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    कोरोना की तीसरी लहर से पहले कानपुर से आई चेतावनी वाली खबर

    कोरोना की तीसरी लहर से पहले कानपुर से आई चेतावनी वाली खबर

    छ: महीने के कोरोना पॉजीटिव मासूम को लगाना पड़ा रेमडेसवर

    अच्छी खबर ये कि बाल रोग संस्थान के डाक्टरो ने 24 नवजातों को सिम्पल दवाओं से कर दिया ठीक

    कानपुर उत्तर प्रदेश : पूरे देश में इस समय  कोरोना  की तीसरी लहर की चर्चा है तो यह आशंका भी जताई जा रही है कि यह लहर छोटे बच्चों पर ज्यादा असर करेगी ऐसे में कानपुर के बाल रोग संस्थान हैलट से मासूम बच्चों के लिए चौकाने वाली खबर सामने आई है यहां के डाक्टरो को एक छै महीने के कोरोना पॉजीटिव बच्चे को  बचाने के लिए रेमडेसिवर इंजेक्शन की डोज देनी  पड़ी है हालॉकि बच्चा इसके बाद ठीक है  वैसे इस हास्पिटल के डाक्टरो ने पिछले एक महीने में 24 कोरोना पॉजीटिव बच्चो को सिर्फ हल्की दवाओं से ठीक करके तारीफे काबिल काम किया है यहां अभी तक किसी बच्चे की कोरोना से डेथ नही हुई है, जो डाक्टरो की मेहनत को दिखाता है|

    यह कानपुर के हैलट का बाल रोग संस्थान है यह शहर का सबसे बड़ा चाइल्ड  हॉस्पिटल है  ये जीएसवीएम मेडिकल कालेज से संबद्ध है यहां कोरोना पॉजीटिव आये बच्चो का बड़े संजीदगी से इलाज किया जा रहा है इसकी बानगी ये है कि एक महीने में अबतक यहां से 24 बच्चों को कोरोना से ठीक करके घर भेजा जा चुका है  सबसे खास बात ये है कि इन सभी को डाक्टरो ने सिम्पल दवाये देकर नेगेटिव कर दिया संस्थान के हेड डॉक्टर यशवंत राव का कहना है हमने सभी बच्चों को पैरासिटामॉल जैसी सिम्पल दवा और गर्म पानी देकर ठीक कर लिया केवल एक छै महीने के बच्चे तृषा को रेमडेसिवर इंजेक्शन देना पड़ा 24 बच्चो को हम डिस्चार्ज कर चुके है|

    डॉक्टर यशवंत राव, हेड बाल रोग संस्थान हैलट

    हैलट का ये बालरोग संस्थान बच्चो का सबसे बड़ा  हास्पिटल है यहां भर्ती कोरोना पॉजीटिव बच्चो में ज्यादातर नवजात शिशु थे जिनकी डिलेवरी से पहले मा भी पॉजीटिव थी  डॉक्टर यशवंत की टीम ने अभीतक किसी बच्चे की कोरोना से मौत नही होने दी है इस समय भी उनके पास छै मासूम कोरोना पोजटिव भर्ती है लेकिन छै महीने के बच्चे तृषा ने अब उनकी चिंता बढा दी है क्योंकि उसको ठीक करने के लिए उन्हें पहली बार किसी बच्चे पर रेमडेसिवर जैसा आखिरी विकल्प वाला इंजेक्शन यूज करना पड़ा है  एक तरह से इसे आने वाली तीसरी कोरोना लहर का टेलर भी समझ सकते है डॉक्टर यशवंत का मानना है ये चिंता वाली बात है कि छै महीने के मासूम बच्चे को पहली बार रेमडेसिवर देना पड़ा हालांकि वह एक एमपुल मे ही ठीक हो गया फिरभी इससे यह साफ हो गया कि अब मासूमो में कोरोना वायरस का हैवी लोड आने की तैयारी में है  जिसको लेकर सभी को सतर्क हो जाना चाहिए क्योकि पहली बार किसी मासूम को बचाने के लिए रेमडेसिवर देना पड़ा है 

    ये चिंता वाली बात है कि छै महीने के मासूम बच्चे को पहली बार रेमडेसिवर देना पड़ा हालांकि वह एक एमपुल मे ही ठीक हो गया फिरभी इससे यह साफ हो गया कि अब मासूमो में कोरोना वायरस का हैवी लोड आने की तैयारी में है  जिसको लेकर सभी को सतर्क हो जाना चाहिए क्योकि पहली बार किसी मासूम को बचाने के लिए रेमडेसिवर देना पड़ा है|

    बालरोग विभाग के डाक्टर वास्तव में इस  सम्मान केहकदारहै की उन्होंने इस मौत बाटने वाली कोरोना लहर के वावजूद किसी मासूम को उसकी जिंदगी से महरूम नही होने दिया ये उनके अथक प्रयासों को दर्शाता है लेकिन इसके साथ साथ एक बच्चे को लगाया रेमडेसिवर यह चेतवानी भी दे रहा है कि आगे अपने मासूमो को बचाना है तो कोरोना प्रोटोकाल की तैयारियों और बचाव दोनो को गंभीरता से लेना होगा।

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    हमने सभी बच्चों को पैरासिटामॉल जैसी सिम्पल दवा और गर्म पानी देकर ठीक कर लिया केवल एक छै महीने के बच्चे को रेमडेसिवर इंजेक्शन देना पड़ा 24 बच्चो को हम डिस्चार्ज कर चुके है|

                     - डॉक्टर यशवंत राव,  हेड बाल रोग संस्थान हैलट

    इब्ने हसन जैदी
    आईएनए न्यूज़ एजेंसी, कानपुर उत्तर प्रदेश

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