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    ऑफिस में नहीं बैठते हैं हुजूर, घर से करते हैं सारे सरकारी काम

    ऑफिस में नहीं बैठते हैं हुजूर, घर से करते हैं सारे सरकारी काम

    • अधिशासी अभियंता पर लगाया उत्पीड़न का आरोप
    • उच्चधिकारियों को पत्र लिखकर घर से कार्य करने व फर्जी रिपोर्ट लिखने की कही बात
    • निर्धारित मानक से अधिक कार्य कराया और भुगतान अभी तक नहीं

    हरदोई : जिले के लोक निर्माण विभाग के खंड- 2 के अवर अभियंता ने अधिशासी अभियंता पर घर से कार्यालय का संचालन करने, स्टॉफ की समस्याओं का निराकरण न करने, फर्जी रिपोर्टिंग करने सहित कई अन्य आरोप उच्चाधिकारियों को लिखे शिकायती पत्र में लगाए। निर्माण खंड- 2 के अवर अभियंता सर्वेश चतुर्वेदी ने लिखित शिकायती पत्र के माध्यम से बताया कि लोक निर्माण विभाग, खंड- 2 के अधिशासी अभियंता नीरज सिंह अपने कार्यालय में न बैठकर घर से ही कार्यालय का संचालन करते हैं। कोई समस्या होने पर न तो फोन उठाते हैं और न ही उसकी समस्या का समाधान करते हैं। उन्होंने आगे लिखा कि नीरज सिंह गलत आरोप लगाकर उच्चाधिकारियों से निलंबन व अन्य कार्यवाही की संस्तुति गलत तरीके से करते हैं। उनके द्वारा फर्जी रिपोर्टिंग किए जाने व ठेकेदारों को भड़काकर मानसिक व आर्थिक उत्पीड़न करने का आरोप भी अवर अभियंता सर्वेश ने नीरज सिंह पर लगाया है। लिखित पत्र के माध्यम से उन्होंने आगे बताया कि अपनी पोस्टिंग के बाद 3-4 दिन सर्वेश अपने कार्यालय गए लेकिन उनकी मुलाकात अधिशासी अभियंता नीरज सिंह से नहीं हो पाई। उनके अनुसार, बाद में उन्हें पता चला कि नीरज सिंह कार्यालय आते ही नहीं हैं। एक पत्र के माध्यम से उन्होंने अपने लिए एक आवास आवंटित करने की भी गुजारिश की थी, जो उन्हें अब तक नहीं उपलब्ध कराया गया। जबकि उनके बाद कार्यालय में आये अन्य कर्मियों को आवास आवंटित कर दिए गए।

    अधिशासी अभियंता की खली पड़ी कुर्सी

    उन्होंने कई अन्य विभागीय कार्यों का भुगतान अपनी जेब से करने और बाद में अधिशासी अभियंता द्वारा उस खर्च का भुगतान न कराने की बात भी सर्वेश ने कही है। उन्होंने आगे लिखा कि रिन्यूअल के कार्यों के टेंडर की स्थिति पर भी नीरज सिंह ने फर्जी रिपोर्टिंग मेल द्वारा की है। इस मेल में 45 कार्यों की तकनीकी स्वीकृति की बात कही गयी थी जबकि असल में ऐसी कोई भी स्वीकृति अधिशासी अभियंता नीरज द्वारा नहीं दी गयी थी। उन्होंने आगे लिखा कि किसी समस्या के लिए अवर अभियंता ने अधिशासी अभियंता से फोन के माध्यम से संपर्क करना चाहा तो उनका फोन नहीं रिसीव किया गया। जब व्हाट्सअप पर संदेश भेजा तो वहां से भी सर्वेश को ब्लॉक कर दिया गया। किसी पारिवारिक समस्या के चलते अवकाश लेने पर भी नीरज सिंह ने निराधार आरोप लगाकर निलंबन की संस्तुति कर देने तक की बात सर्वेश से कही थी। उस अवकाश की स्वीकृति भी नहीं दी गई। अवर अभियंता ने अधिशासी अभियंता पर कर्मचारियों, अधिकारियों और ठेकेदारों को प्रताड़ित करने का भी आरोप लगाया। लिखित पत्र के माध्यम से अवर अभियंता सर्वेश चतुर्वेदी ने अपने साथ होने वाली किसी भी अनहोनी या अप्रिय घटना के लिए अधिशासी अभियंता नीरज सिंह को जिम्मेदार ठहराया है।

