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    शाहजहांपुर।पुलिस ने की सख्ती लोगों के नियम तोडऩे पड़ लट्ठ का भी लिया सहारा- लठ पड़ते ही बोले साहब दवाई लेने गए थे

    हजहांपुर। कोरोना पर काबू पाने के लिए लॉकडाउन लगाया गया। जिसमें अवागमन पर रोक रखी गई, इमरजेंसी सुविधाओं को अनुमति दी गई। 

    सुबह से 11 बजे तक बाजार में लोगों को जरूरी सामान खरीददने जाने के लिए पुलिस ने इजाजत दी। उसके बाद पुलिस ने लाठी बजानी शुरू कर दी। जब बेवजह घूमने वालों पर बल प्रयोग हुआ तो 80 प्रतिशत व्यक्ति ने दवाई का बहाना बताया। पुलिस छोडऩे पर मजबूर हो गई।  ई-रिक्शा चालक सवारी भरकर ले जाने पर पुलिस ने लाठी मारी, फिर उसे सवारी उताकर घर बैठने के लिए कहा। दोबारा देखे जाने पर खैर नहीं रहेगी। लॉकडाउन लगने की वजह से कई दिल्ली से भागकर अपने घर वापस आ गए, कुछ तो रिश्तेदारी में रूक गए। पुलिस से बहस करने वालों पर पुलिस ने लाठी से बात की।  लोग ज्यादा संख्या में लोग निकले, जब उन्हे रोका तो वह दवाई, सीटी स्क ैन का बहाना बना रहे। कोई भी कोरोना संक्र मण के खतरे को समझ नहीं रहा। स्वास्थ्य टीम कोरोना से लड़कर लोगों की जान बचा रहे। लेकिन लोगों की लापरवाही ही संक्रमण को और बढ़ा रही।  

    धार्मिक स्थल की मरम्मत को सामान ले जा रहा था

    बाइक सवार दो मुस्लिम युवक को पुलिस ने रोका। जिस पर उन्होंने धार्मिक स्थल की मरम्मत के लिए सामान का कारण बताया। पुलिस ने कहा अभी छोड़ दे रहे, लेकिन दोबारा रोड पर दिखाई मत देना। कुछ भी खरीददना वह सुबह से 11 बजे की बीच में निकलकर करना। बेबजह लाठी पड़ जाए यह ठीक नहीं होगा। स्वयं से सावधानी बरतेें हुए घर पर रहेंगे तो ठीक होगा।

    सिपाही ने रोका, मोबाइल पर दिखाया पर्चा

    घण्टाघर के पास बेवजह घूमने वालों को रोका जा रहा। वहां पर एक स्कूटी सवार सिपाही ने रोका। जब उसने मोबाइल पर पर्चा दिखाया। जिसके बाद पुलिस ने हिदायत दी। वही दूसरा व्यक्ति आया, उसे रोका तो वह कहने लगा कि मेडिकल पर काम करता। जब पहचान मांगी तो वह बहाने बनाने लगा। जिसके बाद पुलिस ने चेतावनी देकर घर पर बैठने के लिए कहा।


    10 लोग रिक्शे में बैठाए, पुलिस ने सवारी उतारी

    कोरोना काल में भी ई-रिक्शा चालक रूपए कमाने में लगे हुए। लॉकडाउन में ई-रिक्शा वाला वह बस अड्डे से दस सवारी बैठाकर घण्टाघर से जा रहा था। तब पुलिस सिपाही संजीव ने उसे रोक दिया। चालक बहस करने लगा, गुस्से में आकर लाठी फटकारी। रिक्शा में बैठी सवारी को वहीं पर उतरवा दिया। पैदल ही जाने के लिए कहा। रिक्शा वाले से कहा दोबारा लॉकडाउन में रोड पर मत दिखना। वरना खैर नहीं होगी।

    दिल्ली से आ रहे, कोविड रिपोर्ट कहां

    पुलिस ने दो सिपाहियों को घण्टाघर पर रोका। उनसे पूछताछ में पता चला कि वह सीधे दिल्ली से  लम्बा सफर तय कर आ रहे। सिपाही संजीव ने कोविड की निगेटिव रिपोर्ट मांगी। तब उन युवकों ने कहा उन्होंने कोरोना जांच कराई नहीं।  सिपाही ने कहा अब रिश्तेदारों या परिवार में कोरोना बांटने आए हो। अपनी नहीं परिवार की चिंता करो। परिवार से दूर रहकर पहले कोविड टेस्ट कराओ जिससे परिवार सुरक्षित रहे। युवक बोले जांच करा लेंगे। 

    खुद के मास्क लगाया, बच्चे को नहीं:-दो महिलाएं घण्टाघर के पास से गुजरी दिखाई दी। उन्होंने स्वयं तो मास्क लगा रखा था। लेकिन   करीब 2 साल के बच्चे को मास्क नहीं लगाया। पुलिस ने इस नजारे को देखा तो उन्होंने रोककर बच्चे के मास्क लगाने के लिए कहा। खुद तो मास्क लगा लिया, लेकिन बच्चे को सुरक्षा कौन देगा। बुजुर्ग तथा बच्चे  कोरोना लहर की चपेट में जल्दी आ जाते हैं। स्वयं लगाएं, परिवार के लोगों को भी मास्क लगाने की सलाह दें, सोशल डिस्टेंसिग का पालन करे, लॉकडाउन में बेवजह रोड पर न निकलें।

    जीआईसी तिराह पर कटे चालान

    जीआईसी तिराह पर टीआई चन्द्रप्रकाश शुक्ला ने अपने टीम के साथ खड़े होकर चेकिंग अभियान चलाया। कई ई-रिक्शा चालक व बाइक सवारों के 1000 हजार रूपए की चालान किए। ट्रैफिक पुलिस ने हिदायत दी, अगर लॉकडाउन में कोविड नियत तोड़ो या बिना मास्क दोबारा घूमते मिले तो दूसरी बार 10000 हजार का चालान होगा।


    फ़ैयाज़ उद्दीन 

    Initiate News Agency(INA), शाहजहाँपुर

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