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    फिलीपींस लड़की और हरदोई के युवक में हुई दोस्ती, भारत आकर दोनों साथ रहे और फिर .....

    फिलीपींस लड़की और हरदोई के युवक में हुई दोस्ती, भारत आकर दोनों साथ रहे और फिर .....

    हरदोई : कहा जाता है कि निभाने वालों के लिए रिश्ते बड़े मायने रखते हैं, चाहें वह रिश्ता दोस्ती का हो या फिर कोई और। गहरे रिश्ते में दूरियां भी मायने नहीं रखतीं। इसी बात को चरितार्थ किया फिलीपींस की लड़की और हरदोई के लड़के ने। एक सोशल प्लेटफॉर्म के माध्यम से दोनों की मित्रता हुई और फिर फिलीपींस लड़की भारत घूमने आई। यही नहीं, उसके बाद दोनों एक साथ रहने लगे।

    फिलीपींस लड़की एडना

    फिर अचानक कुछ ऐसा हुआ कि फिलीपींस लड़की ने दूतावास को सूचना दी और वहां की टीम आने के बाद वह वापस दूतावास की टीम के साथ चली गई। मामला हरदोई जिले से जुड़ा है। जनपद हरदोई के बग्गरपुरवा का रहने वाला पवन लुधियाना में किसी फैक्ट्री में काम करता था।

    हरदोई का युवक पवन

    इसी बीच सोशल प्लेटफॉर्म के माध्यम से उसकी एक फिलीपींस लड़की एडना के साथ जान-पहचान हुई। दोस्ती इतनी गहरी हो गयी कि वीजा के माध्यम से फिलीपींस लड़की एडना 14 अगस्त 2019 को भारत घूमने आई और वह पवन को दिल्ली बुलाने के बाद उसके साथ भारत के कई हिस्सों में घूमने भी गई। बाद इसके एडना पवन के साथ हरदोई आ गई।

    यहां आने के बाद पिहानी चुंगी पर स्थित एक किराये के मकान में दोनों रहने लगे। यहां से निकलने के बाद एडना और पवन यासीनपुरवा में पवन के एक रिश्तेदार के यहां रहने लगे। जानकारी के मुताबिक, कई दिनों से दोनों बग्गरपुरवा में रह रहे थे। 

    पवन कुमार 

    इसी बीच अचानक एडना ने दूतावास में सूचना देकर अपने वतन वापस जाने की इच्छा जताई। इस मामले को गम्भीरता से लेने के बाद दूतावास से टीम को हरदोई भेजा गयं और एडना को वहां बुलवाया गया। आईएनए न्यूज़ एजेंसी द्वारा एडना से बात करने पर उसने बताया कि वह अपनी इच्छा से 14 अगस्त 2019 को पवन से मिलने दिल्ली गयी थी और उसके साथ रह रही थी।

    उसने बताया कि इसमें पवन का कोई दोष नहीं है। उसका वीजा एक्सपायर हो गया था और उसने अपने वतन वापस जाने की इच्छा जताते हुए दूतावास को खबर की थी। लॉक डाउन लग जाने की वजह से वह यहां रह रही थी। उधर, स्थानीय पुलिस ने पवन को हिरासत में लेकर घंटों पूंछतांछ की लेकिन कोई भी संदिग्ध जानकारी उन्हें नहीं मिली। 

    चूंकि एडना का पासपोर्ट 12 मई 2020 तक ही वैध था और लॉक डाउन लग जाने की वजह से वह यहां रह रही थी। एडना को जब दूतावास की टीम लेने आई तो गाड़ी में बैठने से पहले एडना बार-बार कह रही थी कि पवन का किसी प्रकार का कोई दोष नहीं है।

    दूतावास की टीम के साथ लौटने से पहले 25 नवंबर 1991 को जन्मी एडना ने इंग्लिश में एक एप्लीकेशन भी लिखा, जिसमें उसने लिखा कि वह अपनी मर्जी से भारत आई थी और पवन के साथ रह रही थी। पवन की कमजोर आर्थिक स्थिति से उसे थोड़ी समस्या उत्पन्न हुई। इसके अलावा किसी भी प्रकार की समस्या उसे नहीं हुई। उसने लिखा कि अब वह अपने देश वापस जाना चाहती है और वह पवन के खिलाफ किसी भी प्रकार का केस दाखिल करना नहीं चाहती।

    गीतेश सिंह, ब्यूरो प्रमुख(हरदोई) 
    INA NEWS(Initiate News Agency)

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