे साफ-साफ लिखा है कि दाल को पैकिंग तारीख से 4 माह के भीतर उपयोग में लाया जाए।

    मतलब साफ है कि मार्च 2021 को पैक हुए इन पैकेट्स का उपयोग जून 2021 तक ही किया जाना चाहिए था लेकिन ये पैकेट्स अभी करीब 7 दिन पहले जुलाई के माह में ही पिहानी कार्यालय से यहां भेजे गए हैं और इन्हें बांटा भी जा रहा है। सरकार की यह योजना बच्चों और गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार देने के उद्देश्य से चलाई जा रही है लेकिन यहां तो सबकुछ उल्टा है।

    4 माह से पुरानी दालों का सेवन अगर बच्चे और गर्भवती महिलाएं करती हैं तो फिर उनकी सेहत पर फर्क तो पड़ेगा ही। दूसरी तरफ आंगनबाड़ी केंद्र से बांटी गई दाल काली पड़ती नजर आ रही है। बता दें कि आईएनए न्यूज़ एजेंसी द्वारा इससे पहले भी इसी मामले को लेकर एक खबर प्रकाशित की गई थी लेकिन अभी तक इस खबर का संबंधित अधिकारियों द्वारा संज्ञान नहीं लिया गया है।

    आंगनबाड़ी कार्यकत्री बिट्टा देवी से जब इस मामले में बात की गई तो उन्होंने बताया कि पिहानी कार्यालय से करीब 7 दिन पहले ये पैकेट्स भेजे गए थे। जैसे पैकेट्स आये उन्हें वैसे ही बांट दिया गया। बताया कि 7 माह से 3 वर्ष तक के 40 बच्चों के लिए 1 बोरा, गर्भवती महिलाओं के लिए 15 पैकेट्स और 3 वर्ष से 6 वर्ष तक के बच्चों के लिए 34 पैकेट्स आये थे। जिनमें से कुछ पैकेट्स बांटे जा चुके हैं।

    ग्रामीणों से बात करने उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र द्वारा खराब दाल बांटी जा रही है। शिकायत करने पर भी कोई सुनता नहीं है। करीब 15-20 लोगों को ऐसी दालें बांटे जाने की बात सामने आई है।

    बाल विकास एवं पुष्टाहार अधिकारी बुद्धि मिश्रा ने इस मामले में बताया कि अगर दालों के ख़राब पैकेट्स पहुंच गये थे तो बांटना नहीं चाहिए था, उन्हें वापस कर दिया जाना चाहिए था| जब आंगनबाड़ी कार्यकत्री बिट्टा देवी से सीडीपीओ का संपर्क लेने की कोशिश की गई तो उन्होंने नंबर न होने का हवाला दिया।

    INA NEWS(Initiate News Agency), डेस्क हरदोई|

    Post Top Ad


    Post Bottom Ad


    Blogger द्वारा संचालित.