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    कोरोना की दूसरी लहर से सरकार के साथ इकॉनमी को लगा बड़ा झटका

    कोरोना की दूसरी लहर से सरकार के साथ इकॉनमी को लगा बड़ा झटका

    नई दिल्ली : ग्लोबल रेटिंग एजेंसी फिच सोल्यूशंस (Fitch Solution) ने कहा है कि कोविड-19 (Covid-19) के मौजूदा बढ़ते संकट के भारत की हेल्थ सुविधाओं (Health Services) को डुबो दिया है। यही नहीं, लगता है कि व्यवस्था (System) ध्वस्त हो गई है। ऐसे में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रति जन समर्थन को कुछ धक्का लगा है। कुछ झटका इकोनॉमी (Economy) को भी लग सकता है। एजेंसी का कहना है कि कोरोना वायरस संक्रमण के इस दौर के बीच वित्त वर्ष 2021- 22 में भारत की वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) ग्रोथ कम होकर 9.5 फीसदी रह सकती है। वास्तविक प्रभाव पिछले साल के मुकाबले कमफिच का मानना है कि कंटेनमेंट जोन जैसे उपायों से भारत की आर्थिक क्षेत्र में सुधरती स्थिति पर असर होगा लेकिन स्थानीय स्तर पर अलग अलग स्थानों पर लगने वाले प्रतिबंधों से अर्थव्यवस्था पर वास्तविक प्रभाव पिछले साल अप्रैल- जून के प्रभाव के मुकाबले कम ही होगा। पिछले साल अप्रैल- जून के दौरान देश में विभिन्न चरणों में सख्त लॉकडाउन लागू किया गया था। एजेंसी का कहना है कि सरकार की तरफ से अपर्याप्त उपाय, लोगों का स्वास्थ्य दिशानिर्देशों का पालन नहीं करना जैसे कही सार्वजनिक स्थानों पर मास्क नहीं पहनना, शारीरिक दूरी रखने के नियम का पालन नहीं करना भी बड़ी वजह रही है, जिसके कारण भारत में संक्रमण के मामले तेजी से बढ़े हैं।

    कोरोना की दूसरी लहर सुनामी की तरह आई बायोकॉन की संस्थापक किरण मजूमदार शॉ ने कहा है कि कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर देश में सुनामी की तरह आई। इसका मुख्य कारण देश में हुए विधानसभा चुनाव और धार्मिक त्योहारों का आयोजन रहा। बायोकॉन की संस्थापक किरण मजूमदार शॉ ने वन शेयर वर्ल्ड द्वारा आयोजित वैश्विक वैक्सीन इक्विटी पर चर्चा के दौरान कहा, ‘कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर देश में सुनामी की तरह आई। सबसे दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि दूसरी लहर ने देश के किसी भी क्षेत्र को अछूता नहीं छोड़ा।’ शॉ ने कहा, ‘इस बार शहरी इलाकों के साथ ग्रामीण इलाकों में भी संक्रमण फ़ैल गया क्योंकि देश कई राज्यों में विधानसभा चुनाव और धार्मिक त्योहारों का आयोजन हुआ। जिसके कारण यह भयावह स्थिति बनी।’ शॉ ने कहा, ‘कोरोना संक्रमण के मामलों में तेजी से अस्पतालों के बुनियादी ढांचों पर बहुत ज्यादा दबाव पड़ गया। हमारे पास पर्याप्त मानव संसाधन नहीं हैं।’ उन्होंने कहा, ‘सबसे अहम, हमारे पास कोरोना वैक्सीन इतनी अधिक संख्या में उपलब्ध नहीं है जिससे लोगों को जल्द से जल्द टीका लगाया जा सके। भारत की विशाल जनसंख्या इस स्थिति को अधिक चुनौतीपूर्ण बनाती है। अगर भारत सुरक्षित नहीं है तो दुनिया भी सुरक्षित नहीं रह सकेगी।’

    INA NEWS(Initiate News Agency)

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