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    महिला ने एसडीएम पर लगाया आरोप, उनके आदेश पर सामान सहित दो बच्चियों के साथ घर से निकाला

    महिला ने एसडीएम पर लगाया आरोप, उनके आदेश पर सामान सहित दो बच्चियों के साथ घर से निकाला

    महिला आयोग ने कराया सामान सहित घर के अन्दर 

    अयोध्या - उत्तरप्रदेश : बरसात के मौसम में किसी को सामान के साथ घर से बाहर कर दिया जाए तो उसके सामने जो समस्या पैदा होगी वह असहनीय होगा और मानवता के विपरीत होगा। ऐसे ही एक मामला अयोध्या जनपद में देखने को मिला है। अयोध्या जनपद में  संपत्ति के विवाद के चलते एक विधवा महिला का आरोप है कि उसे और उसकी दो बच्चियों को एसडीएम सदर ज्योति सिंह के आदेश पर घर से बाहर कर दिया गया। देवर और भौजाई में विवाद होना स्वाभाविक है किंतु मानवता को तार-तार करना उचित नहीं है।  पीड़ित महिला ने एसडीएम सदर के ऊपर फोन पर अभद्र भाषा का प्रयोग करने का आरोप भी लगाया है। मामले की शिकायत जब राज्य महिला आयोग से हुई तो आयोग की सदस्य इन्द्रवास सिंह को मिली तो वे तत्काल मौके पर पहुंचीं। उनके प्रयास से घर से बेघर हुई महिला को एक बार फिर से उसी घर में आसरा मिल गया।

    महिला शिप्रा शुक्ला ने बताया कि उसके पति की  मृत्यु हो चुकी है।दो छोटी बच्चियां  हैं। मामला सदर तहसील के विवेकानंदपुरम कॉलोनी का है।  जिस मकान में शिप्रा शुक्ला अपनी दो बच्चियों के साथ रहती हैं, उसको लेकर विवाद उनके देवर से चल रहा है। इस विवाद के संबंध में देवर ने एसडीएम सदर से शिकायत किया था कि यह मकान उसकी पर्सनल प्रॉपर्टी है, जो कि उसकी पत्नी पल्लवी शुक्ला के नाम पर है। उसकी भाभी जबरदस्ती उसके मकान में रह रही है। एसडीएम सदर ज्योति सिंह ने मौके का जायजा लेने के बाद विधवा का सामान बाहर निकलवा दिया।

     एसडीएम सदर ज्योति सिंह ने कहा कि यह उसके देवर की पर्सनल प्रॉपर्टी है, पैतृक नहीं। फिर भी महिला शिप्रा शुक्ला कोर्ट की मदद लेकर अपने देवर से मुकदमा लड़ सकती हैं। उन्हें घर से बाहर नहीं निकाला गया। बल्कि अपने वकील के कहने पर वह अपने घर के  सामान बाहर रखकर बैठी गयी।

    पीड़ित महिला के साथ हुई इस घटना की जानकारी राज्य महिला आयोग की सदस्य इंदिरावास सिंह को दी गई। मौके पर पहुंचीं इंदिरावास सिंह ने एसडीएम सदर को आदेश दिया कि मानवीय संवेदना के आधार पर उसका सामान घर में रखवाया जाए। क्योंकि यह बारिश का मौसम है। उसका घर के बाहर रहना ठीक नहीं है। इसके बाद एसडीएम सदर  मौके पर पहुंचकर पीड़ित महिला का सामान घर के अंदर रखने के निर्देश दिए।अब कोर्ट तय करेगा कि महिला को संपत्ति में हिस्सा मिलेगा या नहीं। जिस मकान में रहने को लेकर विवाद चल रहा है उस मकान में विधवा महिला और उसकी बच्चियों का अधिकार है या नहीं। यह तो जांच का विषय है। बरसात के मौसम में जिस साथ घर के बाहर किया गया था यह मानवता के विपरीत है।

    देव बक्श वर्मा, अयोध्या - उत्तरप्रदेश
    INA NEWS(Initiate News Agency) 

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