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    महंगाई से जनता त्रस्त मोदी सरकार मस्त

    महंगाई से जनता त्रस्त मोदी सरकार मस्त 

    राजनांदगांव- छत्तीसगढ़ : प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष फूलो देवी नेताम के निर्देश पर केंद्र में बैठी मोदी की सरकार लगातार महंगाई को बढ़ाई जा रही है जिससे आम जनता त्रस्त हो चुकी है। पेट्रोल की कीमत 100 के पार हो चुका है। रौशनी सिन्हा ने प्रेसवार्ता को बनाया कि 2021 में पेट्रोल के बढ़ती हुई कीमतों की कहानी इस प्रकार है - जनवरी माह में 10 बार और फरवरी माह में 16 बार वृद्धि की गई। 27 फरवरी को असम और बंगाल में चुनाव की घोषणा हुई तो मार्च माह में 3 बार और अप्रैल माह में 1 बार कटौती किया गया। 29 अप्रैल को चुनाव खत्म होने के बाद मार्च माह में 16 बार और अभी जून माह में अब तक 9 बार डीजल पेट्रोल का दाम बढ़ाया जा चुका है। जबकि इस बीच कोरोना संक्रमण का दूसरा लहर की वजह से लाकडाउन था। लोगों के पास ढंग से काम धंधे नहीं है और डीजल पेट्रोल से लेकर खाद्य सामग्री के कीमत में वृद्धि केंद्र सरकार की नाकामी को दर्शाता है|

    मोदी सरकार अपने किए हुए वादों को पूरी तरह भूल गई है। जब मनमोहन सिंह की सरकार थी उस समय 100 दिन में महंगाई कम करने जैसे वादा किया था। मोदी चुनाव जीतने के लिए कई तरह के लोक लुभावन वादे किए, जो आज पर्यन्त तक कहीं पर भी धरातल में नजर नहीं आता। मैं पूछना चाहती हूं कि चुनाव के समय काला धन लाने का वादा किया था वह कहां गया। लोगों के खाते में 15 लाख डालने का वादा किया था वह पैसा आम जनता के खाते में डालने की बजाय गृह मंत्री अमित शाह के बेटे जय शाह के खाते में डाल दिए इसलिए उसका आय 50 हजार से बढ़कर 80 करोड़ हो गया है। भारतीय जनता पार्टी भ्रष्ट लोगों की पार्टी बन गई है जो कि 1991 से लेकर आज तक राम मंदिर के नाम से चंदा वसूलते आ रहे हैं उसका कोई हिसाब नहीं ऊपर से 2 करोड़ की जमीन को 18 करोड़ में सौदा कर 16 करोड रुपए का घोटाला जैसे बाते सामने आ चुकी है।साथ ही पी एम केयर फण्ड मे कितना पैसा है उसका कोई हिसाब नही।

    पूर्ववर्ती भाजपा की सरकार ने  नौकरी पेशे वालों का पेंशन छीना गया और आज मोदी की सरकार लोगों की नौकरी और रोजगार छीन रही है। आज तक इतिहास में कोई भी निर्णय मंत्रिमंडल के बीच बैठकर  लिया जाता रहा है किंतु मोदी कोई भी निर्णय  मन के ही लेते हैं और मन की बात कर बगैर प्रबंधन के रातों-रात फैसला लिया जाता है। जिसका दुष्परिणाम जनता भुगतती है जिसका स्पष्ट उदाहरण है नोटबंदी, लॉकडाउन और कृषि बील इसलिए कुप्रबंधन के चलते लोगों की जानें गई। लॉकडाउन में कई प्रवासी मजदूरों की मौत हुई कृषि बील संसोधन को लेकर किसानों ने दिल्ली बार्डर पर मांग को लेकर अड़े थे जिसके चलते कई लोगों की मौत हो गई उस परिवार के प्रति कोई संवेदना नहीं। कोरोना में भाजपा शासित राज्यों का मौत का आंकड़ा छुपाया गया।

    मोदी सरकार का सौतेला व्यवहार भी चरम सीमा में है और गैर भाजपा शासित राज्यों में जैसे छत्तीसगढ़, पंजाब, महाराष्ट्र और केरल को हमेशा प्रताड़ित करते रहते है। खुद तो किसानों का सुध नहीं लेता और हमारे छत्तीसगढ़ में 15 साल तक भाजपा की सरकार थी उस समय किसानों का कर्ज इतना बढ़ गया था कि कई किसान आत्महत्या कर रहे थे इस वजह से किसानों के पीड़ा को करीब से महसूस करते हुए भुपेश सरकार के दुवारा २५०० प्रति कुंटल धान का समर्थन मुल्य कर  वादा पुरा किया साथ ही किसानों का कर्ज माफ किया गया। जिससे किसानों की स्थिति में सुधार आया । इस बीच ग्रामीण के अध्यक्ष राम छतरी चंद्रवंशी प्रदेश महिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष शारदा तिवारी प्रदेश सचिव खैरुन्निसा शहर उपाध्यक्ष फराह खान महासचिव निशा साहू महासचिव सबीना नशरीन महासचिव पूर्णिमा नागदेवी दक्षिण ब्लॉक अध्यक्ष प्रतिमा बंजारे सचिव सुनीता सिन्हा और सचिव मधुबाला श्रीवास्तव उपस्थित थे।

    हेमंत वर्मा, राजनांदगांव- छत्तीसगढ़
    INA NEWS(Initiate News Agency)

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