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    मध्य प्रदेश/बैतूल। कोरोना काल मे भी रक्तदाताओं का उत्साह कम नही हुआ और अब रक्तदाता छोटे छोटे रक्तदान शिविर में पहुँचकर कर रहे है रक्तदान।

    मध्य प्रदेश/बैतूल। कोरोना काल मे भी रक्तदाताओं का उत्साह कम नही हुआ और अब रक्तदाता छोटे छोटे  रक्तदान शिविर में पहुँचकर कर रहे है रक्तदान। दरअसल लॉकडाउन और कोरोना काल के चलते बड़े रक्तदान शिविर नही होने के कारण बैतूल जिला चिकित्सालय के ब्लड बैंक में रक्त की कमी आ गई थी जिसके चलते कोविड मरीज,सिकलसेल ,थैलीसीमिया और गर्भवती महिलाओं को ब्लड देने में दिक्कत आ रही थी। इसी को लेकर समाजसेवियों की मांग पर सोमवार से रक्तदान शिविर की शुरूआत की गई। रक्तदान शिविर की शुरुआत ब्लड कलेक्शन वेन के माध्यम से हुई। केन्द्रीय विद्यालय परिसर में ब्लड कलेक्शन वेन में रक्तदाताओं ने रक्तदान किया। स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए एक शिविर में सिर्फ 20 रक्तदाताओं से रक्तदान करवाया।

    बताया जा रहा है कि ब्लड बैंक में कोरोना संकट के कारण ब्लड की भारी कमी सामने आ रही थी, जिसके कारण जरूरतमंद मरीजों को रक्त देने में दिक्कत आ रही थी। इसके साथ ही 18 साल से ज्यादा उम्र वालों का  वैक्सीनेशन शुरू होने वाला है।  और वैक्सीन लगने के 28 दिन के बाद ही रक्तदान किया जा सकता है ऐसे हालात में रक्त की कमी और बढ़ जाएगी  इसी के चलते कुछ समाजसेवियों ने भी छोटे-छोटे रक्तदान शिविर लगाने की मांग की थी, जिसकी शुरूआत आज से की गई है। 

    यह शिविर 10 दिन चलेगा। इसमें प्रतिदिन 20 रक्तदाता रक्तदान कर सकेंगे। इन शिविर से ब्लड बैंक में रक्त की पूर्ति हो सकेंगी। ब्लड बैंक की रक्तकोष अधिकारी डॉ. अंकिता सीते ने बताया कि लॉकडाउन और कोरोना संकट के चलते बड़े कैंप नहीं लग रहे थे और रक्तदाता भी ब्लड बैंक में रक्तदान करने आने में संकोच कर रहे थे, जिसके कारण सीएमएचओ डॉ. एके तिवारी, सिविल सर्जन डॉ. अशोक बारंगा के मार्गदर्शन में ब्लड कलेक्शन वेन के माध्यम से रक्तदान शिविर के आयोजन शुरू किए गए है। इसकी शुरूआत आज केन्द्रीय विद्यालय बैतूल से की गई, जहां पहले दिन 20 रक्तदाताओं ने रक्तदान किया। रक्तदान शिविर में कोरोना प्रोटोकॉल का पूरा ध्यान रखा गया। सर्वसुविधायुक्त ब्लड कलेक्शन वेन जिसमें एक साथ दो रक्तदाता रक्तदान कर सकते है।


    डॉ. अंकिता सीते ने यह भी बताया कि इन दिनों कोविड मरीजों को भी ब्लड की आवश्यकता पड़ रही है। इसके अलावा सिकलसेल और थैलीसीमिया के मरीज एवं गर्भवती माताओं को भी रक्त की जरूरत रहती है। इन छोटे कैंप के माध्यम से जरूरतमंद मरीजों को ब्लड मिल सकेगा।



    शशांक सोनकपुरिया 

    Initiate News Agency (INA), बैतूल 

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