    लोक निर्माण विभाग में बंद मिला अधिशासी अभियंता नीरज सिंह के कार्यालय का दरवाजा

    अवर अभियंता सर्वेश चतुर्वेदी ने सरकारी आवास के आवंटन, उपार्जित अवकाश की स्वीकृति आदि को लेकर नीरज सिंह को पत्र लिखे थे लेकिन इन सब पर कोई भी सुनवाई नहीं की गई। अवर अभियंता सर्वेश ने अधिशासी अभियंता नीरज सिंह द्वारा विभिन्न मदों में व्यय राशि का भुगतान न करने की भी बात कही है। इसके अलावा कई ठेकेदारों ने भी अधिशासी अभियंता के विरुद्ध जिलाधिकारी से इसकी शिकायत की लेकिन अभी तक कोई नतीजा नहीं निकला। अवर अभियंता और संबंधित ठेकेदारों को निर्धारित मानक से भी अधिक कार्य दिया गया और वह कार्य उनसे कराया भी गया और जब बात भुगतान की आई तो उक्त अधिशासी अभियंता के कानों में ठेकेदारों और अवर अभियंता की आवाज ही पहुंचना बंद हो गई। जितना कार्य कराया जाना था उससे कई गुना अधिक कार्य उनसे कराया गया। हालात यह है कि ठेकेदारों ने जिनसे काम कराया था, उनका भुगतान अपनी जेब से किया, जबकि वह राशि उन्हें अब तक नहीं मिली। जिससे आर्थिक तौर पर सब परेशान हो रहे हैं। यब राशि करोड़ों में बताई जा रही है। ऐसे हालातों में भी पीड़ित अवर अभियंता और ठेकेदारों की बात नहीं सुनी जा रही है। सिर्फ एक अधिशासी अभियंता की अप्रत्यक्ष रूप से तरफदारी की जा रही है और शेष अवर अभियंता व ठेकेदारों की बात को दरकिनार किया जा रहा है। यह अधिशासी अभियंता पूरे लोक निर्माण विभाग को गर्त की ओर धकेलने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रहा है। अपनी मनमानी और राजशाही से इसने सभी ठेकेदारों और कर्मचारियों का जीवन जीना दुश्वार कर रखा है। एक जानकारी के मुताबिक, इस मामले को लेकर कुछ ठेकेदार कोर्ट की चौखट तक पहुंच चुके हैं। यह अधिशासी अभियंता अपने ही विभाग के लोगों का लगातार शोषण कर रहा है और अपने कार्यालय का सारा काम घर से बैठकर ही करता है। इस अधिकारी की मनमानी और राजशाही कार्यशैली सभी के लिए जी का जंजाल बनी हुई है। अगर इस तरह से ऐसे अधिकारी अपनी मनमानी करते रहेंगे और अपने ही विभाग के लोगों का शोषण करते रहेंगे तो ऐसे विभाग में कौन काम करना चाहेगा। इस मामले में उनका पक्ष जानने म लिए जब आईएनए न्यूज़ एजेंसी द्वारा फोन के माध्यम से उनसे संपर्क किया गया तो उन्होंने फोन ही रिसीव नहीं किया। जब उनके ऑफिस टीम को भेजा गया तो वे अपने दफ्तर में उपस्थित नहीं मिले। उनके स्टॉफ के अन्य लोगों से बात करने पर इस बात की पुष्टि हुई कि वे कभी भी अपने ऑफिस में नहीं बैठते हैं। अब देखना यह भी है कि अपनी बेदाग और ईमानदार कार्यशैली को लेकर जिले का नेतृत्व करने वाले जिलाधिकारी अवर अभियंता और ठेकेदारों की इस बड़ी समस्या का निराकरण किस प्रकार करते हैं और उनके द्वारा अधिशासी अभियंता पर क्या कार्रवाई की जाती है।

    विजय लक्ष्मी सिंह, एडिटर इन चीफ
    INA NEWS(Initiate News Agency)

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