Header Ads

  • INA BREAKING NEWS

    महादेव गौशाला में की हरे चारे की व्यवस्था, ग्रामीणों ने दिखाई दरियादिली

    महादेव गौशाला में की हरे चारे की व्यवस्था, ग्रामीणों ने दिखाई दरियादिली

    पमाना : विगत 5 साल से ग्रामीण जनसहयोग से स्थापित हुई महादेव गौशाला में हर साल गर्मियों में चारे की किल्लत रहती है। गौशाला प्रबंधन का कहना हैै कि गर्मियों में सरकारी सहयोग मिलने की उम्मीद रहती है, लेकिन ऐसे में जब कोई सहयोग नहीं मिलता है तो जनसहयोग के द्वारा गायों के लिए चारे पानी की व्यवस्था की जाती है।

    ग्रामीणों ने संत कबीर के दोहे के हवाले कहा कि दान देने से कभी धन घटता नहीं है,  इसलिए हमें अधिक से अधिक दान देना चाहिए। 

    "चिड़ी चोंच भर ले गई, नदी न घटिया नीर।

    दान दिया धन ना घटे कह गए संत कबीर।"

    गाय सहित अन्य पशु पक्षियों की सेवा करने से समाज के उपर आ रही पर्यावरणीय अंसुतलन की चुनौती टल सकती है। मनुष्य को केवल अपना स्वार्थ भूलकर वनस्पति और पशु पक्षियो का पूरा ख्याल रखना चाहिए, यही मानव का नैतिक कर्तव्य है कि वो अपने अलावा दूसरों की भी परवाह करे। पमाना गांव के ग्रामीणों ने हमेशा ही पर्यावरण रक्षा के लिए अपने आप को आगे रखा है। 

      इस साल भी महादेव गोशाला पमाना में गर्मी ऋतु आते ही गौमाता के लिए समाजसेवी ग्रामीण युवाओं ने हरे चारे की व्यवस्था की। जिसमें मदनलाल दर्जी, मोहनलाल चोखाजी, मांगीलाल बोला पूनासा, बलवंताराम गोदारा, श्रवण बादराजी, आसुराम बादराजी, मानाराम गोदारा, सुरताराम, भीखाराम जांगु, रामनिवास जालाजी, भंवरा ईमित्र, चौथाराम बादराजी, सोहनलाल गोदारा, जयराम हरिराम ईराम, हनुमानजी भगवाना जी कुराड़ा, किशनाराम बजरंगजी, आदि ग्रामीणों ने अलग अलग प्रकार से दान देकर गायों के लिए हरे चारे की व्यवस्था की।

    अरविन्द सुथार(कृषि विशेषज्ञ)

    Post Top Ad


    Post Bottom Ad


    Blogger द्वारा संचालित.