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    कानपुर। संजीव के परिवार वाले अभी भी अपने बेटे के आने की आस लगाए बैठे हैं

    कानपुर। कानपुर के बर्रा 6 में एक साल पूर्व हुए संजीत अपहरण हत्याकांड के मामले में बुधवार को एक साल पूरा हो गया। मगर संजीव के परिवार वाले अभी भी अपने बेटे के आने की आस लगाए बैठे हैं। इस पूरे घटनाक्रम का पुलिस ने खुलासा करते हुए छः आरोपियों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया था।

    आपको बता दें कि पूरा मामला बर्रा थाना क्षेत्र के बर्रा 6 इलाके में रहने वाले चमन लाल के बेटे संजीव प्राइवेट अस्पताल में नौकरी करता था।संजीव अपने घर से 23 जून 20210 को अपने काम के लिए घर से निकला था।उस वक्त संजीत के घर वालो को ये अंदाजा भी नही था कि उनका बेटा आज घर से अंतिम बार जा रहा है और आज के बाद वो दुबारा कभी अपने माँ-पिता और बहन से कभी नही मिल पायेगा। संजीत 23 जून को रात हो जाने के बाद भी घर नही लौटा तो घर वाले परेशान हो गए और पुलिस को मामले की जानकारी दी।

    मगर हर मामले की ही तरह पुलिस के इस मामले पर भी लापरवाही दिखाई।सबसे बड़ी बात तो इस घटना में ये रही कि अपहरणकर्ता पीड़ित परिवार को फिरौती के लिए लगातार फोन कर रहे थे मगर कानपुर की हाइटेक  पुलिस अपहरणकर्ताओं को सर्विलांस के जरिये ट्रेस तक नही कर सकी।घटना के सात दिन बाद पुलिस ने घटना में शामिल दो लोगो को हिरासत में।लिया जिसके बाद पूरी घटना का खुलासा हुआ।

    पुलिसिया पूछताछ में अपहरणकर्ताओं ने बताया कि उन्होंने अपराहन का संजीव को रतनलाल नगर के एक किराए के मकान पर रखा था मगर पणजी भागने की फिराक में था जिसके चलते उन्होंने उसकी गला दबाकर पहले हत्या कर रही हो फिर चाकू से गोद दिया जिसके बाद अपहरणकर्ताओं ने बोरे में संजीत के शव को भरकर पांडव नदी में ले जाकर फेंक दिया था वहीं पुलिस ने अब तक इस पूरे घटनाक्रम में घटना को अंजाम देने वाले 6 लोगों को हिरासत में लेकर जेल भेज चुकी है मगर संजीत के शव को पुलिस बरामद नहीं कर सकी।

    संजीत की बहन 

    बेटे की मौत की सूचना जब परिवार वालों को लगी थी तो पूरे परिवार में कोहराम मच गया था इकलौते बेटे की हत्या की घटना के लिए परिवार वाले पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते रहे और पूरे मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग कर रहे थे मगर सालबर्दी जाने के बाद भी परिवार वालों की कोई सुनवाई नहीं हुई मगर पीड़ित परिवार आज भी घटना को सच मानने को तैयार नहीं है संजीत के बहन और मां को आज भी ये आस है कि उनका बेटा जरूर लौटेगा।


    इब्ने हसन ज़ैदी 

    Initiate News Agency(INA), कानपुर 

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