Header Ads

  • INA BREAKING NEWS

    राजस्थान/पमाना। लॉकडाउन में मिठास का अहसास दिलाने को तैयार तरबूज-किसान सांवलाराम की सफल कहानी

    राजस्थान/पमाना। निकटवर्ती जैलातरा गांव में किसान सांवलाराम मालवी ने खेती में आधुनिक तरीका अपनाते हुई इस साल तरबूज की खेती की है। इसके लिए सांवलाराम ने जल हौज बनाकर बरसात का पानी एकत्रित किया था। इसके साथ में ट्यूबवेल का पानी मिश्रित करके सिंचाई करते हैं। 

    आपको बता दें कि सांवलाराम कभी स्कूल नहीं किए फिर भी वो कृषि इंजिनियरिंग का कार्य करते हैं। सबमर्सिबल पम्प रिपेयर करने में ख्याति प्राप्त है। सांवलाराम मालवी ने तरबूज की खेती करने के लिए गुजरात से बीज खरीदा था। और इस साल फरवरी मार्च में खेत में प्लास्टिक मल्चिंग लगाकर तथा ड्रीप सिस्टम के सहारे बीजों की बुवाई कर दी। उन्होंने इसमें किसी प्रकार का उर्वरक और दवाइयों का उपयोग नहीं किया। 

    तरबूज एकदम से ऑर्गेनिक हैं। हाल ही उन्होंने भास्कर को बताया कि इस प्रकार की खेती के लिए कृषि सलाहकार अरविन्द सुथार का विशेष योगदान रहा। तरबूज की 1 बीघा खेती से लगभग 2 लाख रू की शुद्ध आमदनी होने का अनुमान है। लॉकडाउन की वजह से बिक्री में थोड़ी परेशानी रहेगी, लेकिन कोरोना गाइडलाइन का ध्यान रखते हुए खेत पर ही तुड़ाई करके बेचने की योजना है। तरबूज के ऑर्गेनिक उत्पादन को देखते हुए आसपास के लोग खरीदने के काफी इच्छुक हैं।


    अरविन्द सुथार 

    Initiate News Agency(INA), राजस्थान

    Post Top Ad


    Post Bottom Ad


    Blogger द्वारा संचालित.